रजनीकांत की तमिल एक्शन थ्रिलर फिल्म 'जेलर 2' 15 अक्टूबर को दुनिया भर के सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए तैयार है. यह फिल्म दशहरा की छुट्टियों से ठीक पांच दिन पहले रिलीज हो रही है. हालांकि, हिंदी बेल्ट में सुपरस्टार और इस फ्रेंचाइजी के फैंस को निराशा हो सकती है, क्योंकि इस सीक्वल का हिंदी वर्जन सिनेमाघरों में खासकर PVR INOX और सिनेपोलिस जैसी नेशनल मल्टीप्लेक्स चेन में रिलीज नहीं किया जाएगा.
'जेलर 2' को एक पैन-इंडिया फिल्म के तौर पर पेश किया जा रहा था, इसमें रजनीकांत के अलावा भी कई जाने-माने स्टार्स हैं, जिनमें हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के भी कई चेहरे शामिल हैं. इनमें विद्या बालन भी हैं, जो इस सीक्वल में विलेन का रोल निभा रही हैं. साथ ही मिथुन चक्रवर्ती हैं, जो पहले पार्ट वाले अपने रोल को ही दोहराएंगे.
कहा जा रहा है कि ऋतिक रोशन और जैकी श्रॉफ भी इस फिल्म में कैमियो रोल में दिखेंगे. इससे ऋतिक और रजनीकांत 40 साल बाद फिर साथ नजर आएंगे. इससे पहले वे जे ओम प्रकाश की 1986 की बॉलीवुड फिल्म 'भगवान दादा' में साथ दिखे थे. राकेश रोशन की प्रोड्यूस की गई उस फिल्म में लीड स्टार रजनीकांत के साथ ऋतिक (जो तब 15 साल के थे) पहली बार पर्दे पर नजर आए थे.
हालांकि, एग्जिबिटर्स ने इडियन एक्सप्रेस से बातचीत करते हुए बताया किया है कि जो लोग 'जेलर 2' को हिंदी में देखना चाहते हैं, उन्हें शायद इसके OTT रिलीज का इंतजार करना पड़ सकता है. बताया जा रहा है कि यह फिल्म सिनेमाघरों में हिंदी डब वर्जन में रिलीज नहीं होगी. कलानिधि मारन के प्रोडक्शन हाउस 'सन पिक्चर्स' ने इस इल्म को प्रोड्यूस किया है. एक बड़े OTT प्लेटफॉर्म के साथ डील की है. इस डील के तहत फिल्म के सिनेमाघरों में रिलीज होने के चार हफ्ते के अंदर इसे सभी भाषाओं में स्ट्रीमिंग के लिए रिलीज किया जाएगा.
बता दें कि तमिल फिल्म इंडस्ट्री में चार हफ्ते का गैप आम बात है. हालांकि, हिंदी मार्केट के लिए यह एक एक्सेप्शन है. एग्जिबिटर्स (खासकर PVR INOX और सिनेपोलिस जैसी बड़ी थिएटर चेन) और स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म के लिए यह जरूरी है कि किसी हिंदी फिल्म की थिएटर रिलीज और OTT प्रीमियर के बीच कम से कम आठ हफ्ते का अंतर हो.
हालांकि, कई पैन-इंडिया फिल्मे अपनी साउथ इंडियन भाषाओं वाले वर्जन चार हफ्ते में रिलीज करती हैं और उसके चार हफ्ते बाद उनका डब्ड हिंदी वर्जन रिलीज होता है. लेकिन 'जेलर 2' के मेकर्स ने नवंबर में सभी वर्जन एक ही दिन स्ट्रीमिंग पर रिलीज करने का फैसला किया है. ऐसे में नियमों के मुताबिक, उन्होंने डब्ड हिंदी वर्जन को थिएटर में रिलीज न करने का फैसला किया है.
इसी वजह से BookMyShow पर 'जेलर 2' के डब्ड हिंदी वर्जन के लिए अभी तक टाइमिंग और वेन्यू नहीं दिख रहे हैं, जबकि दूसरे वर्शन की एडवांस बुकिंग पिछले हफ़्ते ही शुरू हो गई थी. भले ही हिंदी मार्केट में फिल्म के रिलीज न होने से इसके पैन-इंडिया बॉक्स ऑफिस कलेक्शन पर असर पड़ सकता है. लेकिन इस सीक्वल ने दूसरे वर्जन के जरिए दुनिया भर के बॉक्स ऑफिस पर पहले ही 22 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई कर ली है, जिसमें विदेशी मार्केट का अहम योगदान रहा है.
बता दें कि फिल्म का फर्स्ट पार्ट यानी नेल्सन दिलीपकुमार की 'जेलर' साल 2023 में सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी. इस फिल्म को भी सबसे ज़्यादा फायदा अपने ओरिजिनल तमिल वर्जन से ही हुआ. इसने घरेलू बॉक्स ऑफिस पर ₹268.87 करोड़ कमाए, और इसके बाद डब्ड तेलुगु वर्जन का नंबर रहा, जिसने ₹68.06 करोड़ कमाए. फिल्म के पैन-इंडिया बॉक्स ऑफिस कलेक्शन में डब्ड हिंदी वर्जन का योगदान सिर्फ ₹7.24 करोड़ था.
वहीं, 'जेलर 2' से पहले भी तमिल की बड़ी फिल्मों, जैसे लोकेश कनगराज की एक्शन थ्रिलर 'लियो' और 'कूली' के मेकर्स ने डब्ड हिंदी वर्जन की रिलीज के बदले कम समय की OTT विंडो चुनी. एग्जिबिटर अक्षय राठी की ने बताया कि ये कमर्शियल फैसले हैं, जो हर मामले को अलग-अलग देखकर लिए जाने चाहिए. उन्होंने बताया, 'मुझे लगता है कि यह काफी सही फैसला है, जिनके पास IP के अधिकार हैं, उन्हें यह हिसाब-किताब करने और यह तय करने की समझ होती है कि उनके लिए क्या सही रहेगा.'
राठी ने कहा, ''जेलर' जैसी फिल्में आम दर्शकों के बीच जबरदस्त चलती हैं. इन्हें सिंगल स्क्रीन और कुछ नेशनल मल्टीप्लेक्स चेन में दिखाया जा सकता है. और अगर हिसाब-किताब से यह पता चलता है कि स्ट्रीमिंग से होने वाली अतिरिक्त कमाई, हिंदी मार्केट में थिएटर से मिलने वाले हिस्से से कहीं ज्यादा है, तो यह फैसला लेने का उन्हें पूरा अधिकार है.' हालांकि उन्होंने कहा कि वह पैन-इंडिया फिल्मों के हिंदी मार्केट में बड़े पैमाने पर रिलीज होने के पक्ष में हैं, लेकिन उनका तर्क है कि आखिरकार यह फैसला प्रोड्यूसर को ही लेना होता है कि उन्हें इससे शॉर्ट-टर्म और लॉन्ग-टर्म में क्या फायदा होगा.'