विनम्र भगवान राम को बना दिया एक्शन हीरो: रणबीर कपूर की Ramayana पर भड़के मुकेश खन्ना, VFX-फाइटिंग सीन पर उठाए सवाल
Mukesh Khanna On Ramayana VFX: नितेश तिवारी की अपकमिंग फिल्म 'रामायण' रिलीज से पहले ही सुर्खियों में छाई हुई है. फिल्म में भगवान राम के किरदार और उनके रूप को लेकर तरह-तरह की खबरें सामने आती रही हैं. वहीं अब एक्टर मुकेश खन्ना ने भी फिल्म को लेकर अपनी राय रखी है.
नितेश तिवारी की आने वाली फिल्म 'रामायण' की जब से अनाउंसमेंट हुई है, तब से ही सोशल मीडिया पर इसे लेकर तरह-तरह की बातें हो रही हैं. रणबीर कपूर को भगवान राम के रोल में देखने के लिए फैंस जितना बेताब हैं, उतनी ही चर्चा फिल्म में उनके लुक्स और अब तक सामने आई चीजों को लेकर भी हो रही है. इस बीच, अपने बेबाक बयानों के लिए फेमस और शक्तिमान की भूमिका निभाने वाले सीनियर एक्टर मुकेश खन्ना ने फिल्म में भगवान राम के दिखाए गए अवतार पर अपनी टिप्पणी दी है. मुकेश खन्ना ने हाल ही में एक इंटरव्यू में साफ कहा कि फिल्म का ट्रेलर देखने के बाद उन्हें भगवान राम का ये रूप कुछ खास पंसद नहीं आया.
एक्टर के मुताबिक, 'हम सब बचपन से भगवान राम को संयमित और शांत देखते आए हैं, लेकिन फिल्म में उन्हें काफी हद तक एक हैवी एक्शन हीरो की तरह पेश किया गया है.' मुकेश खन्ना का मानना है कि पर्दे पर तकनीक और एक्शन दिखाने के चक्कर में मेकर्स ने राम जी के असली स्वभाव से थोड़ा समझौता कर लिया है. उनका कहना है कि भगवान राम की पहचान उनकी गरिमा, विनम्रता और मर्यादा से है. उन्हें किसी सलमान खान, अमिताभ बच्चन या रजनीकांत जैसी एक्शन इमेज में ढालने की बिल्कुल जरूरत नहीं थी.
पेड़ से बाण चलाने वाले सीन पर उठाए सवाल
फिल्म 'रामायण' के एक्शन सीन पर बात करते हुए मुकेश खन्ना ने उस सीन पर खासतौर पर चुटकी ली, जहां भगवान राम पेड़ पर चढ़कर तीर चलाते दिखते हैं. उन्होंने कहा कि रामायण की हमारी ट्रेडिशनल समझ में राम जी को इस अंदाज में युद्ध करते कभी नहीं देखा गया. उन्हें जरूरत से ज्यादा 'धुरंधर' और क्लिंट ईस्टवुड जैसा एक्शन हीरो बनाकर पेश करने की कोशिश की गई है.
'अगर राम ही सब करते तो वानर सेना का क्या होता?'
मुकेश खन्ना ने अपनी बात को मजबूत करते हुए उन्होंने समुद्रदेव का एग्जाम्पल दिया. उन्होंने याद दिलाया कि राम जी ताकतवर होने के बावजूद समुद्र के सामने हाथ जोड़कर रास्ता मांगते हैं, जो उनके संयम को दिखाता है. खन्ना ने चुटकी लेते हुए सवाल उठाया कि अगर राम जी को अकेले ही 'वन-मैन आर्मी' की तरह सब कुछ करते दिखाया जाएगा, तो फिर पूरी रामायण में वानर सेना और हनुमान जी का योगदान कहां रह जाएगा?
वीएफएक्स-इंटरनेशनल मैथ्स पर की बात
फिल्म में भारी-भरकम वीएफएक्स और स्पेशल इफेक्ट्स के इस्तेमाल पर भी उन्होंने अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि विदेशी या इंटरनेशनल ऑडियंस को लुभाने के लिए तो बड़े-बड़े विजुअल इफेक्ट्स और फैंटेसी एलिमेंट काम कर सकते हैं. बाहरी दुनिया के लिए ये एक बड़े बजट की एक्शन या फैंटेसी मूवी हो सकती है, लेकिन भारत की ऑडियंस इसे बिल्कुल अलग तरह से देखता है.
मुकेश खन्ना ने साफ किया कि इंडियन ऑडियंस सिनेमाघरों में सिर्फ भारी-भरकम वीएफएक्स या खतरनाक स्टंट देखने नहीं जाते हैं. भारत में भगवान राम सिर्फ एक पौराणिक किरदार नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की गहरी आस्था का केंद्र हैं. इसलिए मेकर्स को चमक-धमक से ज्यादा उस मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए.
'एनिमल' मूवी पर दी टिप्पणी
मुकेश खन्ना ने रणबीर कपूर के राम की इमेज पर टिप्पणी करते हुए कहा कि 'एनिमल' मूवी से उनकी छवि एक छेड़छाड़ और नटखट एक्टर की बन गई है. इसलिए वो राम के किरदार के लिए मुझे सही नहीं लगते हैं. मुकेश खन्ना ने आगे कहा कि राम का किरदार एक ऐसे कलाकार को निभाना चाहिए, जो एक अच्छा एक्टर बनने के साथ-साथ एक कमाल का टीचर भी हो, तभी इस किरदार को लोग अपना पाएंगे. उन्होंने अपनी बात को समझाने के लिए 'शक्तिमान' के कैरेक्टर का उदाहरण दिया.
'राम से बड़ा नहीं हो सकता है रावण'
मुकेश खन्ना ने इस बातचीत के दौरान यश के रावण रूप की चर्चा भी की. उन्होंने कहा कि अगर यश रावण के रूप में लोगों को पसंद आ रहे हैं, तो इसमें उनका नहीं, बल्कि डायरेक्टर का कमाल है. 'धुरंधर' में फैंस को अक्षय खन्ना को अच्छे लगे होंगे, तो इसमें भी डायरेक्टर का काम है, जो उन्हें स्क्रिनटाइम और डायलॉग शानदार दिए. उन्होंने अपनी बात को खुलकर रखते हुए कहा कि आप रावण को कभी भी राम से बड़ा नहीं दिखा सकते हैं और न ही आपको राम को सलमान खान, अमिताभ बच्चन और रजनीकांत की एक्शन हीरो के रूप में पेश करना चाहिए. एक्टर ने अपनी बात को खत्म करते हुए कहा कि 'जैसा लिखा है वैसा ही करो, वेद व्यास से आगे मत बढ़ो.'