एक्सक्लूसिव इंटरव्यू: '1999 में रिश्ता तोड़ा, फिर भी पीछा नहीं छोड़ा', सोमी अली ने सलमान खान को लेकर दिए कई बयान
पूर्व बॉलीवुड अभिनेत्री सोमी अली ने एक इंटरव्यू में सलमान खान, बॉलीवुड के डार्क सीक्रेट्स, 'बीइंग ह्यूमन' के पीछे की सच्चाई और अंडरवर्ल्ड के कॉल्स को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. जानिए पूरी कहानी.
पूर्व अभिनेत्री सोमी अली ने जी न्यूज को दिए अपने एक बेबाक इंटरव्यू में बॉलीवुड और अपनी निजी जिंदगी से जुड़े कई ऐसे सच उजागर किए, जिन्हें सुनकर हर कोई हैरान है. सलमान खान के साथ अपने पुराने रिश्ते, कम उम्र में भारत आने की वजह और उनके परिवार के माहौल पर बात करते हुए सोमी ने कई व्यक्तिगत खुलासे किए हैं. इसके साथ ही, उन्होंने अपनी संस्था के आइडिया से बने 'बीइंग ह्यूमन' ब्रांड की हकीकत, अमेरिका में अपने शो को कानूनी नोटिस के जरिए बैन करवाने के आरोपों और दिव्या भारती के जरिए समझे अंडरवर्ल्ड के दबाव पर खुलकर अपनी राय रखी है. तनुश्री दत्ता, परवीन बाबी और सुशांत सिंह राजपूत जैसे मामलों का जिक्र करते हुए उन्होंने बॉलीवुड के कैंप कल्चर और बॉयकॉट की कड़वी सच्चाई भी बयान की है. बिना किसी झिझक के दिए गए इस इंटरव्यू में सोमी अली ने इंडस्ट्री के पावर डायनेमिक्स और अपने संघर्षों का एक पारदर्शी और बेबाक रूप पेश किया है. चलिए देखते हैं कि जी न्यूज को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में सोमी अली ने क्या-क्या कहा?
रिपोर्टर: आप मुझे एक बात बताइए सोमी कि पीछे आपकी खिड़की और वॉल पर देख पा रही हूं ओम और अल्लाह दोनों ही नजर आ रहे हैं. क्या खूबसूरत दृश्य नजर आ रहा है. आप बताइए कि आपका हिंदूइज्म में कैसे इंटरेस्ट बढ़ा? क्या हैं वो वजहें जिससे आप हिंदूइज्म में इतना बिलीव करती हैं?
सोमी अली: मेरे ग्रैंडफादर, वो हिंदू थे और दादी मुस्लिम थीं. मेरे पिता बॉम्बे में पैदा हुए थे, क्योंकि उस वक्त पाकिस्तान तो था नहीं. तो जब पार्टीशन हुआ तो दादी घबराकर मेरे पिताजी को लेकर पाकिस्तान चली गईं, क्योंकि उस वक्त इतनी लड़ाइयां चल रही थीं. हमारा आधा साइड दादाजी की तरफ से हिंदू से था और मेरा आधा साइड मेरी दादी की तरफ से मुस्लिम से संबंधित था और मेरी मम्मी इराक से थीं, तो वो मिडिल ईस्टर्न हैं. इसके अलावा, मैंने सलमान के घर सारे मजहब को एक साथ देखा और सीखा, क्योंकि सलमान महाराष्ट्रीयन हैं और सलीम अंकल मुस्लिम हैं. उस दौरान (साल 1991) जब मैं वहां रहती थी उनके घर में, मलाइका और अमृता वो क्रिश्चियन हैं, सीमा हिंदू हैं, सोहेल और अरबाज मुस्लिम हैं, तो मैं... मैंने ये सारा उनके घर से सीखा. इतनी अच्छी अपब्रिंगिंग कह लें, क्योंकि उस वक्त मैं 16 साल की थी. इतनी अच्छी अपब्रिंगिंग मुझे उनके घर से मिली. उनके घर में कुरान, भगवद्गीता, बाइबल, हर चीज थी. मैं कहूंगी कि सलीम अंकल जब शाम में खिड़की के बराबर में बैठते थे और ड्रिंक करते थे, तो मैं उनकी नॉन-ड्रिंकिंग पार्टनर हुआ करती थी. मैं उनके साथ बैठकर इंदौर की पूरी कहानियां सुनती थी, शोले की और सारे किस्से... मुझे सुनने में बहुत मजा आता था. उनके अलावा, मुझे सलमा आंटी से बढ़ के दुनिया में अच्छी मां मैंने आज तक नहीं देखी कभी भी. सलमान जितनी सलमा आंटी की इज्जत करते हैं, मैं आपको बता नहीं सकती हूं.
