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Shekhar Suman Interview ZEE News: बॉलीवुड के 'संजू बाबा' यानी संजय दत्त एक बार फिर सुर्खियों में हैं. वजह कोई नई फिल्म नहीं बल्कि उनका एक बयान है, जो उन्होंने शेखर सुमन के शो पर दिया था. संजय दत्त ने बातचीत के दौरान कहा था कि उन्हें आजकल देश में वो शांति नजर नहीं आती जो पहले हुआ करती थी. बस फिर क्या था, सोशल मीडिया पर ट्रोलर्स की टोली सक्रिय हो गई और देखते ही देखते संजू बाबा को निशाने पर ले लिया गया. लोग उन्हें बिना सोचे-समझे ट्रोल करने लगे और बातें यहां तक पहुंच गईं कि संजय दत्त देश विरोधी बातें कर रहे हैं. इस पूरे मामले को तूल पकड़ता देख अब शेखर सुमन ने ZEE मीडिया से खास बातचीत में इस विवाद की पूरी सच्चाई बताई है. शेखर सुमन ने साफ कहा कि संजू की बात को जबरदस्ती तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा रहा है.
ZEE मीडिया से बात करते हुए शेखर सुमन ने संजय दत्त के बयान का बचाव किया और ट्रोलर्स को आड़े हाथों लिया. शेखर सुमन ने कहा कि संजू ने जो कहा था वो बहुत ही सीधा और सिंपल सा बयान था. उन्होंने कहा कि आजकल हमारे आसपास जो माहौल बन गया है, जगह-जगह प्रोटेस्ट हो रहे हैं, लड़ाई-झगड़े और मार-पीट की खबरें आ रही हैं, संजू बस उससे परेशान थे. रोड रेज की घटनाएं बढ़ गई हैं, मेट्रो में कोई किसी की मदद नहीं करता, न्यूज और सोशल मीडिया पर हर वक्त लोग आपस में उलझे रहते हैं. संजू बाबा ने बस इसी बात पर अपनी चिंता जताई थी कि पहले जैसी शांति वापस आ जानी चाहिए. इसमें गलत क्या है? क्या अपने देश में शांति की दुआ मांगना कोई अपराध हो गया है?
शेखर सुमन ने संजय दत्त की पर्सनालिटी के बारे में बात करते हुए कहा कि वे बहुत ही पॉजिटिव और साफ दिल के इंसान हैं. शेखर सुमन के मुताबिक संजू एक सच्चे देशभक्त और शिव भक्त हैं. उन्होंने कभी यह नहीं कहा कि वे देश में असुरक्षित महसूस कर रहे हैं या उन्हें यह देश छोड़ना है. यह सब बातें लोगों ने अपनी तरफ से बना ली हैं ताकि उन्हें जबरदस्ती गुनहगार ठहराया जा सके. उन्होंने बहुत प्यार से और दिल की गहराई से यह बात कही थी कि देश में जो हिंसा और तनाव का माहौल दिखता है, वो खत्म होना चाहिए. संजू ने तो यहां तक कहा था कि हमारे देश के लोग बहुत दयालु हैं और हमेशा दूसरों की मदद करना जानते हैं. उन्होंने पूरे इंटरव्यू में देश की तारीफ ही की थी, लेकिन लोगों ने सिर्फ एक लाइन पकड़कर बवाल काट दिया.
बातचीत को और आसान भाषा में समझाते हुए शेखर सुमन ने एक फैमिली का एग्जांपल दिया. उन्होंने कहा कि जब किसी संयुक्त परिवार में सास-बहू या भाइयों के बीच लड़ाई-झगड़ा होता है, तो घर का बड़ा बुजुर्ग यही कहता है कि 'घर में शांति बनाए रखो, आपस में मत लड़ो.' इसका मतलब यह तो नहीं होता कि वो बुजुर्ग घर छोड़ना चाहता है या परिवार से नफरत करता है. ठीक उसी तरह हमारा देश भी एक बड़े परिवार की तरह है. अगर कोई देश में शांति और भाईचारे की बात कर रहा है, तो इसका सीधा सा मतलब है कि वो चाहता है कि सब लोग मिलकर रहें और हिंसा बंद हो. पूरी दुनिया में इस वक्त यूक्रेन-रूस से लेकर इराक, इजराइल तक युद्ध और तनाव चल रहा है, ऐसे में अगर कोई शांति की प्रार्थना करता है तो उसकी सराहना होनी चाहिए न कि उसे ट्रोल किया जाना चाहिए.
संजय दत्त के पुराने विवादों और अतीत को लेकर जो लोग उन पर निशाना साध रहे हैं, उन पर भी शेखर सुमन ने खुलकर अपनी राय रखी. शेखर सुमन ने कहा कि संजू से पास्ट में जो गलतियां हुईं, उन्हें उन्होंने खुद स्वीकारा था. उन्होंने कभी अपनी गलती से मुंह नहीं मोड़ा और कोर्ट द्वारा दी गई हर सजा को ईमानदारी से भुगता भी है. सजा काटने के बाद अब वे इस देश में रहते हैं, कानून और संविधान का सम्मान करते हैं, समाज के लिए काम करते हैं और अपनी मेहनत से अच्छी फिल्में बना रहे हैं. जब एक इंसान अपनी गलती की सजा भुगत चुका है और सही रास्ते पर चल रहा है, तो बार-बार उसे नीचा दिखाना बेहद गलत बात है.
शेखर सुमन ने आज के समय में सोशल मीडिया पर फैल रहे सेंसेशनलिज्म और फर्जी हाइप पर भी चिंता जताई. उन्होंने कहा कि आजकल किसी भी बात को आउट ऑफ कॉन्टेक्स्ट यानी बिना पूरा संदर्भ समझे वायरल कर देना एक फैशन बन गया है. लोग पूरी बात सुनते नहीं हैं, बस छोटी सी क्लिप काटकर राई का पहाड़ बना देते हैं. किसी भी सेलिब्रिटी को बदनाम करना और उसके खिलाफ गंदा माहौल बनाना बहुत आसान हो गया है. लेकिन सच्चाई यही है कि संजू ने जो कहा था वो दिल से निकली एक प्रार्थना थी, कोई राजनीतिक बयान नहीं था. शेखर सुमन ने उम्मीद जताई कि लोग सच्चाई को समझेंगे और बेवजह किसी अच्छे इंसान को निशाना बनाना बंद करेंगे.