जब ‘रामायण’ में ताड़का बने थे ‘पंचायत’ के सचिव जी! कभी अंग्रेजी से खाते थे खौफ; IIT छोड़ आज बन चुके OTT KING
Panchayat Sachiv Ji Struggle: ‘पंचायत’ के चहेते ‘सचिव जी’ यानी जितेंद्र कुमार कभी स्कूल के नाटक में ताड़का बने थे. कोटा से निकलकर जब वे IIT खड़गपुर पहुंचे, तो वहां फर्राटेदार अंग्रेजी देखकर सहम गए थे. कॉलेज के उसी डर से लड़ते हुए उन्हें थिएटर मिला, जिसने उनकी पूरी जिंदगी बदल दी.
प्राइम वीडियो की सबसे ज्यादा देखे जाने वाली सीरीज ‘पंचायत’ में ‘सचिव जी’ का किरदार निभाकर घर-घर में मशहूर हुए एक्टर जितेंद्र कुमार को आज भला कौन नहीं जानता. हाल ही में चैट शो ‘पहला पहला’ में एक्टर गोपाल दत्त से दिल खोलकर बातचीत करते हुए जितेंद्र ने अपने शुरुआती दिनों को याद किया. उन्होंने बताया कि एक्टिंग की दुनिया में उन्होंने कैसे शुरुआत की. स्कूल के दिनों की एक मजेदार याद साझा करते हुए उन्होंने बताया कि जब वे छोटे थे, तब एक बार रामलीला में उन्हें ‘ताड़का’ का रोल मिला था. उस वक्त उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि यही काम आगे चलकर उनका प्रोफेशन बन जाएगा.
जितेंद्र ने शो के दौरान बताया कि स्कूल के उस नाटक के बाद एक्टिंग से उनका नाता पूरी तरह टूट गया था. पढ़ाई पूरी करने के बाद उनका पूरा ध्यान इंजीनियरिंग की तैयारी पर लग गया. परिवार और अपने सपनों को पूरा करने के लिए वे कोटा चले गए और दिन-रात मेहनत करके आईआईटी एंट्रेंस (IIT Entrance) की तैयारी की. उनकी कड़ी लगन रंग लाई और उन्हें देश के जाने-माने संस्थान आईआईटी खड़गपुर में दाखिला मिल गया. स्कूल में ताड़का का रोल करने वाला एक सीधा-साधा लड़का अब देश के सबसे बड़े कॉलेज का हिस्सा बन चुका था, लेकिन वहां का सफर इतना भी आसान नहीं रहने वाला था.
आईआईटी में अंग्रेजी का खौफ
आईआईटी खड़गपुर (IIT Kharagpur) पहुंचने के बाद जितेंद्र को एक बिल्कुल नई और मुश्किल चुनौती का सामना करना पड़ा. कैंपस में लगभग हर कोई बहुत अच्छी और फर्राटेदार अंग्रेजी बोलता था, जिसे देखकर जितेंद्र अक्सर झिझक जाते थे. उन्होंने इस बातचीत में बहुत ही ईमानदारी से माना कि अंग्रेजी उनके लिए एक बहुत बड़ी कमजोरी जैसी बन गई थी. जब वे अपने आस-पास के सभी स्टूडेंट्स को धड़ल्ले से अंग्रेजी में बात करते देखते थे, तो उन्हें अंदर ही अंदर ये अहसास होता था कि वे बाकी लोगों से काफी पीछे छूट रहे हैं. इस माहौल ने उन्हें कुछ समय के लिए काफी परेशान भी किया.
थिएटर ने दी नई जिंदगी
कैंपस की इस झिझक और परेशानी से बाहर निकलने का रास्ता उन्हें कॉलेज के थिएटर से मिला. जितेंद्र ने बताया कि आईआईटी के दिनों में वे अचानक ही नाटक मंडली से जुड़ गए और उन्होंने कई ड्रामैटिक कॉम्पिटिशन में हिस्सा लेना शुरू कर दिया. मंच पर जब भी वह उतरते, तो उन्हें एक अलग ही सुकून और खुशी महसूस होती थी. अपनी परफॉर्मेंस की तारीफें सुनकर उनका हौसला भी लगातार बढ़ता गया. यही वे खास समय था जब उनके मन में पहली बार ये ख्याल आया कि एक्टिंग सिर्फ एक हॉबी नहीं है, बल्कि वह इसमें अपना शानदार करियर भी बना सकते हैं.
इंजीनियरिंग छोड़ चुनी एक्टिंग
आईआईटी की पढ़ाई खत्म होने के बाद जितेंद्र ने सिक्योरी जॉब का रास्ता चुनने के बजाय अपने दिल की आवाज सुनी और पूरी तरह से एक्टिंग की दुनिया में कूद पड़े. शुरुआत में उन्होंने डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और यूट्यूब वीडियोज के जरिए अपनी खास पहचान बनाई. सादगी से भरे किरदारों और आम आदमी जैसे अंदाज ने उन्हें दर्शकों का चहेता बना दिया. बाद में वेब सीरीज ‘पंचायत’ ने उन्हें इंडस्ट्री में एक बड़ा मुकाम दिलाया. इसके बाद उन्होंने बॉलीवुड फिल्मों में भी काम किया और ये साबित कर दिया कि अगर लगन सच्ची हो, तो एक गैर-फिल्मी बैकग्राउंड का लड़का भी दर्शकों के दिलों पर राज कर सकता है.
मिर्जापुर की फिल्म में एंट्री
अगर वर्कफ्रंट की बात करें तो जितेंद्र कुमार का नाम इन दिनों फिल्म ‘मिर्जापुर द मूवी’ को लेकर काफी चर्चा में बना हुआ है. इस फिल्म अडैप्टेशन में वे ‘बबलू पंडित’ के अहम किरदार में नजर आ रहे हैं. गौरतलब है कि जब ‘मिर्जापुर’ वेब सीरीज के रूप में आई थी, तब इस मशहूर रोल को एक्टर विक्रांत मेस्सी ने निभाया था और दर्शकों ने उसे खूब पसंद किया था. अब उसी पॉपुलर फ्रेंचाइजी की फीचर फिल्म में जितेंद्र को देखना फैंस के लिए काफी नया और रोमांचक अनुभव है. उनका ये पूरा सफर उन सभी युवाओं के लिए एक बड़ी मिसाल है.