Success Story: जिस काम से थी चिढ़, उसी से बनाई करोड़ों की कंपनी; हॉलीवुड में जमाई धाक; अब रामायण से नमित मल्होत्रा की ग्लोबल पहचान
7 लाख रुपये और गैरेज से सफर शुरू करके 8 ऑस्कर अवार्ड जीतने वाले नमित मल्होत्रा अब 4000 करोड़ की फिल्म 'रामायण' बना रहे हैं. जानिए उनकी संघर्ष और सफलता की पूरी कहानी.
जब से रणबीर कपूर की महाकाव्य फिल्म 'रामायण' की घोषणा हुई है, तब से हर तरफ एक ही नाम की चर्चा है नमित मल्होत्रा. 4000 करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट के साथ बन रही इस फिल्म के पीछे आखिर कौन सा दिमाग है? क्या आप जानते हैं कि जिस इंसान की विजुअल इफेक्ट्स कंपनी ने 'अवतार' जैसी हॉलीवुड फिल्मों में काम किया है और 8 ऑस्कर जीते हैं, उसने कभी अपना घर गिरवी रखकर काम शुरू किया था?
रामायण फिल्म का बजट लगभग 4000 करोड़ रुपये बताया जा रहा है. फिल्म में रणबीर कपूर, साईं पल्लवी, यश, रवि दुबे, लारा दत्ता, रकुल प्रीत सिंह, अरुण गोविल और विवेक ओबेरॉय जैसे बड़े सितारे नजर आने वाले हैं. लेकिन इतने बड़े प्रोजेक्ट के पीछे खड़े शख्स नमित मल्होत्रा की पूरी लाइफ स्टोरी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है.
दादाजी ने बनाई थी देश की पहली रंगीन फिल्म
नमित मल्होत्रा का फिल्मी दुनिया से पुराना रिश्ता है. उनके दादाजी एमएन मल्होत्रा इंडस्ट्री के जाने-माने कैमरामैन थे. उन्होंने ही भारत की पहली कलर फिल्म 'झांसी की रानी' को शूट किया था. इसके बाद उनके पिता नरेश मल्होत्रा ने भी कई फिल्में प्रोड्यूस कीं, जिनमें अमिताभ बच्चन की मशहूर फिल्म 'शहंशाह' भी शामिल थी. ऐसे माहौल में बड़े हुए नमित का सपना भी हमेशा से फिल्में बनाने का ही था. नमित मल्होत्रा ने करीब 15 साल पहले ईटीसी चैनल पर कोमल नाहटा को दिए एक इंटरव्यू में अपनी शुरुआती लाइफ और फैमिली बैकग्राउंड के बारे में खुलकर बात की थी.
जब कंप्यूटर और पढ़ाई से होती थी नफरत
नमित जब 18 साल के हुए तो उनके पिता ने उनसे करियर के बारे में पूछा. नमित को पढ़ने-लिखने का बिल्कुल शौक नहीं था. उन्होंने अपने पिता से साफ कह दिया कि वो दो काम कभी नहीं करेंगे- पहला पिता का बिजनेस और दूसरा कंप्यूटर का काम. नमित असल में डायरेक्टर बनना चाहते थे, इसलिए उन्होंने वो दोनों रास्ते बंद करने की कोशिश की जो उनके पिता उन्हें सुझा सकते थे. लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था.
एक फ्लाइट की मुलाकात ने बदल दी जिंदगी
एक बार नमित अपने पिता के दोस्त के साथ फ्लाइट में सफर कर रहे थे. जब उस दोस्त ने पूछा कि वो क्या करना चाहते हैं, तो नमित ने कहा कि वो डायरेक्टर बनना चाहते हैं पर उनके पिता कंप्यूटर ग्राफिक्स सीखने की सलाह दे रहे हैं. उस दोस्त ने नमित को समझाया कि कंप्यूटर ग्राफिक्स भी तो फिल्में बनाने जैसा ही काम है. बस यह बात नमित के दिमाग में बैठ गई. उन्होंने 3 महीने का एक कंप्यूटर ग्राफिक्स कोर्स जॉइन कर लिया, हालांकि उन्हें ड्राइंग बिल्कुल नहीं आती थी.
गैरेज से शुरू हुई 7 लाख की कंपनी
कोर्स के दौरान नमित को समझ आ गया कि वो शॉर्टकट में विश्वास रखते हैं. उन्होंने अपने उन्हीं टीचर्स को साथ लिया जिन्होंने उन्हें ग्राफिक्स सिखाया था. 19 साल के नमित ने अपने 21 साल के टीचर्स के साथ मिलकर एक गैरेज में कंपनी शुरू की. कुल मिलाकर 7 लाख रुपये का इंवेस्टमेंट था. कुछ पैसे पिता ने दिए और बाकी बैंक से लोन लिया गया. अनुभव किसी के पास नहीं था, लेकिन विजन बहुत बड़ा था. धीरे-धीरे काम बढ़ा और उन्होंने उसी बिल्डिंग में अपार्टमेंट किराए पर लेकर अपना स्टूडियो खड़ा कर दिया.
जब घर गिरवी रखकर लिया 2 करोड़ का लोन
साल 1997 में बिजनेस को बड़ा करने के लिए बड़े फंड की जरूरत थी. उस वक्त नमित की कंपनी का टर्नओवर 75 लाख रुपये था और उन्होंने 2 करोड़ रुपये का बैंक लोन लेने का फैसला किया. इसके लिए उनके पिता ने बिना किसी हिचकिचाहट के अपना घर गिरवी रख दिया. नमित कहते हैं कि अगर वो टेक्नोलॉजी फेल हो जाती तो उनका परिवार पूरी तरह सड़क पर आ जाता. लेकिन नमित के पिता को अपने बेटे के विजन पर पूरा भरोसा था.
चाय वाले को बनाया कंपनी का टॉप टेक्नीशियन
नमित की कंपनी की सबसे खास बात यह रही कि उन्होंने कभी डिग्री देखकर लोगों को नौकरी पर नहीं रखा. वो हमेशा काम के प्रति लगन और टैलेंट को देखते थे. नमित बताते हैं कि उनकी कंपनी में जो लड़का शुरुआत में सभी को चाय डिलीवर करता था, उसने काम सीखा और आज वो कंपनी के सबसे रिस्पेक्टेड और टॉप क्रिएटिव टेक्नीशियन्स में से एक है.
8 ऑस्कर से लेकर 4000 करोड़ की रामायण तक
पिछले तीन दशकों में नमित मल्होत्रा की विजुअल इफेक्ट्स कंपनी 'प्राइम फोकस' ने हॉलीवुड में अपनी धाक जमाई है. 'अवतार' जैसी बड़ी फिल्मों में काम करने से लेकर 8 ऑस्कर अवॉर्ड्स जीतने तक, नमित ने वो सब हासिल किया जिसका उन्होंने सपना देखा था. इसी अनुभव और आत्मविश्वास के दम पर आज वो भारत की सबसे महत्वाकांक्षी फिल्म 'रामायण' का निर्माण कर रहे हैं, जो 5 नवंबर को सिनेमाघरों में दस्तक देने के लिए तैयार है.