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हिंदी सिनेमा के मशहूर फिल्म डायरेक्टर राम गोपाल वर्मा एक बार फिर बड़ी कानूनी मुश्किल में घिरते दिख रहे हैं. इस बार मामला उनकी किसी नई फिल्म की रिलीज का नहीं, बल्कि करीब 30 करोड़ रुपये के भारी-भरकम बकाए का है. प्रोडक्शन हाउस एक्लाटेंट फिल्म्स प्राइवेट लिमिटेड ने डायरेक्टर के खिलाफ पब्लिक नोटिस जारी करके फिल्म जगत में हड़कंप मचा दिया है. कंपनी ने न सिर्फ राम गोपाल वर्मा से अपने पैसे की मांग की, बल्कि इंडस्ट्री के बाकी लोगों को भी अलर्ट किया, जिसका सीधा असर उनकी आने वाली फिल्मों पर भी पड़ने की आशंका है.
कंपनी के मुताबिक, राम गोपाल वर्मा पर टोटल 29,67,64,000 रुपये यानी लगभग 29.67 करोड़ रुपये का बकाया है. इस पूरी रकम में 11,38,92,000 रुपये का भारी ब्याज भी जोड़ा गया है. ये पूरा विवाद 10 अप्रैल 2010 को हुए एक पुराने एग्रीमेंट से जुड़ा है. खास बात ये है कि इस एग्रीमेंट को बॉम्बे हाई कोर्ट ने भी 17 अप्रैल 2013 के अपने आदेश में पूरी तरह कानूनी मान्यता दी थी. अब कंपनी ने 15 अक्टूबर 2026 को नोटिस भेजकर राम गोपाल वर्मा को ये पूरी रकम चुकाने के लिए 30 अक्टूबर 2026 तक का समय दिया है, जो आज शाम तक खत्म हो जाएगा.

प्रोडक्शन हाउस ने बॉलीवुड और साउथ सिनेमा से जुड़े तमाम लोगों के लिए चेतावनी जारी की है. कंपनी का कहना है कि अगर समय रहते पैसा वापस नहीं मिला तो वे एग्रीमेंट के तहत अपने पूरे लीगल राइट्स का इस्तेमाल करेगी. इसका सीधा असर राम गोपाल वर्मा के शेयर, राइट्स, कमाई और फिल्मों के इस्तेमाल पर पड़ेगा. कंपनी ने साफ कर दिया है कि वे उनकी फिल्मों से होने वाले प्रॉफिट और प्रोजेक्ट्स पर अपना कानूनी दावा ठोक सकते हैं. ऐसे में अगर कोई उनके साथ नया प्रोजेक्ट शुरू करता है, तो वे भी इस लीगल कॉम्प्लिकेशन्स में फंस सकता है.
एग्रीमेंट की शर्तों का हवाला देते हुए बताया गया है कि राम गोपाल वर्मा किसी भी फिल्म का प्रोडक्शन, को-प्रोडक्शन, डायरेक्शन और राइटिंग तब तक नहीं कर सकते, जब तक वे कंपनी से लिखित एनओसी लेटर न ले लें. किसी भी तीसरे पक्ष या नए पार्टनर के साथ काम करने के लिए भी ये कानूनी मंजूरी लेना जरूरी है. अगर कोई इस नियम को अनदेखा करके उनके साथ नया काम शुरू करता है, तो उसे कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा. इस शर्त ने फिल्म जगत में काम कर रहे कई प्रोड्यूसर और इन्वेस्टर्स के कान खड़े कर दिए हैं.
कंपनी ने प्रोड्यूसर और इन्वेस्टर्स के साथ-साथ डिस्ट्रीब्यूटर्स, टीवी ब्रॉडकास्टर्स और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स को भी साफ शब्दों में सावधान रहने को कहा है. उन्हें हिदायत दी गई है कि इस एग्रीमेंट के दायरे में आने वाली फिल्मों के राइट्स खरीदने, लाइसेंस लेने या स्ट्रीमिंग करने से पहले कंपनी की लिखित अनुमति जरूर देख लें. बिना एनओसी के किसी भी प्रोजेक्ट का लेन-देन करने पर संबंधित प्लेटफॉर्म को भी भारी कानूनी जोखिम झेलना पड़ेगा. कंपनी जरूरत पड़ने पर कोर्ट से काम पर रोक लगवाने और अपना पैसा वसूलने के लिए हर कड़ा कदम उठाने की तैयारी पूरी कर चुकी है.
इतने बड़े विवाद और खुले पब्लिक नोटिस के बावजूद फिलहाल राम गोपाल वर्मा की तरफ से कोई ऑफिशियल बयान सामने नहीं आया है. वे इन दिनों अपनी नई फिल्म ‘पुलिस कंपनी’ की तैयारियों में बिजी बताए जा रहे हैं, जिसमें बॉलीवुड एक्टर हर्षवर्धन राणे लीड रोल निभा रहे हैं. अब हर किसी की नजर इसी बात पर टिकी है कि डायरेक्टर इस कानूनी नोटिस का जवाब कैसे देते हैं. अगर ये मामला कोर्ट में खिंचता है, तो उनकी इस नई फिल्म की परफॉर्मेंस और रिलीज पर भी कानूनी संकट के गहरे बादल छा सकते हैं.