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परदेस में फंसा बेटा, घर पर खुद मां ने उठाया छठी मइया का दउरा; इमोशनल कर देगा मनोज भावुक का नया छठ गीत

लोक आस्था के महापर्व छठ पर रिलीज हुआ मनोज भावुक का नया गीत 'हमहीं उठाव तानी दउरा'. परदेस में बैठे बेटे के न आने पर जब मां ने खुद उठाया दउरा, तब एक अजनबी ने बढ़ाया मदद का हाथ. जानिए इस इमोशनल गाने की पूरी कहानी.

Written By Alkesh Kushwaha
Published: Nov 06, 2026, 08:57 AM IST | Updated: Nov 06, 2026, 09:06 AM IST
Image Credit: परदेस गए बच्चों की राह देखती मां और छठ की सच्ची कहानी, ‘हमहीं उठावsतानी दउरा’ रिलीज (YT- YOLO Films)
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आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में हर कोई अपने परिवार से दूर रोजी-रोटी की तलाश में निकल पड़ता है. कोई दिल्ली में नौकरी कर रहा है तो कोई मुंबई में अपना घर बसा चुका है. लेकिन जब बात छठ जैसे पावन और महापर्व की आती है, तो अपनों से दूर रहने का दर्द और भी ज्यादा गहरा हो जाता है. मनोज भावुक द्वारा लिखा गया नया भोजपुरी गीत इसी दर्द को बहुत ही सरल और सीधे तरीके से बयां करता है. गाने की शुरुआत ही एक ऐसी मां से होती है जिसका बेटा परदेस में है और लाख कोशिशों के बाद भी इस साल छठ पर घर नहीं लौट पा रहा है.

इस गीत की कहानी असल में हमारे समाज के हर उस घर की कहानी है जहां से कोई न कोई युवा बाहर नौकरी कर रहा है. गीत में दिखाया गया है कि कैसे एक मां ने छठी मइया से दुआ मांगी थी कि उसका बेटा पढ़-लिखकर बड़ा अफसर बन जाए. मन्नत पूरी हो जाती है और बेटा अफसर भी बन जाता है, लेकिन नौकरी की व्यस्तता और दूरियों के कारण वह त्योहार पर मां के पास नहीं आ पाता. मां का दिल तो अपने बच्चे के लिए हर पल धड़कता है और जब इस बार भी बेटा घर नहीं पहुंच पाता, तो वह मायूस होने के बजाय खुद ही छठी मइया की पूजा की तैयारी में जुट जाती है.

दउरा उठाने आगे आया एक अजनबी

कहानी में असली मोड़ तब आता है जब वह अकेली मां अपना भरा हुआ दउरा खुद उठाकर घाट की तरफ निकल पड़ती है. उम्र के इस पड़ाव पर अकेले भारी दउरा लेकर चलना आसान नहीं होता, तभी रास्ते में एक अनजान युवक उनकी मदद के लिए आगे आता है. जब मां उससे पूछती है कि बेटा तुम कौन हो, तो वह लड़का बड़े ही प्यार से जवाब देता है कि एक बेटा... आप हमारी अम्मा जैसी हैं, हम दउरा लेकर चलेंगे घाटे. यह छोटा सा संवाद दिल को छू लेता है और यह अहसास कराता है कि इस दुनिया में खून के रिश्तों के अलावा भी कुछ ऐसे रिश्ते होते हैं जो इंसानियत की डोर से बंधे होते हैं.

देखें वीडियो-

 

दिल को छू लेने वाली टीम की मेहनत

इस बेहतरीन और भावुक गीत को अपनी खूबसूरत आवाज से सजाया है अपूर्वा प्रियदर्शी और शैलेन्द्र मिश्रा ने. गानों के बोल जितने दिल को छूने वाले हैं, उतना ही शानदार इसका संगीत भी है जिसे सुशांत देव ने तैयार किया है. इसका निर्देशन उज्ज्वल पांडेय ने बहुत ही संवेदनशीलता के साथ किया है ताकि स्क्रीन पर दिखने वाला हर एक सीन बिल्कुल असली और घर-परिवार जैसा लगे. गाने में राखी जायसवाल, शुभ तिवारी और हर्षित सिंह की अदाकारी ने चार चांद लगा दिए हैं, जिससे दर्शक खुद को इस कहानी से जुड़ा हुआ महसूस करते हैं.
 

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About the Author

अल्केश कुशवाहा एक वरिष्ठ डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 14 वर्षों से अधिक का गहन अनुभव है. वर्तमान में वे जी न्यूज हिंदी में चीफ सब-एडिटर के रूप में बॉलीवुड-वायरल सेक्शन संभाल रहे हैं. अल्केश की मुख्य विशेषज्ञता बॉलीवुड, एंटरटेनमेंट, वायरल सिनेमा ट्रेंड्स और सेलिब्रिटी एक्सक्लूसिव्स में है. साल 2012 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत करने वाले अल्केश ने दैनिक भास्कर, हिन्दुस्तान टाइम्स, राजस्थान पत्रिका और NDTV जैसे देश के अग्रिम मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं. अल्केश ने अपने करियर में अर्जुन रामपाल, ऋचा चड्ढा और राजपाल यादव जैसी कई दिग्गज बॉलीवुड हस्तियों के एक्सक्लूसिव इंटरव्यूज किए हैं. फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस एनालिसिस, सेलिब्रिटी गॉसिप्स और एंटरटेनमेंट ट्रेंड्स का इन-डेप्थ डेटा एनालिसिस करना उनका मजबूत पक्ष है. वे पाठकों तक बॉलीवुड जगत की हर छोटी-बड़ी खबर सटीक, निष्पक्ष और विश्लेषणात्मक तरीके से पहुंचाते हैं. आप अल्केश कुशवाहा से सीधे alkesh.kushwaha@zeemedia.com पर संपर्क कर सकते हैं.
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