रिपोर्टर: सलमान खान की फैमिली में एंट्री कैसे हुई थी?
सोमी अली: पहली बार मैं तब गई थी, जब सलमान ने मुझे अपने घर पर बुलाया था. वो अपनी होम प्रोडक्शन फिल्म 'बुलंद' कर रहे थे. तो मैं सलीम अंकल से मिलने गई थी और मुझे लगा कि सलमान भी वहां होंगे, मगर वहां अरबाज थे. मैंने सलीम अंकल को गौतम राजाध्यक्ष के फोटो शूट की तस्वीरें दिखाईं, तो उन्होंने कहा कि इसकी शक्ल जीनत अमान और परवीन बाबी से बहुत रिजेंबल करती है. बहुत वेस्टर्न लुक है, चीकबोन जो भी है. मगर इसको हमें किशोर नमित कपूर के एक्टिंग स्कूल में डालना है, क्योंकि हम अपनी होम प्रोडक्शन फिल्म 'बुलंद' नेपाल (काठमांडू) में जाकर शूट कर रहे हैं. तो सलीम अंकल और सलमा आंटी के साथ वो मेरी पहली मुलाकात थी.
रिपोर्टर: पहली बार आप सलमान खान से कब मिलीं?
सोमी अली: हम लोग नेपाल जा रहे थे और जहाज में थे. वो जहाज में थोड़ी अलग साइड पे बैठे थे, फिर बराबर में मेरे पास आकर बैठे और उन्होंने कहा, "आप ठीक हो? सब ठीक है? आर यू कम्फर्टेबल? इज एवरीथिंग ओके?" तो मैंने कहा, "जी बिल्कुल, सब ठीक है." मैंने कहा, "एक्चुअली मैं यहां इंडिया आपसे शादी करने आई हूं और देखिए, मैं अपने वॉलेट में आपकी तस्वीर लेकर आई हूं क्योंकि मुझे नहीं पता था कि मैं आपको पहचानूंगी कैसे? मुझे नहीं पता था कि बिलबोर्ड्स पर हर जगह आपकी तस्वीर लगी हुई है." मैं 16 साल की थी, तो मतलब अक्ल बिल्कुल नहीं थी. तो वो हंसने लगे. फिर उन्होंने कहा, "दैट्स वेरी स्वीट, मगर यू नो आई हैव अ गर्लफ्रेंड एंड वी आर अबाउट टू गेट मैरिड. (मगर आपको मालूम होना चाहिए कि मेरी एक गर्लफ्रेंड है और हम जल्द ही शादी करने वाले हैं.)" तो मैंने कहा कि...
रिपोर्टर: कौन थी वो? संगीता?
सोमी अली: जी, संगीता. उस वक्त एक टीनएज के रूप में मैं उनके किरदार से प्रभावित हो गई थी और उनके प्यार में पड़ गई थी और वो मेरे क्रश बन गए थे. फिर मुझे सपना आया था कि अल्लाह ने कहा कि अमेरिका से इंडिया जाओ और सलमान खान के साथ जाकर शादी करो. तो मैंने कहा कि नहीं-नहीं, उससे कुछ फर्क नहीं पड़ता है क्योंकि मुझे अल्लाह की तरफ से सपना आया था कि मुझे अमेरिका से इंडिया आना है और आपके साथ मेरी शादी होगी. तो आपकी गर्लफ्रेंड भी है, तो उससे कुछ नहीं होता है, किस्मत जो है वो आप देखिएगा बदल जाएगी.
