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Panipat News: एशियन गेम्स 2026 में भारतीय पुरुष कबड्डी टीम को स्वर्ण पदक दिलाने वाली टीम के सदस्य और पानीपत के नौलथा गांव निवासी ऑलराउंडर अंकित जागलान का गांव पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया गया. भारतीय सेना में हवलदार के पद पर कार्यरत अंकित के स्वर्णिम प्रदर्शन से परिवार और ग्रामीणों में खुशी का माहौल है.
जापान के नागोया में आयोजित कबड्डी के फाइनल मुकाबले में भारत ने ईरान को हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया. अंकित जागलान ने मुकाबले में शानदार प्रदर्शन कर टीम की जीत में अहम योगदान दिया. दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचने पर भी उनके प्रशंसकों और ग्रामीणों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया.
नौलथा पहुंचने पर हरियाणा के पंचायत मंत्री एवं हरियाणा मेच्योर कबड्डी फेडरेशन के अध्यक्ष कृष्ण लाल पंवार ने अंकित जागलान का स्वागत करते हुए कहा कि अंकित न केवल नौलथा बल्कि पूरे हरियाणा और देश की शान हैं. उन्होंने कहा कि उन्होंने भारतीय टीम के सभी मुकाबले देखे और अंकित का प्रदर्शन एक्सीलेंट रहा. उन्होंने स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय पुरुष एवं महिला टीम के सभी खिलाड़ियों को बधाई दी.
कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी भारतीय टीम के खिलाड़ियों को बधाई दी है. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री से समय लेकर हरियाणा के उन सभी खिलाड़ियों को लेकर उनसे मुलाकात की जाएगी, जिन्होंने भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए एशियन गेम्स में पदक जीते हैं. उन्होंने कहा कि अंकित भविष्य में भी इसी तरह देश और प्रदेश का नाम रोशन करते रहें.
अंकित जागलान ने कहा कि फेडरेशन ने जनवरी से लगातार कैंप लगाकर टीम को तैयार किया था. पूरी टीम ने कड़ी मेहनत की और इसी मेहनत का परिणाम है कि भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतने में सफलता मिली. उन्होंने कहा कि पूरे गांव और मंत्री कृष्ण लाल पंवार का उन्हें लगातार आशीर्वाद और समर्थन मिलता रहा है.
फाइनल मुकाबले को लेकर अंकित ने कहा कि ईरान की टीम सबसे बड़ी चुनौती थी. भारतीय टीम ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए ईरान को हराकर स्वर्ण पदक हासिल किया. उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे नियमित रूप से अभ्यास करें और खेल के माध्यम से देश के लिए पदक जीतने का लक्ष्य रखें.
अंकित ने बताया कि वह भारतीय सेना में कार्यरत हैं और टीम में सेना के तीन खिलाड़ी शामिल थे. कोच ने टीम को प्रेरित करते हुए कहा था कि वे भारत माता के लिए खेलने जा रहे हैं, इसलिए स्वर्ण पदक जीतकर ही लौटना है. उन्होंने बताया कि वह महज 10 वर्ष की उम्र से लगातार कबड्डी का अभ्यास कर रहे हैं.
(पानीपत से राकेश भयाना की रिपोर्ट)