Zee Entertainment में बड़ा बदलाव, कोमल नाहटा को मिली बड़ी जिम्मेदारी; संभालेंगे फिल्मों के कारोबार की कमान
Zee Entertainment ने अपने फिल्म कारोबार को मजबूत करने के लिए बड़ा बदलाव किया है. कंपनी ने फिल्म ट्रेड एनालिस्ट कोमल नाहटा को क्रिएटिव डायरेक्टर नियुक्त किया है. वह Zee Studios की टीम और फिल्मों की खरीद से जुड़े फैसलों की निगरानी करेंगे.
जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड (Zee Entertainment Enterprises Limited) यानी ZEEL ने अपने फिल्म कारोबार को मजबूत करने के लिए बड़ा बदलाव किया है. कंपनी ने जी स्टूडियोज और फिल्मों के मूवी एक्विजिशन से जुड़े कामकाज के लिए नई रणनीति तैयार की है. दरअसल, फिल्म ट्रेड एनालिस्ट कोमल नाहटा को मूवी बिजनेस का क्रिएटिव डायरेक्टर नियुक्त किया गया है. वह कंपनी के फिल्म कारोबार से जुड़े अहम फैसलों और रणनीति की जिम्मेदारी संभालेंगे.
कंपनी का कहना है कि इस बदलाव का मकसद फिल्मों से जुड़े कामकाज को बेहतर बनाना और फैसले लेने की प्रक्रिया को आसान करना है, जिससे अलग-अलग प्लेटफॉर्म के बीच तालमेल को बढ़ाया जा सके. इसके जरिए ही फिल्मों में होने वाले इन्वेस्टमेंट का बेहतर इस्तेमाल करने और कारोबार को आगे बढ़ाने पर भी जोर रहेगा.
कोमल नाहटा के नेतृत्व में काम करेगी जी स्टूडियोज की टीम
नए स्ट्रक्चर के तहत सूरज सिंह और जी स्टूडियोज की टीम कोमल नाहटा को रिपोर्ट करेगी. इसके अलावा फिल्मों की खरीद और उनसे जुड़े व्यावसायिक फैसलों पर भी उनकी नजर रहेगी. हिंदी के साथ दूसरी भाषाओं की फिल्मों को लेकर भी वह रणनीति बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे.
साथ ही कोमल नाहटा कंपनी की टीम के साथ मिलकर तय करने में मदद करेंगे कि किस तरह की फिल्मों में इन्वेस्ट करना फायदेमंद हो सकता है और दर्शकों की पसंद को ध्यान में रखते हुए फिल्मों का चुनाव कैसे किया जाए. उनका ध्यान थिएटर, टेलीविजन और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर फिल्मों की पहुंच और कमाई बढ़ाने पर रहेगा.
इस रोल में कोमल जी एंटरटेनमेंट के सीईओ पुनीत गोयनका को रिपोर्ट करेंगे. कंपनी का कहना है कि फिल्म बिजनेस से जुड़े फैसलों में क्रिएटिव सोच के साथ व्यावसायिक पहलुओं को भी प्राथमिकता दी जाएगी.
KBC से शुरू हुआ विवाद, अमिताभ बच्चन और दिलजीत दोसांझ से क्यों नाराज हैं खालिस्तानी समर्थक? समझिए पूरा मामला
इस रणनीति पर क्या बोले पुनीत गोयनका?
जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड (Zee Entertainment Enterprises Limited) के सीईओ पुनीत गोयनका ने कोमल नाहटा की नियुक्ति को कंपनी के विकास की दिशा में अहम कदम बताया. उन्होंने कहा, 'बिजनेस को आगे बढ़ाने के लिए एक मजबूत और बेहतर प्रक्रिया तैयार करना जरूरी है. कंपनी फिल्मों में किए जाने वाले इन्वेस्टमेंट से ज्यादा वैल्यू हासिल करना चाहती है. इसके लिए क्रिएटिव समझ और बिजनेस स्ट्रेटजी के बीच बेहतर तालमेल बनाया जाएगा.'
पुनीत गोयनका का कहना है, भारतीय फिल्म इंडस्ट्री की गहरी समझ और इंडस्ट्री में मजबूत संबंध कोमल नाहटा को इस जिम्मेदारी के लिए सही हैं. कंपनी को उम्मीद है कि उनके अनुभव से फिल्मों के कारोबार को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी.
कोमल नाहटा ने बताया वापसी
नई जिम्मेदारी मिलने पर कोमल नाहटा ने कहा कि वह लगभग एक दशक तक जी के ETC चैनल पर पॉपुलर शो 'बॉलीवुड बिजनेस' की मेजबानी कर चुके हैं. ऐसे में कंपनी के साथ दोबारा इस रोल में जुड़ना उनके लिए घर वापसी जैसा है.
उन्होंने कहा कि कंपनी के संस्थापक सुभाष चंद्रा और सीईओ पुनीत गोयनका ने उन पर जो भरोसा जताया है. वह उस पर खरा उतरने की कोशिश करेंगे. नाहटा ने इस जिम्मेदारी को बड़ा मौका बताते हुए कहा कि वह कंपनी की उम्मीदों पर खरा उतरना चाहते हैं.
कोमल नाहटा के पास चार दशक से ज्यादा का अनुभव
बता दें कि फिल्म ट्रेड एनालिस्ट कोमल नाहटा को भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में चार दशक से ज्यादा का अनुभव है. वह फिल्म ट्रेड एनालिस्ट, क्रिटिक्स, पब्लिशर और टीवी होस्ट के तौर पर काम कर चुके हैं. फिल्म बिजनेस, बॉक्स ऑफिस के रुझान और दर्शकों की पसंद को लेकर उनकी समझ को इंडस्ट्री में अहम माना जाता है. वह लंबे समय से प्रकाशित हो रही फिल्म ट्रेड मैगजीन फिल्म इन्फोर्मेशन (Film Information) के पब्लिशर हैं. इसके अलावा उन्होंने ETC चैनल पर 10 साल तक 'बॉलीवुड बिजनेस' शो की मेजबानी की है. वह सिनेमा कैपिटल के एडवाइजरी बोर्ड से भी जुड़े हैं.
टीवी से डिजिटल तक Zee TV की नई पहल: पुराने नॉन-फिक्शन शोज का फिर लौटेगा दौर, 'जीना इसी का नाम है 2.0' का ऐलान
फिल्मों के कारोबार को मजबूत करने की तैयारी
बता दें कि जी एंटरटेनमेंट ने यह कदम ऐसे समय में उठाया, जब कंपनी अपने फिल्म बिजनेस को और भी ज्यादा व्यवस्थित बनाने पर जोर दे रही है. अब इस नए ढांचे के जरिए कंपनी थिएटर, टीवी और डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए फिल्मों के चुनाव और इन्वेस्टमेंट की रणनीति को बेहतर बनाना चाहती है.
कंपनी को यह उम्मीद है कि इससे फिल्मों के मेकिंग, खरीद और डिस्ट्रीब्यूटर से जुड़े विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनेगा. साथ ही निवेश से होने वाली कमाई बढ़ाने और अलग-अलग बाजारों में दर्शकों की पसंद के मुताबिक फिल्मों का पोर्टफोलियो तैयार करने में भी मदद मिलेगी.