'मांगें पूरी न हों तो जनता को...', CEC के खिलाफ प्रदर्शन पर शेखर सुमन की दो-टूक, बोले- 'शांति से हक मांगना बगावत नहीं'
शेखर सुमन अपने बेबाक अंदाज के लिए जाने जाते हैं, जो कई बार फिल्मों के साथ-साथ देश के बाकी मुद्दों पर भी खुलकर बात करते हैं. हाल ही में उन्होंने CEC के खिलाफ प्रदर्शन पर बयान देते हुए कहा कि शांत तरीके से किए गए प्रोटेस्ट बहुत जरूरी और पॉजिटिव है और ये कोई बगावत नहीं, बल्कि जनता का हक मांगने का तरीका है.
इस समय सड़कों से लेकर सोशल मीडिया तक हर जगह चुनावी मुद्दों और वोटर लिस्ट में गड़बड़ियों के आरोपों को लेकर चर्चा चल रही है. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं. इन सबके बीच बॉलीवुड के जाने-माने कलाकार और अपने तीखे तंज कसने के लिए फेमस शेखर सुमन ने खुलकर जनता के हक में बात की है. उनका ये बयान ऐसे समय पर आया है, जब राजनीति के गलियारों में हर कोई इस पर अपनी राय रख रहा है. हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान जब शेखर सुमन से इन विरोध प्रदर्शनों को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने बेबाक अंदाज में जवाब देते हुए कहा कि विरोध करना राजनीति और समाज दोनों का ही एक पुराना हिस्सा है.
शेखर ने कहा कि हम सब बचपन से ही अपनी बात मनवाने के लिए किसी न किसी तरह से विरोध करते आए हैं. अगर लोग शांति से अपनी मांगें रखते हैं और उसमें किसी तरह की हिंसा नहीं होती, तो इसे गलत नहीं ठहराया जा सकता है. अपनी बात को आगे बढ़ाते और समझाते हुए शेखर सुमन ने देश के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का भी एग्जाम्पल दिया.
डेमोक्रेटिक राइट्स पर बोले शेखर सुमन
शेखर ने इस बातचीत के दौरान आगे कहा कि गांधी जी ने ही हमें सिखाया है कि सच और हक के लिए कैसे लड़ा जाता है. अगर सरकार या सिस्टम से आपकी मांगें पूरी नहीं हो रही हैं, तो आवाज उठाना आपका डेमोक्रेटिक राइट है. जब समाज के लोग मिलकर एक आवाज में अपनी बात रखते हैं, तो सिस्टम और सरकार को भी उस पर ध्यान देना ही पड़ता है. उन्होंने इसे समाज की बेहतरी के लिए एक पॉजिटिव कदम बताया.
क्या था संजय दत्त विवाद?
इस पूरी बातचीत के दौरान उनके शो 'शेखर टूनाइट' और हाल ही में उसमें शामिल हुए एक्टर संजय दत्त को लेकर चल रहे विवाद पर भी बात हुई. दरअसल, शो के दौरान संजय दत्त ने देश के मौजूदा हालात और शांति को लेकर कुछ ऐसी बातें कह दी थीं, जिससे आम लोग नाराज हो गए और बाद में सोशल मीडिया पर एक नया बवाल खड़ा हो गया था. संजय दत्त ने अपने बयान में कहा था कि उन्हें अब देश में पहले जैसी शांति महसूस नहीं होती है.
एक बयान से ट्रोलिंग का शिकार हुए थे संजय दत्त
संजय दत्त के इस कमेंट के सामने आते ही सोशल मीडिया यूजर्स ने उन्हें ट्रोल करना शुरू कर दिया. कुछ लोगों ने तो उन्हें यहां तक याद दिलाया कि एक्टर के पास यूएई का गोल्डन वीजा भी है. हालांकि, बाद में विवाद बढ़ते हुए देख संजय दत्त ने अपनी सफाई पेश की और कहा कि उनके बयानों को पूरी तरह से तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है. इतना ही नहीं, उन्होंने माफी मांगते हुए ये भी साफ किया कि वो सारी बातचीत स्क्रिप्टेड थी.
विवादों के बीच शेखर सुमन का साफ रुख
जब इस पूरे विवाद पर शेखर सुमन से माफी मांगने को कहा गया, तो उन्होंने अपने मेहमान का बचाव करते हुए कहा कि संजय दत्त के दिल में देश और देश के लोगों के लिए बहुत सम्मान है और उनके शब्दों का गलत मतलब निकाला गया है. एक तरफ जहां दिल्ली के विरोध प्रदर्शनों पर शेखर ने जनता के शांतिपूर्ण हक का समर्थन किया, वहीं दूसरी तरफ अपने शो से जुड़े विवाद पर भी खुलकर अपनी राय रखी थी.