फिर मैं मिली और तीन साल उनके घर में रही. मुझे जो भी फिल्में मिलीं, अपने बलबूते पर मिली, मेरी मेरिट और प्रतिभा के बल पर मिलीं. सलमान ने मुझे आज तक कभी कोई फिल्म के लिए रिकमेंड नहीं किया, लेकिन सलमान एनकरेज बहुत करते थे. साथ में डांटते भी बहुत थे. मगर इत्तेफाक से मुझे फिल्में मिलती गईं, तो मैंने कहा कि अब जब मिल रही हैं तो कर लो, क्योंकि जब फिल्म करोगी तो सलमान के साथ रहने को मिलेगा. मगर इत्तेफाक से जब रिलेशनशिप में दाग आ गया, तो फिर माइंडसेट थोड़ा बदलना शुरू हो गया. 17-18 साल की उम्र में मैं समझने लगी कि ये मैंने बहुत बड़ी गलती कर दी.
रिपोर्टर: आपने यह भी मेंशन किया था कि बिश्नोई बॉलीवुड के दाउद हैं. यह आपने एक एएमए (अमेरिकन म्यूजिक अवार्ड) में बोला था?
सोमी अली: मुझे लगता है शायद मेरे मुंह से गलत निकल गया था. क्योंकि बिश्नोई के बारे में मैंने तो डिटेल में रिसर्च किया है, और वो तो बहुत एनवायरनमेंटलिस्ट (पर्यावरणविद) लोग हैं.
रिपोर्टर: अभी हाल ही में सलमान का एक वीडियो वायरल हुआ है, जहां वे बहुत बूढ़े दिख रहे हैं, फैंस भी उनकी सेहत को लेकर बहुत चिंतित हैं. क्या आपने वो वीडियो देखा जहां वे बहुत बूढ़े, बहुत कमजोर दिख रहे हैं? इस पर आपका क्या कहना है?
सोमी अली: मैंने वीडियो नहीं देखा, मैंने तस्वीर देखी है. और मुझे नहीं लगता कि वो इतने बूढ़े हो गए हैं. मैं उम्र के आधार पर भेदभाव करने वाली बिल्कुल नहीं हूं और मैं उम्र के भेदभाव के बहुत खिलाफ हूं. अभी मैंने गोविंदा के लिए भी बोला है और उनका काफी बचाव किया है. मैं इन चीजों के बहुत खिलाफ हूं. हम सबकी उम्र बढ़ती है. चाहे आप जितना भी बोटोक्स और प्लास्टिक सर्जरी करा लें, हम सबको 70, 80, 90 साल की उम्र में जाना ही है.
रिपोर्टर: गोविंदा और सुनीता के बीच जो हो रहा है, उस पर आपकी क्या राय है?
सोमी अली: देखिए, मैंने सुनीता और गोविंदा की पर्सनल लाइफ पर कमेंट नहीं किया. अगर आप मेरा इंस्टाग्राम पोस्ट पढ़ें, तो मुझे उनकी पर्सनल, उनकी निजी ज़िंदगी के बारे में कोई इंटरेस्ट नहीं है, ना मुझे कुछ लेना-देना है, ना मेरा कोई हक बनता है कि मैं उसमें इंटरफेयर करूं. अगर वो दोनों साथ रह रहे हैं तो अच्छी बात है, मगर प्यार होना चाहिए.
रिपोर्टर: क्या आप बॉलीवुड में कमबैक करना चाहती हैं?
सोमी अली: नहीं, बिल्कुल नहीं. मुझे कोई रुचि नहीं है.
रिपोर्टर: आपकी एक डॉक्यूमेंट्री भी बनी थी, जो रुक गई थी. रिपोर्ट्स ने कहा गया कि वो सलमान की वजह से हुई थी, उस पर क्या कहना है आपका?
सोमी अली: वो एक रियलिटी शो था. डिस्कवरी प्लस और अमेजन प्राइम पर जाना था, उसका नाम था 'फाइट और फ्लाइट'. हमने तीन साल का कॉन्ट्रैक्ट साइन किया था और वो मेरी एनजीओ 'नो मोर टियर्स' के ऊपर था. जब हमने एक साल तक शूटिंग कर ली, तो सलमान ने एक वकील की तरफ से डिस्कवरी प्लस को एक लेटर भिजवाया. एक साल शूटिंग करने के बाद उन्होंने कहा कि इसको सीज एंड डिसिस्ट करो, यानी इसको बैन करो. क्योंकि दूसरे एपिसोड में उन्होंने मुझसे पूछा था कि क्या आप कभी फिजिकली और वर्बली एब्यूज हुई हैं, तो मैंने कहा, "जी हां, 8 साल तक एक बॉलीवुड एक्टर के साथ." नाम नहीं लिया था, हमें नाम लेने की इजाजत नहीं थी.
