Panchayat Sachiv Ji Struggle: ‘पंचायत’ के चहेते ‘सचिव जी’ यानी जितेंद्र कुमार कभी स्कूल के नाटक में ताड़का बने थे. कोटा से निकलकर जब वे IIT खड़गपुर पहुंचे, तो वहां फर्राटेदार अंग्रेजी देखकर सहम गए थे. कॉलेज के उसी डर से लड़ते हुए उन्हें थिएटर मिला, जिसने उनकी पूरी जिंदगी बदल दी.