'घूसखोर पंडत' का बदला नाम: अब 'गजब रात' में सही और गलत के बीच फंसे मनोज बाजपेयी; कब आएगी फिल्म?
आखिरकार विवादों के बाद मनोज बाजपेयी की आने वाली फिल्म 'घूसखोर पंडत' का नाम बदलकर 'गजब रात' कर दिया गया है. नीरज पांडे के निर्देशन में बनी इस थ्रिलर के ट्रेलर में मनोज एक ऐसे पुलिस अफसर के किरदार में नजर आ रहे हैं. साथ ही फिल्म की रिलीज डेट का भी ऐलान हो गया है.
मनोज बाजपेयी स्टारर फिल्म 'घूसखोर पंडित' का नाम बदलकर 'गजब रात' कर दिया गया है. गुरुवार को मेकर्स ने इस सस्पेंस थ्रिलर का ट्रेलर जारी किया है साथ ही फिल्म के रिलीज डेट का भी अनाउंस किया गया है. बता दें कि पोस्टर रिलीज के बाद से ही फिल्म के मूल नाम को लेकर आलोचना हुई थी और यह चिंता जताई गई थी कि इससे ब्राह्मण समुदाय की भावनाएं आहत हो सकती हैं. इसके बाद इसका नाम बदल दिया गया.
नेटफ्लिक्स ने दिल्ली हाई कोर्ट को बताया कि आपत्तियों को देखते हुए निर्माताओं ने फिल्म का नाम बदलने का फैसला किया है. इसके बाद, फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका को कोर्ट ने खारिज कर दिया, क्योंकि याचिकाकर्ता ने कहा कि उसकी शिकायत का समाधान हो गया है.
क्या है फिल्म की कहानी?
'गजब रात' एक ऐसे पुलिस अधिकारी की कहानी है, जो अपने निजी फायदे और सही काम करने के बीच उलझा हुआ है. एक ही रात में घटित होने वाली यह फिल्म दिखाती है कि कैसे एक फैसला घटनाओं की एक ऐसी सीरीज शुरू कर सकता है, जो किरदारों को मुश्किल विकल्पों और उनके नतीजों का सामना करने पर मजबूर कर देती है. इस फिल्म के जरिए लगभग एक दशक बाद मनोज बाजपेयी और फिल्म निर्माता नीरज पांडे फिर से साथ आए हैं. नीरज पांडे के 'फ्राइडे फिल्म वर्क्स' द्वारा निर्मित इस फिल्म का निर्देशन रितेश शाह ने किया है, जो इस प्रोजेक्ट के साथ बतौर निर्देशक अपनी शुरुआत कर रहे हैं.
इसके अलावा, फिल्म में साकिब सलीम, अक्षय ओबेरॉय, दिव्या दत्ता, कीकू शारदा और नुसरत भरुचा भी अलग-अलग किरदारों में हैं. फिल्म के बारे में बात करते हुए नीरज पांडे ने कहा कि वह एक ऐसी कहानी सुनाना चाहते थे जो दर्शकों को उलझन में रखे और साथ ही उन्हें लोगों द्वारा लिए गए फैसलों के बारे में सोचने पर मजबूर करे.'
मनोज बाजपेयी ने बताया कि वह इस फिल्म की ओर इसलिए अट्रैक्ट हुए, क्योंकि इसमें जटिल किरदार हैं और जवाबदेही से जुड़े सवाल उठाए गए हैं. उन्होंने नीरज पांडे के साथ फिर से काम करने और निर्देशक के रूप में रितेश शाह के साथ जुड़ने के बारे में भी बात की. रितेश शाह के लिए यह फिल्म एक सीमित समय-सीमा के भीतर सामने आने वाली कहानी के जरिए सस्पेंस पैदा करने का मौका लेकर आई. उन्होंने कहा कि कहानी के एक ही रात में सेट होने की वजह से मेकर्स को एक तरह की जल्दबाजी (अर्जेंसी) दिखाने और धीरे-धीरे दांव को और ऊंचा करने का मौका मिला.
क्यों बदला गया फिल्म का टाइटल?
फिल्म के टाइटल 'घूसखोर पंडित' पर इसलिए आपत्ति जताई गई, क्योंकि इसमें 'पंडित' शब्द को भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी से जोड़ा गया था. दिल्ली हाई कोर्ट में एक याचिका दायर करके फिल्म की रिलीज रोकने की मांग की गई थी. याचिकाकर्ता का तर्क था कि यह शीर्षक ब्राह्मण समुदाय की गरिमा और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा सकता है. 'फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज' (FWICE) ने भी इस शीर्षक पर आपत्ति जताई और कहा कि इससे लोगों की भावनाएं आहत हो सकती हैं और सामाजिक सद्भाव पर बुरा असर पड़ सकता है.
फेडरेशन ने फिल्म निर्माताओं से इस शीर्षक को हटाने का आग्रह किया था. कोर्ट की कार्यवाही के दौरान नेटफ्लिक्स ने दिल्ली हाई कोर्ट को बताया कि निर्माताओं ने सोच-समझकर एक नया शीर्षक चुनने का फैसला किया है, जो फिल्म की कहानी और उसके उद्देश्य को बेहतर ढंग से दर्शाता है. याचिकाकर्ता द्वारा इस फैसले को स्वीकार कर लेने के बाद, अदालत ने मामले को बंद कर दिया. अब 'गजब रात' नाम से यह फिल्म 23 अक्टूबर को नेटफ्लिक्स पर रिलीज होने के लिए तैयार है.