रिटायर्ड DGP ओ.पी. सिंह की हरियाणा में फिर एंट्री, एंटी-ड्रग संस्था ‘संकल्प’ का CEO बने
हरियाणा सरकार ने रिटायर्ड DGP ओपी सिंह को नए एंटी-ड्रग संगठन ‘संकल्प’ का CEO नियुक्त किया है, जिसका उद्देश्य पुलिस, स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल और सामाजिक संस्थाओं को जोड़कर नशे के खिलाफ साझा अभियान चलाना है.
Haryana News: हरियाणा सरकार ने रिटायर्ड DGP ओपी सिंह को नए एंटी-ड्रग संगठन, 'संकल्प'का चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) नियुक्त किया गया है. एक सरकारी सूचना के मुताबिक, इसका मकसद पुलिस, हेल्थ, एजुकेशन, स्पोर्ट्स, सोशल जस्टिस और ग्रामीण संगठन को ड्रग्स के गलत इस्तेमाल से लड़ने के लिए एक कॉमन स्ट्रेटेजी में जोड़ना है. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी संगठन के अध्यक्ष होंगे. हरियाणा सरकार ने पहले भी ड्रग्स के गलत इस्तेमाल के खिलाफ एक बड़े कैंपेन पर जोर दिया है, जिसमें पुलिस और पब्लिक की भागीदारी हो.
ओ.पी. सिंह बिहार के रहने वाले हैं और वे 1992 बैच के IPS अधिकारी हैं. उन्होंने हरियाणा में डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (DGP) के तौर पर काम किया और मनोहर लाल सरकार के दौरान स्पेशल एडवाइजर के तौर पर भी काम किया. हरियाणा पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, उन्होंने दिसंबर 2025 के आखिर तक DGP के तौर पर काम किया.
DGP के तौर पर उनके कार्यकाल के दौरान उनके कई बयान विवादित रहे. थार और बुलेट गाड़ियों को लेकर उनके बयान पर भी विवाद हुए थे और उस समय के उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने इसका विरोध किया था.
"संकल्प" के तहत, सरकार का फोकस पहली बार ड्रग्स लेने वालों के मामलों को कम करने पर होगा, खासकर युवाओं में. शुरुआती दौर में 25 साल से कम उम्र के लोगों में हर लाख आबादी पर पहली बार NDPS के दर्ज होने वाले मामलों की संख्या को कम करने का टारगेट है.
इसके अलावा, ड्रग्स की रोकथाम, इलाज, रिहैबिलिटेशन और लोगों की भागीदारी भी इस कैंपेन का हिस्सा होगी. गांवों और शहरी वार्डों को "संकल्प-सर्टिफाइड ड्रग-फ्री" घोषित करने का एक सिस्टम भी प्रपोज किया गया है.
11 विभाग इस कैंपेन का हिस्सा होंगे
इस संगठन में होम, हेल्थ, स्कूल और हायर एजुकेशन, स्पोर्ट्स और यूथ अफेयर्स समेत कुल 11 डिपार्टमेंट शामिल किए गए हैं. संबंधित विभाग के प्रशासनिक सचिव सोसाइटी के मेंबर होंगे, जबकि DGP के अलावा हरियाणा स्टेट नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (HSNCB) को मेंबर सचिव की जिम्मेदारी दी गई है.
"संकल्प" के तहत गांवों, शहरी वार्डों, स्कूलों, कॉलेजों और काम की जगहों पर जागरूकता कैंपेन चलाने का प्लान है. इसमें यूथ क्लब, लोकल असरदार लोग, धार्मिक नेता और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन जैसे ग्रुप शामिल होंगे.
स्कूल और कॉलेज लेवल पर ड्रग्स के गलत इस्तेमाल के नुकसान, ड्रग्स को मना करने की काबिलियत और मेंटल हेल्थ के बारे में जागरूकता को बढ़ावा दिया जाएगा.पंचायतन और शहरी स्थानीय निकाय को भी ड्रग-फ्री सर्टिफिकेशन के लिए टूलकिट और टेक्निकल सपोर्ट दिया जाएगा.
जिला लेवल पर बनी कमेटियां हर महीने स्टेट डैशबोर्ड पर प्रोग्रेस रिपोर्ट जमा करेंगी. चीफ सेक्रेटरी की अध्यक्षता वाली स्टेट नारकोटिक्स कोऑर्डिनेशन सेंटर (NCORD) कमिटी अपनी मीटिंग में 'संकल्प' की प्रोग्रेस का रिव्यू करेगी.
संगठन के लिए एक अलग फंड भी बनाया जाएगा. राज्य सरकार के बजट के अलावा, CSR और केंद्र सरकार से मिलने वाले ग्रांट का इस्तेमाल इस मकसद के लिए किया जाएगा.