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पंजाब एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री से बीते कुछ समय में कई ऐसी खबरें सामने आई हैं, जिन्होंने फैंस और आम लोगों को पूरी तरह हैरान कर दिया. कभी कपिल शर्मा के कैफे के बाहर गोलियों की तड़तड़ाहट सुनाई देती है, तो कभी दिलजीत दोसांझ के कॉन्सर्ट में अचानक हुए हंगामे की खबरें फैंस को परेशान कर देती हैं. इन सब वारदातों के बीच अब पंजाब से एक और बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है, जिसने हर किसी को हिलाकर रख दिया है. अमृतसर में पंजाब के फेमस डिजिटल क्रिएटर मधुसूदन संधू उर्फ 'मैड संधू' की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई. अपने बेबाक अंदाज और अनोखे लाइफस्टाइल के लिए पहचाने जाने वाले संधू की हत्या की जिम्मेदारी गोल्डी ढिल्लों नाम के एक गैंगस्टर ने ली है.
मैड संधू सिर्फ एक सोशल मीडिया स्टार ही नहीं थे, बल्कि एक बेहद प्रोफोशनल मेकअप आर्टिस्ट और स्टाइलिस्ट भी थे. अमृतसर में वो 'मानेलेन' नाम से अपना एक यूनीसेक्स सैलून चलाते थे, साथ ही उन्होंने पॉलीवुड और बॉलीवुड की कई फिल्मों में असिस्टेंट कॉस्ट्यूम डिजाइनर के तौर पर भी काम किया था. शनिवार शाम करीब 6 बजे दो अनजान हमलावरों ने उन पर गोलियां बरसा दीं. इस वारदात के तुरंत बाद गोल्डी ढिल्लों नाम के फेसबुक अकाउंट से हत्या की जिम्मेदारी लेते हुए दावा किया गया कि संधू पंजाब के माहौल को बर्बाद कर रहे थे.
30 साल के मैड संधू के लिए एक पुराने और हाइपर मैस्कुलाइन डोमिनेटेड सोसाइटी में अपनी असली पहचान के साथ जीना कभी आसान नहीं था. एक जाट सिख परिवार में जन्मे संधू ने अपनी पहचान और लाइफ स्ट्रगल को कभी छिपाने की कोशिश नहीं की. साल 2021 के एक इमोशनल इंटरव्यू में उन्होंने अपनी इस दोहरी जिंदगी का दर्द शेयर करते हुए कहा था,'मैंने नेगेटिव कमेंट्स को नजरअंदाज किया और पॉजिटिव मैसेज को अपने मन में रखा... अब इससे कोई फर्क नहीं पड़ता. मुझे पता है कि मुझे अपना जीवन कैसे जीना है.'

उन्होंने बताया था कि कैसे वो समाज के बनाए दायरों और अपनी असली पहचान के बीच सालों तक परेशान रहे, लेकिन आखिरकार उन्होंने अपनी कला और अपनी सच्चाई को चुन ही लिया. बचपन में जब बाकी लड़के साइकिल चलाने या क्रिकेट खेलने में मस्त रहते थे, तब संधू का मन मेकअप, फैशन मैगजीन और डांस में लगता था. बाहर की दुनिया उन्हें भले ही बुरा-भला कहती रही, लेकिन घर में उनकी मां का सपोर्ट ही उनकी सबसे बड़ी ताकत बना.
मैड संधू ने एक बार अपने स्कूल के एनुअल फंक्शन को याद करते हुए उन्होंने कहा था, 'बहुत से लोग आकर मेरी तारीफ करते थे कि मैं एक लड़का होकर एक खूबसूरत लड़की की तरह कैसे नाचता हूं... मुझे आज भी वो दिन याद हैं जब मेरी मां मुझे स्कूल के फंक्शन में लड़की के कपड़े पहनाकर भेजती थीं. वो मेरा मेकअप बहुत अच्छे से करती थीं. वो मुझे बहुत अच्छे से सजाती थीं.' दिल्ली में अपनी पढ़ाई पूरी कर जब वो पंजाब वापस लौटे, तो पड़ोसियों के ताने का दौर फिर शुरू हो गया, लेकिन परिवार की हिम्मत उनके साथ खड़ी रही.
अपनी काबिलियत के दम पर इंस्टाग्राम पर 2 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स बनाने वाले संधू ट्रोल्स का सामना हमेशा निडर होकर करते थे. जब भी उनसे उनकी पर्सनल लाइफ को लेकर बेतुके सवाल पूछे जाते, तो वो करारा जवाब देते थे. ऐसे लोगों को आईना दिखाते हुए उन्होंने हमेशा एक ही बात कही, 'भगवान ने मुझे जैसा बनाया है, मैं वैसा ही हूं.' जब इसी साल जुलाई में उन्हें फोन पर अपना सरनेम हटाने और बदलने की धमकी दी, तब भी संधू ने बेहद शांति से जवाब दिया, 'देखिए, भगवान ने मुझे जैसा बनाया है, मैं क्या कर सकता हूं?'
मैड संधू की दुखद हत्या जून 2025 में लुधियाना की इन्फ्लुएंसर कंचन कुमारी के कत्ल की खौफनाक याद दिलाती है, जिन्हें ऐसे ही कट्टरपंथी विचारों की बलि चढ़ा दिया गया था. मैड संधू अच्छी तरह जानते थे कि वो एक कट्टर सोच वाले समाज के निशाने पर हैं, फिर भी उन्होंने कभी किसी के आगे झुकना मंजूर नहीं किया. नई जनरेशन को इंस्पायर करते हुए उन्होंने कहा था, 'अगर मैं एक जाट सिख परिवार से आता हूं और अमृतसर जैसे शहर में रहता हूं और अगर मैं ये सब हासिल कर सकता हूं, तो आप भी बहुत कुछ कर सकते हैं.'