एक साल में 39 फिल्में, 400 हिट और 50 ब्लॉकबस्टर! अमिताभ, शाहरुख और रजनीकांत से भी आगे था ये सुपरस्टार
Legendary Indian Actor: भारतीय सिनेमा के सबसे सफल सितारों की बात जब भी होती है, तो अमिताभ बच्चन, शाहरुख खान और रजनीकांत जैसे सितारों का नाम सबसे ऊपर आता है, लेकिन आज हम आपको एक ऐसे सितारे के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसके रिकॉर्ड आपको हैरान कर देंगे. आइए जानते हैं-
Legendary Indian Actor: भारतीय सिनेमा के महानायकों की लिस्ट में अमिताभ बच्चन, रजनीकांत, दिलीप कुमार, चिरंजीवी और शाहरुख खान जैसे नामों को अक्सर 'अब तक का सबसे बड़ा स्टार' माना जाता है. लेकिन कोई यह कैसे तय करता है कि कौन सा स्टार सबसे बड़ा है? अगर यह सफलता की दर पर आधारित है, तो दिलीप कुमार सबसे आगे हैं. यदि बॉक्स ऑफिस के ठोस आंकड़ों को ध्यान में रखा जाए, तो शाहरुख खान सबसे आगे निकल जाते हैं और यदि टिकटों की बिक्री को पैमाना माना जाए, तो अमिताभ बच्चन बाकी सभी से बहुत आगे खड़े दिखाई देते हैं.
लेकिन बॉक्स ऑफिस पर मिलने वाली सफलताओं की कुल संख्या के बारे में क्या? फिल्मों की 'हिट' संख्या को लेकर जुनूनी रहने वाली इस इंडस्ट्री में निश्चित रूप से इस आंकड़े का महत्व है. इस पैमाने पर ऊपर बताए गए नामों में से कोई भी मलयालम सिनेमा के एक दिग्गज के सामने कहीं नहीं ठहरता. वास्तव में, इन सभी महानायकों की कुल हिट फिल्मों की संख्या भी शायद उस एक अकेले व्यक्ति की संख्या से कम होगी, जिसने चार दशकों के अपने शानदार करियर में यह मुकाम हासिल किया.
कौन थे 'एवरग्रीन' स्टार प्रेम नजीर?
प्रशंसकों और चाहने वालों के बीच 'नित्यहरिता नायकन' (सदाबहार नायक) के नाम से मशहूर प्रेम नजीर ने तीन दशकों से अधिक समय तक मलयालम सिनेमा पर राज किया. इस स्टार ने मलयालम फिल्म उद्योग के आदर्श नायक का ऐसा खाका तैयार किया, जिसका पालन आज भी कई लोग करते हैं. साल 1950 के दशक की शुरुआत से लेकर 1980 के दशक के अंत तक फैले अपने करियर में उन्होंने रिकॉर्ड 1000 फिल्मों में अभिनय किया, जिसमें मुख्य अभिनेता के रूप में 700 से अधिक फिल्में शामिल थीं. उनके इस अद्भुत काम ने उन्हें दशकों तक एक के बाद एक हिट फिल्में देने में सक्षम बनाया. उद्योग के अनुमानों के अनुसार, प्रेम नजीर ने अपने करियर में 400 से अधिक हिट फिल्में दीं, जिनमें कम से कम 50 फिल्में ऐसी थीं, जिन्हें मलयालम सिनेमा में ब्लॉकबस्टर का दर्जा मिला.
क्या बॉलीवुड दिग्गज उनके आगे पीछे छूट गए?
यह आंकड़ा कितना हैरान करने वाला है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि हिंदी सिनेमा के सबसे बड़े सुपरस्टार माने जाने वाले अमिताभ बच्चन 11 ब्लॉकबस्टर सहित केवल 60 हिट फिल्मों के साथ उनसे कोसों पीछे हैं. रजनीकांत भी लगभग इसी स्तर पर हैं, जिनकी 70 से कुछ कम हिट और एक दर्जन ब्लॉकबस्टर फिल्में हैं. आधुनिक बॉलीवुड सितारों की बात करें तो कोई भी उनके आस-पास भी नहीं ठहरता. अक्षय कुमार, शाहरुख खान और सलमान खान सभी के खाते में केवल 35-38 हिट फिल्में हैं. सलमान खान के पास 15 ब्लॉकबस्टर हैं, जो किसी भी हिंदी फिल्म नायक के लिए सबसे अधिक हैं.