तो सलमान को जब इसका पता चला, तो उन्होंने अमेरिका में एक अमेरिकन वकील हायर किया, जिन्होंने स्टॉर्मी डेनियल्स के मामले में ट्रंप को रिप्रेजेंट किया था. तो उनको हायर किया और सीज एंड डिसिस्ट लेटर भिजवाया डिस्कवरी प्लस और अमेजन प्राइम को, और हमारा शो बैन हो गया.
एक हद होती है यार कि अब तो पीछा छोड़ दो! 1999 में हम आपसे रिश्ता तोड़कर वापस अमेरिका आ गए. और आपने उस सबके ऊपर पानी फेर दिया, लोगों से यह कहकर कि ये पागल है, मेंटल है, ड्रग्स करती है, अल्कोहल पीती है, इसको कैंसर है. बिना सिर-पैर की उल्टी-सीधी बातें. लोगों को मुझसे बात बंद करने के लिए कहा, क्योंकि सलमान लोगों को फिल्में दिलाते हैं. सलमान से लोग बहुत डरते हैं, उनके बहुत कनेक्शंस हैं.
रिपोर्टर: और कौन थे ये दोस्त, जिन्होंने आपको बिल्कुल डिसओन कर दिया? कौन थे ये दोस्त?
सोमी अली: सुनील शेट्टी, चंकी पांडे, मनीषा कोइराला, रवीना टंडन, तब्बू... सारे लोग! मैंने जिनसे भी संपर्क करने की कोशिश की, उनमें से सिर्फ मनीषा ने मुझसे दो बार बात की और उसके बाद वो भी गायब हो गईं.
रिपोर्टर: यह जो 'बॉयकॉट' है, इसके बारे में प्रियंका चोपड़ा ने भी हमेशा बोला है.
सोमी अली: यह तो बहुत पहले से चला आ रहा है कि "इससे बात मत करो" और गुटबाजी तो कब से चली आ रही है. संजू का अलग गुट है, सलमान का अलग गुट है, शाहरुख का अलग गुट है, आमिर का अलग गुट है.
रिपोर्टर: क्या आपके दिल में कंगना रनौत के लिए सम्मान है?
सोमी अली: पहले हुआ करता था. शुरू-शुरू में तो मैं बहुत खुश हुई थी. मैंने उनकी फिल्म 'क्वीन' देखने के बाद उन्हें मैसेज भी किया था. उसके बाद मैंने किसी और बात पर फिर उन्हें मैसेज किया, तो उन्होंने मुझे कोई जवाब नहीं दिया. उस वक्त तक वे पॉलिटिशियन बन चुकी थीं, तो मुझे लगा कि वे शायद व्यस्त होंगी क्योंकि वे एक राजनीतिज्ञ हैं.
रिपोर्टर: अच्छा, यह जो 'बीइंग ह्यूमन' का टाइटल था, यह भी तो आपकी ही तरफ से आया था?
सोमी अली: जी.
रिपोर्टर: क्या आपने 'ह्यूमन बीइंग' बोला था और सलमान ने उसे बदलकर 'बीइंग ह्यूमन' कर दिया था?
सोमी अली: मैंने अपनी संस्था 'नो मोर टियर्स' के लिए टी-शर्ट डिजाइन करना शुरू किया था. मेरी पहली टी-शर्ट थी 'ह्यूमन बीइंग', जिसमें सभी धर्मों के अलग-अलग प्रतीक थे, ऊपर 'ह्यूमन' लिखा था और नीचे 'बीइंग'. तो सलमान ने 'ह्यूमन बीइंग' को बदलकर 'बीइंग ह्यूमन' अपनी परोपकारी संस्था (चैरिटी/एनजीओ) का नाम रख दिया.
रिपोर्टर: आपको 20 साल हो गए इस इंडस्ट्री में. क्या हैं वो डार्क सीक्रेट्स जो न्यूकमर्स को जरूर पता होने चाहिए?
