)
बॉलीवुड एक्टर रणबीर कपूर इन दिनों नितेश तिवारी के निर्देशन में बनी फिल्म 'रामायण' में नजर आ रहे हैं. 5 नवंबर को सिनेमाघरों में रिलीज फिल्म खूब चर्चा में है. वहीं, फिल्म की पूरी स्टारकास्ट प्रमोशन में पूरी तरह जुटी हुई हैं. इसी बीच एक इंटरव्यू के दौरान रणबीर ने बताया कि उनका अभी भी एक फिल्म डायरेक्ट करने का सपना है.
बीबीसी एशियन न्यूज नेटवर्क को दिए इंटरव्यू में रणबीर कपूर ने बताया कि निर्देशक हमेशा कुछ न कुछ सोचते रहते हैं, जबकि एक्टर अपना शॉट देने के बाद अपने अगले सीन का इंतजार करते हैं. अपने डायरेक्टर के तौर पर अपने पहले प्रोजेक्ट के बारे में कुछ जानकारी देते हुए रणबीर ने कहा, 'मैंने कुछ महीने पहले ही एक स्क्रिप्ट लिखना शुरू किया है और कुछ नया बनाना वाकई बहुत मुश्किल काम है. मेरे मन में राइटर्स और क्रिएटर्स के लिए बहुत सम्मान है. आप कोई चीज कैसे बनाते हैं? यह बहुत रोमांचक है, क्योंकि मेरा मानना है कि एक संगीतकार के बाद अगर कोई ऐसा व्यक्ति है जो एक अलग तरह की क्रिएटिव हाई महसूस करता है, तो वह निर्देशक है.'
एक्टर ने आगे कहा, 'एक अभिनेता की खुशी काफी सतही (ऊपरी) होती है, लेकिन एक निर्देशक जब कोई फिल्म बनाता है. वो चाहे अच्छी हो या बुरी, तो उसे एक कहानी सुनाने का मौका मिलता है. अपनी कहानी सुनाने के लिए इतने सारे लोगों को एक साथ लाना, अपने आप में एक बहुत ही खूबसूरत अनुभव है और मुझे उम्मीद है कि मैं ऐसा कर पाऊंगा.'
वहीं, जब एक्टर से पूछा गया कि क्या उन्होंने शुरुआत करने के लिए कोई खास जॉनर सोच रखा है? इस सवाल के जवाब में 'एनिमल' स्टार ने बताया कि उन्होंने कोई एक खास जॉनर तय नहीं किया है, लेकिन वे ज्यादातर स्लाइस-ऑफ-लाइफ यानी रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी फिल्में करना चाहते हैं. उन्होंने कहा, 'मैं किसी एक जॉनर का नाम तो नहीं ले सकता, लेकिन मैं आपको अपनी कुछ पसंदीदा फिल्में बता सकता हूं... और मुझे उम्मीद है कि मेरी फिल्में भी उसी तरह की होंगी, जैसे 'लाइफ इज ब्यूटीफुल इट्स अ वंडरफुल लाइफ या राजकुमार हिरानी की फिल्में. मैं कहूंगा कि ये एक तरह का फील-गुड फैमिली ड्रामा हो सकता है.'
फैंस रणबीर कपूर की रिलीज हो चुकी फिल्मों 'ब्रह्मास्त्र', 'एनिमल' और 'रामायण' के सीक्वल का इंतजार कर रहे हैं, ऐसे में होस्ट ने रणबीर से पूछा कि वे लिखने के लिए समय कैसे निकाल लेते हैं? इस पर रणबीर ने बताया, 'मैं साल में सिर्फ 100-125 दिन ही काम करता हूं. इसलिए मेरे पास कहानियां लिखने के लिए काफी समय होता है. मैं पहले कभी इतना बिजी नहीं रहा, न ही कभी इतना कमिटेड रहा हूं. अब तक ऐसा होता था कि एक फिल्म रिलीज होती थी और फिर मैं दूसरी फिल्म पर काम करना शुरू कर देता था.'
एक्टर ने आगे कहा, 'लेकिन मुझे लगता है कि एक एक्टर के तौर पर यह मेरा आखिरी दशक है. क्या मुझे आगे भी ऐसे किरदार निभाने को मिलेंगे? मैं डायरेक्शन की तरफ बढ़ना चाहता हूं. हां, मैं खुद को डायरेक्ट नहीं करना चाहता. मैं बस ये फिल्में ब्रह्मास्त्र 2, एनिमल 2 और रामायण पार्ट 2 पूरी करना चाहता हूं. उम्मीद है कि अगले 2-3 सालों में अपना डायरेक्शनल डेब्यू कर सकूं.'
पिछले साल अपने बर्थडे पर रणबीर कपूर ने अपने ब्रांड के इंस्टाग्राम हैंडल से लाइव आकर अपने फैंस के सवालों के जवाब दिए. इस दौरान एक्टर ने निर्देशक बनने की अपनी इच्छा जाहिर करते हुए कहा, 'मैं एक फिल्म निर्देशित करने के लिए बहुत उत्सुक हूं. मैंने हाल ही में एक राइटर्स रूम भी शुरू किया है. मेरे पास दो आइडिया हैं, जिनसे मैं खुद को प्रेरित करने की कोशिश कर रहा हूं. मैंने इस पर काम करना शुरू कर दिया है और आने वाले कुछ सालों में यह निश्चित रूप से मेरे टू-डू लिस्ट में शामिल है.'
बता दें कि रणबीर के पिता और एक्टर ऋषि कपूर ने भी अपने करियर में एक फिल्म डायरेक्ट किया था, जिसका नाम 'आ अब लौट चलें' (1999) था. इस फिल्म में राजेश खन्ना, ऐश्वर्या राय और अक्षय खन्ना ने काम किया था. उस समय रणबीर लगभग 15-16 साल के थे और उन्होंने इस फिल्म में एक निर्देशक के तौर पर अपने पिता की मदद की थी. इसके बाद रणबीर ने फिल्म 'ब्लैक' में संजय लीला भंसाली को असिस्ट किया.
वहीं, रणबीर कपूर के दादा राज कपूर भारतीय सिनेमा के दिग्गज कलाकारों में से एक थे. उन्होंने 1950 के दशक में 'आवारा' और 'श्री 420' जैसी कई क्लासिक फिल्मों का निर्देशन किया. राज कपूर ने महज 24 साल की उम्र में अपना 'आरके स्टूडियो' शुरू किया था.
बता दें कि फिल्मों के सीक्वल के अलावा रणबीर कपूर संजय लीला भंसाली की पीरियड ड्रामा फिल्म 'लव एंड वॉर' में अपनी पत्नी और एक्ट्रेस आलिया भट्ट और विक्की कौशल के साथ नजर आएंगे. यह फिल्म 21 जनवरी, 2027 को रिलीज होने वाली है.