टीवी से डिजिटल तक Zee TV की नई पहल: पुराने नॉन-फिक्शन शोज का फिर लौटेगा दौर, 'जीना इसी का नाम है 2.0' का ऐलान
Zee TV ने 'जीना इसी का नाम है 2.0' के जरिए पुराने हिट नॉन-फिक्शन शोज को फिर से दर्शकों तक पहुंचाने की पहल की है. टीवी और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कई भाषाओं में इन शोज की वापसी होगी. इस कदम से दर्शकों को पसंदीदा शोज नए अंदाज में देखने का मौका मिलेगा.
देश की जानी-मानी कंटेंट और टेक्नोलॉजी कंपनी जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड (Zee) अलग-अलग भाषाओं में अपनी नॉन-फिक्शन प्रोग्रामिंग को और मजबूत करने में जुटी है. इसके लिए कंपनी की नई स्ट्रैटेजी का मुख्य फोकस अलग और बेहतरीन मनोरंजन अनुभव देना है. ताकि पूरा परिवार साथ बैठकर एन्जॉय कर सके. इसके लिए जी अपने कई पुराने और पॉपुलर शोज के साथ-साथ कुछ नए और अनोखे फॉर्मेट्स भी दर्शकों के सामने लाने की तैयारी में है.
हाल ही में जी ने अपना पॉपुलर नॉन-फिक्शन शो 'सा रे गा मा पा' पांच अलग-अलग भाषाओं, जिसमें हिंदी, तमिल, तेलुगु, मराठी और मलयालम में शुरू किया है. साथ ही कंपनी बांग्ला में 'दादगिरी' और मराठी में 'होम मिनिस्टर' जैसे अपने मशहूर रियलिटी शोज के जरिए इन दोनों मार्केट्स में अपनी पकड़ को और मजबूत कर रही है.
'जीना इसी का नाम है 2.0' की वापसी
अपने पुराने और पोपुलर शोज को आगे बढ़ाते हुए जी नॉन-फिक्शन कैटेगरी में सेलिब्रिटी टॉक शो, कुकरी शो, गेम शो और कॉमेडी जैसे कई नए और मजेदार प्रोग्राम जोड़ने जा रहा है. सेलिब्रिटी टॉक शो में आर माधवन के होस्ट किए जाने वाले शो 'जीना इसी का नाम है 2.0' में अलग-अलग फील्ड्स की जानी-मानी हस्तियां नजर आएंगी. इसके अलावा तेलुगु में 'द मेगा मल्टीप्लेक्स' और तमिल में 'लेजेंड्स' भी इसी जॉनर के तहत दिखाए जाएंगे. जबकि कुकरी (कुकिंग) शोज में तेलुगु में 'वारेवा', तमिल में 'समईयल एक्सप्रेसट, मराठी में 'किचन कलाकार' और कन्नड़ में 'ऊगारने डब्बी' शामिल हैं.वहीं, अगर गेम शोज वाली कैटेगरी की बात करें तो, इसमें जी अनमोल पर 'लखपति दीदिया' और जी केरलम पर 'जोड़ी नंबर 1' दर्शकों का मनोरंजन करेंगे.
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कॉमेडी शोज की लिस्ट में जी बांग्ला पर 'मीराक्सेल' और जी मराठी पर 'चला हवा येऊ द्या' का नया सीजन होगा. इसके अलावा कंपनी अपने पुराने और पोपुलर शोज को आज के दर्शकों के हिसाब से नए अंदाज में वापस लाने की तैयारी में है. इसके साथ ही क्षेत्रीय भाषाओं में हिट रहे इन फॉर्मेट्स को देश भर के दर्शकों तक पहुंचाया जाएगा.
Zee Tv और डिजिटल पर देश के अपने शोज पर फोकस
जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड के चीफ कंटेंट ऑफिसर राघवेंद्र हूनसूर ने कहा कि कंपनी अपने पॉपुलर नॉन-फिक्शन शोज और उन देसी फॉर्मेट्स की विरासत को आगे बढ़ा रही है. इससे देश के अलग-अलग भाषाई मार्केट में दर्शकों का खूब प्यार मिला है. उन्होंने कहा, 'फिक्शन ने जी को भारतीय घरों की आदत बना दिया है. वहीं, नॉन-फिक्शन हमें ऐसा बनाता है कि दर्शक हमें छोड़ नहीं सकते. भारत के कई सबसे पसंदीदा नॉन-फिक्शन शोज का जन्म जी पर ही हुआ है और हमारे भाषाई बाजारों ने ऐसे देसी फॉर्मेट्स तैयार किए हैं, जिन्हें दशकों से दर्शकों ने अपना माना है. आज हम उसी विरासत को एक नए अध्याय में लेकर जा रहे हैं.'
हूनसूर ने आगे कहा, 'भारत के देखने का तरीका बदल चुका है. परिवार आज भी बड़े पर्दे के सामने एक साथ बैठते हैं, जबकि बातचीत उनके फोन पर चलती रहती है. हम हर स्क्रीन के लिए अपने खुद के आईपी (IP) तैयार कर रहे हैं. इन्हें बड़े पैमाने पर बनाया गया है, जो इमोशन से जुड़े हैं और जिन्हें सिर्फ देखने के लिए नहीं. बल्कि दर्शकों की भागीदारी के लिए डिजाइन किया गया है. हम आज के दर्शकों के लिए दोबारा तैयार किए गए अपने पसंदीदा देसी फ्रेंचाइजी को वापस ला रहे हैं. साथ ही इसे अपने भाषाई बाजारों में जन्म लेने वाले फॉर्मेट्स को पूरे देश में पहुंचा रहे हैं. हमारी रणनीति ओमनी है, जो टेलीविजन और जी5 के लिए एक साथ बनाई गई, जिसमें जी5 विंडोज डिजिटल दर्शकों को और अधिक तलाशने का मौका देती हैं. हमारा मकसद ऐसे पल बनाना है जिनकी चर्चा पूरा भारत करे और वे फ्रेंचाइजी तैयार करना है जिन पर दर्शक हर साल लौटकर आएं.'
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नॉन-फिक्शन पोर्टफोलियो को मजबूत कर रहा Zee
कंपनी के मुताबिक, उसकी नॉन-फिक्शन स्ट्रैटेजी को फिक्शन प्रोग्रामिंग से मिली बड़ी सफलता का फायदा मिल रहा है. फिक्शन में सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ी कहानियां, दमदार किरदार और अलग-अलग भाषाओं में अनोखा कंटेंट पेश करने पर ध्यान दिया जाता है. जहां फिक्शन रोज दर्शकों को बांधे रखने का काम करता है. जबकि नॉन-फिक्शन की बात करें तो वो दर्शकों को सीधे जोड़ने और लंबे समय तक चलने वाले नए फॉर्मेट्स (IPs) तैयार करने का बेहतरीन मौका देता है.
बता दें कि एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में 30 से भी ज्यादा सालों के अनुभव के साथ 'Zee' ने म्यूजिक, कॉमेडी, गेम शोज और टैलेंट हंट्स जैसी कई फिल्ड में फिक्शन और नॉन-फिक्शन फॉर्मेट्स तैयार किए हैं. कंपनी का कहना है कि इन दोनों हिस्सों में उसकी कंटेंट स्ट्रैटेजी का मकसद देश से दुनिया भर के लिए मनोरंजन के एक नए दौर की शुरुआत करना है.