टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में पुलिस का एक्शन, सभी 11 आरोपियों पर MCOCA; अब जेल से निकलना आसान नहीं
टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में पुलिस ने बड़ा कदम उठाते हुए सभी 11 आरोपियों के खिलाफ MCOCA लगाया है. इस कार्रवाई के बाद आरोपियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं और जमानत मिलने में भी अड़चन आ सकती है. आखिर इस कानून का मामले पर क्या असर पड़ेगा?
मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 18 अक्टूबर को जुहू में एक्टर टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग के मामले में अब तक गिरफ्तार किए गए 11 लोगों के खिलाफ 'महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गेनाइज्ड क्राइम एक्ट' (MCOCA) लगाया है. इस कदम से आरोपियों के लिए जमानत पाना काफी मुश्किल हो गया है.
पुलिस ने इसी कानून का इस्तेमाल उन अन्य मामलों में भी किया है, जो कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग के इशारे पर अंजाम दिए गए थे. इनमें 2024 में सलमान खान के घर के बाहर हुई फायरिंग और उसी साल NCP नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या और इस साल की शुरुआत में फिल्म निर्माता रोहित शेट्टी के घर के बाहर हुई फायरिंग शामिल हैं. इन मामलों में शामिल लगभग 40 आरोपियों में से एक को छोड़कर बाकी सभी अभी भी जेल में हैं.
जुहू के एक फुटबॉल मैदान से निकलते समय टाइगर की कार पर दो हमलावरों ने पांच गोलियां चलाईं. इस हमले में टाइगर बाल-बाल बच गए. उनके ड्राइवर और एक ऑटो रिक्शा चालक घायल हो गए. बिश्नोई गिरोह ने इस घटना की जिम्मेदारी ली है.
क्या होता है MCOCA?
इस कानून के तहत कोर्ट तभी जमानत दे सकती है जब उसे यकीन हो जाए कि आरोपी के निर्दोष होने के ठोस आधार मौजूद हैं. पुलिस को चार्जशीट दाखिल करने के लिए 90 दिन के बजाय 180 दिन का समय मिलता है, और वे लंबी पुलिस कस्टडी की मांग भी कर सकते हैं. DCP रैंक के अधिकारी के सामने दर्ज किए गए कबूलनामे को सबूत के तौर पर स्वीकार किया जा सकता है. सामान्य आपराधिक कानून के तहत केवल मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज किए गए कबूलनामे ही मान्य होते हैं.
DCP (क्राइम) राज तिलक रौशन ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि पुलिस ने धारा 3(1)(ii) लगाया है. इसमें ऐसे संगठित अपराध के लिए सजा का प्रावधान है जिसमें किसी की मौत नहीं हुई हो. जबकि धारा 3(2) जो संगठित अपराध में मदद करने से जुड़ी है और धारा 3(4) जो किसी संगठित अपराध गिरोह का सदस्य होने से संबंधित है, इन्हें लागू किया है. उन्होंने कहा कि सक्षम प्राधिकारी से जरूरी अनुमति ले ली गई है.
गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों को बुधवार को स्पेशल MCOCA कोर्ट के सामने पेश किया जाएगा, जहां पुलिस उनकी कस्टडी की मांग करेगी. आधिकारिक बयान के अनुसार, DCB CID CR नंबर 143/26 में कुछ और धाराएं जोड़ी गई हैं. यह मामला 19 अक्टूबर को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 109(1) और 3(5), तथा आर्म्स एक्ट की धाराओं 3 और 25 के तहत दर्ज किया गया था.
MCOCA लागू करने के लिए पुलिस को यह साबित करना होता है कि किसी संगठित अपराध गिरोह ने आर्थिक लाभ के लिए काम किया है. उस गिरोह के किसी सदस्य के खिलाफ पहले से कम से कम दो चार्जशीट दाखिल की जा चुकी हैं. पुलिस ने अनिल पंडित को एक वांछित आरोपी के रूप में नामजद किया है. उस पर देश के अन्य हिस्सों में भी मामले दर्ज हैं और आशंका है कि वह अमेरिका में है. गिरफ्तार किए गए 11 लोगों में से तीन को राजस्थान के कोटा में और बाकी को दिल्ली और हरियाणा में पकड़ा गया. फिलहाल, सभी पुलिस हिरासत में हैं.
टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले पर क्या बोले मंत्री प्रताप सरनाईक?
इस बीच महाराष्ट्र के मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा कि इस घटना को देखते हुए बाइक टैक्सी से जुड़े नियमों को और सख्त किया जाएगा. आरोपी पहले रैपिडो (Rapido) ड्राइवर के तौर पर काम कर चुका था. हालांकि, फायरिंग के समय आरोपी रैपिडो ड्राइवर के तौर पर काम नहीं कर रहा था. मंत्री ने बताया कि रैपिडो के अनुसार, वह पहले कंपनी के साथ ड्राइवर के तौर पर जुड़ा था. लेकिन घटना के समय वह कंपनी का कर्मचारी नहीं था. कंपनी ने इस संबंध में एक पत्र भी सौंपा है.
टाइगर श्रॉफ पर हुई फायरिंग की घटना के बारे में
पुलिस के मुताबिक, 18 अक्टूबर की शाम को मुंबई के जुहू इलाके में अज्ञात बंदूकधारियों ने बॉलीवुड एक्टर टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर फायरिंग कर दी. इस घटना में उनका ड्राइवर और दो अन्य लोग घायल हो गए. यह घटना पश्चिमी उपनगर के जुहू पुलिस स्टेशन क्षेत्र में पुष्पा पार्क के पास हुई. पुलिस अधिकारी के मुताबिक, जांचकर्ता इस बात का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि फायरिंग से पहले क्या-क्या हुआ था.
टाइगर श्रॉफ सुरक्षित हैं और उन्हें गोली नहीं लगी है. अधिकारी ने फिर से साफ किया, 'टाइगर श्रॉफ सुरक्षित हैं और फायरिंग की इस घटना में उन्हें कोई चोट नहीं आई है.' खबरों के मुताबिक, एक्टर खेल कर लौट रहे थे, तभी यह फायरिंग हुई. इस घटना में उनका ड्राइवर घायल हो गया और बताया जा रहा है कि घायलों में एक ऑटो-रिक्शा चालक भी शामिल है.