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Faridabad News: फरीदाबाद के लोगों के लिए एक जरूरी सूचना है. दरअसल, कई इलाकों में 3 अक्टूबर सुबह 10 बजे से 4 अक्टूबर शाम 4 बजे तक पानी की सप्लाई प्रभावित रहने वाली है. फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (FMDA) की तरफ से इस दौरान रेनीवेल वाटर सप्लाई लाइन नंबर-1 को बंद रखा जाएगा. ये शटडाउन पाइपलाइन को दूसरी जगह शिफ्ट करने और नया कनेक्शन जोड़ने के काम के कारण लिया गया है.
जानकारी के अनुसार, इस समय बल्लभगढ़-सोहना रेलवे ओवरब्रिज को 4 लेन करने का काम तेजी से चल रहा है. इस दौरान रेलवे लाइन के नीचे से गुजर रही पेयजल पाइपलाइन को दूसरी जगह शिफ्ट किया जाना है. इसके लिए नॉर्दर्न रेलवे और सोहना-बल्लभगढ़ रोड के पास पाइपलाइन कनेक्शन का काम किया जाएगा. इस कारण से रेनीवेल लाइन नंबर-1 को करीब 30 घंटे के लिए बंद रखा जाएगा.
पानी की सप्लाई कहां प्रभावित होगी?
शटडाउन के कारण सेक्टर-22, सेक्टर-23, सेक्टर-25, सेक्टर-58, सेक्टर-55, गौंची, शहीद पार्क, जेसीबी चौक, पंचायत भवन, जैन कॉलोनी, भीम बाग, सुभाष कॉलोनी, ऊंचा गांव, मिल्क प्लांट और प्रेम नगर में पानी की सप्लाई प्रभावित रह सकती है. FMDA के चीफ इंजीनियर विशाल बंसल ने लोगों से कहा है कि वो पहले से जरूरत के अनुसार पानी का इंतजाम कर लें. इससे शटडाउन के दौरान लोगों को ज्यादा परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा.
होली चौक से गौंछी ड्रेन तक बनेगा नाला
दूसरी ओर फरीदाबाद के वार्ड-3 में जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए नगर निगम आरसीसी नाले का निर्माण करेगा. ये नाला होली चौक से गौंछी ड्रेन तक बनाया जाएगा. करीब दो फीट चौड़े इस नाले के निर्माण की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं. अगले महीने से काम शुरू होने की संभावना है. इस परियोजना पर करीब 36.98 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे और इसे चार महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. नाला बनने के बाद बारिश के पानी की निकासी बेहतर होने की उम्मीद है.
क्यों लग जाता है घुटनों तक पानी?
वहां के लोगों का कहना है कि, जब भी तेज बारिश होती है. सड़क पर घुटनों तक पानी जमा हो जाता है. इससे पैदल चलने वालों के साथ गाड़ी चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है. कई बार लोगों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ता है. नगर निगम की योजना के तहत नाले के जरिए बारिश का पानी व्यवस्थित तरीके से गौंछी ड्रेन तक पहुंचाया जाएगा. अधिकारियों के अनुसार, निर्माण के दौरान नाले की चौड़ाई और ढलान का ध्यान रखा जाएगा, जिससे पानी का बहाव सही तरीके से हो सके. काम पूरा होने के बाद वार्ड-3 के करीब 10 हजार लोगों को इसका फायदा मिलने की उम्मीद है.