यदि हम अमिताभ, रजनीकांत और शाहरुख, जिन्होंने पांच दशकों तक सिनेमा पर राज किया है, की कुल हिट फिल्मों को जोड़ भी दें, तो भी यह आंकड़ा केवल 150 हिट और 25 ब्लॉकबस्टर तक ही पहुंचता है, जो प्रेम नजीर द्वारा अकेले हासिल किए गए रिकॉर्ड के आधे के बराबर भी नहीं है.
कैसे हुई उनके शानदार करियर की शुरुआत?
साल 1929 में अब्दुल खादर के रूप में जन्मे प्रेम नजीर ने अपने अभिनय की शुरुआत मंच से की थी, जहां उन्होंने 1951 में 'द मर्चेंट ऑफ वेनिस' में शायलॉक की भूमिका निभाई थी. वह अगले साल फिल्मों में आ गए, लेकिन शुरुआत में उन्होंने अपने असली नाम से ही अभिनय किया. साल 1952 में आई फिल्म 'विशप्पिन्ते विली' (Visappinte Vili) ने उनके जीवन को पूरी तरह से बदल दिया. इस फिल्म ने उन्हें उनका नया स्क्रीन नाम (प्रेम नजीर) दिया और मुख्य अभिनेता के तौर पर उन्हें पहला बड़ा ब्रेक भी दिलाया. इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा.
उन्होंने कौन से विश्व रिकॉर्ड बनाए?
1950 के दशक के अंत तक प्रेम नजीर एक स्थापित स्टार बन चुके थे और उन्होंने सामाजिक अन्याय के खिलाफ लड़ने वाले किरदारों को निभाना शुरू कर दिया था. 1960 के दशक में उन्होंने गंभीर और नाटकीय भूमिकाओं के साथ प्रयोग करना शुरू किया, जिसमें विशेष रूप से 'इरुट्टिन्ते आत् मावु' (Iruttinte Athmavu - 1967) में एक विक्षिप्त युवक की भूमिका निभाना शामिल था. उन्होंने विभिन्न फिल्मों में भगवान राम, भगवान कृष्ण और अयप्पा की भूमिका निभाकर अपनी एक गहरी पहचान बनाई. 1970 का दशक उनका सबसे व्यस्त काल था, जब वे एक ही समय में 3-4 फिल्मों की शूटिंग करते थे और कुछ ही हफ्तों में प्रत्येक फिल्म को पूरा कर लेते थे. साल 1979 में, उन्होंने एक वर्ष में सबसे अधिक फिल्मों में अभिनय करने का विश्व रिकॉर्ड बनाया, जब वे कुल 39 फिल्मों में दिखाई दिए.
80 के दशक में करियर कैसे बदला?
हालांकि, 1980 के दशक तक आते-आते प्रेम नजीर की लोकप्रियता का सितारा थोड़ा धीमा पड़ने लगा था. यह सुपरस्टार अब अपने जीवन के 50वें दशक में प्रवेश कर चुका था और सिनेमा जगत में उनसे 20 साल छोटे प्रतिद्वंद्वी आ चुके थे. जैसे ही जयन, सुकुमारन, शंकर और सोमन जैसे अभिनेताओं ने मुख्य भूमिकाएं संभालनी शुरू कीं, प्रेम नजीर सहायक भूमिकाओं में आ गए और मुख्य नायक के बाद दूसरी महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाने लगे. इसके बावजूद, उन्होंने कई यादगार फिल्मों में मुख्य भूमिका भी निभाई, जैसे कि 'पदयोत्तम' (Padayottam - 1982) और 'वेल्लारिक्का पट्टनम' (Vellarikka Pattanam - 1985).
क्या अधूरा रह गया उनका आखिरी सपना?
साल 1988 में, उन्होंने मलयालम सिनेमा के दो नए उभरते सितारों, मोहनलाल और ममूटी को लेकर एक फिल्म निर्देशित करने की इच्छा जताई थी. लेकिन दुर्भाग्य से, उनकी सेहत ने उनका साथ नहीं दिया. 16 जनवरी 1989 को खसरा (measles) की चपेट में आने और एक लंबी बीमारी के बाद केवल 59 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया. उनकी अंतिम रिलीज प्रियदर्शन की 'कडाथनादन अंबाडी' (Kadathanadan Ambadi - 1990) थी, जिसमें उन्होंने मोहनलाल के साथ अभिनय किया था.