सोमी अली: देखिए, मैं 1990 से 1999 तक भारत और बॉलीवुड में थी. उस समय मुझे दिव्या भारती ने समझाया कि अंडरवर्ल्ड क्या होता है, क्योंकि 'आंदोलन' फिल्म के दौरान दिव्या और मेरी दोस्ती हो गई थी. मुझे नहीं पता था कि अंडरवर्ल्ड क्या होता है, तो उसने मुझे अमेरिकी नजरिये से समझाया, जैसे इटैलियन माफिया होता है. तो मैंने पूछा, "तो ये लोग क्या करते हैं?" तो दिव्या ने मुझे बताया कि ये लोग निर्माताओं पर दबाव बनाते हैं कि इसी अभिनेत्री को लो या इसी अभिनेता को लो. वे इतना दबाव बनाते हैं कि निर्माताओं के पास कोई दूसरा रास्ता ही नहीं बचता, उन्हें वही करना पड़ता है. और फिर वे अभिनेत्रियों को दुबई बुलाते हैं और उन्हें जबरदस्ती वहां एक रात गुजारनी पड़ती है. यह सब मुझे दिव्या ने समझाया था, मुझे पहले से नहीं पता था. उसके बाद हमने उसे खो दिया. मैं उसके अंतिम संस्कार में भी गई थी, मुझे तो यकीन ही नहीं हो रहा था.
रिपोर्टर: लेकिन दिव्या के बारे में तो सब यही जानते हैं कि वे बालकनी से गिर गई थीं. क्या यह सच है?
सोमी अली: मैं इसके बारे में अभी नहीं बोल सकती हूं.
रिपोर्टर: क्या आपको खुद कभी ऐसा कोई कॉल आया था?
सोमी अली: सलमान के कमरे में हमारी लैंडलाइन थी, तो एक कॉल आया था. एक आदमी ने फोन किया और बहुत बदतमीजी से कहा, "भाई को फोन दो."
मैंने कहा, "आप कौन बोल रहे हैं?"
तो वह बोला, "भाई को फोन दो."
मैंने कहा, "देखिए, भाई नहीं हैं. सलमान इस वक्त घर पर नहीं हैं, आप कौन बोल रहे हैं?"
तो उसने कहा, "बोल देना भाई को कि सोमी अली को हम उठाकर ले जाएंगे."
मैंने फिर पूछा, "आप कौन बोल रहे हैं?"
तो उसने कहा, "बोल देना छोटा शकील का फोन था." छोटा शकील या छोटा सलीम... उन्हीं का कोई आदमी था, दोनों एक ही बात हैं. फिर बाद में सलमान ने कहा, "मैं संभाल लूंगा, तुम चिंता मत करो." तो उसके बाद कोई फोन नहीं आया, बस वही एक हादसा था.
अब आप तनुश्री दत्ता को ही देख लीजिए, उनका क्या हाल हुआ? उस फिल्म इंडस्ट्री में बहुत अन्याय होता है. मीना कुमारी के साथ क्या हुआ? परवीन बाबी के साथ क्या हुआ- 1976 में 'टाइम' मैगजीन के कवर पर आने वाली पहली भारतीय महिला, जो चार दिन बाद मृत पाई गईं. महेश भट्ट, कबीर बेदी, डैनी... इन तीनों में से किसी ने उनकी मदद नहीं की. चार दिन तक उनके पेट में खाना नहीं था, बाएं पैर में सड़न हो चुकी थी और बाहर दरवाजे पर दूधवाला दूध की थैलियां रख रहा था. सोचिए, उस औरत का क्या रुतबा और हैसियत थी, और उनका अंत क्या हुआ! सुशांत सिंह राजपूत का भी हमें आज तक नहीं पता कि क्या हुआ. मेरी अंतरात्मा कहती है कि उन्होंने आत्महत्या नहीं की थी.
रिपोर्टर: क्या सलमान खान के साथ कभी भी पैचअप नहीं हो सकता?
सोमी अली: नहीं, मुझे उनके साथ सुलह करने में बिल्कुल भी कोई दिलचस्पी नहीं है. क्योंकि जब मैंने उन्हें छोड़ा था, तब उन्होंने मुझसे कहा था कि तुम मेरे बिना एक सिक्के के बराबर भी नहीं हो, मेरे नाम से जुड़े बिना तुम्हारी कोई कीमत नहीं है."