Ramayana: ए.आर रहमान के म्यूजिक से खफा हुए OG 'लक्ष्मण', बोले- उम्मीद के मुताबिक नहीं बात!
'रामायण' सीरियल के 'लक्ष्मण' सुनील लहरी ने रणबीर कपूर की फिल्म 'रामायण' की तारीफ की है. हालांकि, ए.आर. रहमान और हैंस जिमर जैसे दिग्गजों के होने के बावजूद वो इसके संगीत से थोड़े निराश हैं.
रामायण के दौर से घर-घर में अपनी खास पहचान बनाने वाले ओजी 'लक्ष्मण' यानी एक्टर सुनील लहरी इन दिनों रणबीर कपूर की आने वाली मोस्टअवेटेड फिल्म 'रामायण' को लेकर चर्चा में हैं. फिल्म की कास्टिंग, वीएफएक्स और म्यूजिक को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही तमाम नेगेटिव बातों के बीच सुनील लहरी ने इस प्रोजेक्ट पर खुलकर बात की है. उन्होंने कहा कि भले ही उन्होंने फिल्म अभी तक नहीं देखी है, लेकिन उन्हें पूरी उम्मीद है कि ये फिल्म ऑडियंस के दिलों पर जरूर राज करेगी
एक्टर ने हाल ही में अपने एक्स हैंडल पर एक वीडियो शेयर करते हुए बहुत ही सादगी से अपनी बात रखी. उन्होंने कहा, 'नितेश तिवारी की डायरेक्ट की हुई 'रामायण' बहुत जल्द लोगों के सामने आ रही है. कई लोगों ने कहा है, मुझे भी इस फिल्म के बारे में अपने विचार शेयर करने चाहिए. शायद इसलिए क्योंकि एक समय मैं भी 'रामायण' का हिस्सा था.'
रणबीर की 'रामायण' को बताया एपिक
सुनील लहरी ने आगे कहा, 'वो समय कुछ और था, आज समय कुछ और है. मैंने फिल्म नहीं देखी है. मैं न तो इस टॉपिक का रिसर्चर हूं और न ही कोई अथॉरिटी. मैं एपिक का क्रिटिक कैसे हो सकता हूं? मैं इतना जरूर कहूंगा कि ये एक बेहतरीन एपिक है. सिर्फ हम भारतीयों के लिए नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की इंसानियत के लिए.' फिल्म के बाकी पहलुओं की तारीफ करने के साथ-साथ सुनील लहरी ने इसके म्यूजिक पर बेबाकी से अपनी राय रखी है.
उन्होंने कहा कि दो सबसे बड़े कंपोजर ए.आर. रहमान और हैंस जिमर के एक साथ काम करने के बावजूद, फिल्म का संगीत उनकी उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाया. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे प्रोजेक्ट्स में लोकल फ्लेवर का होना बहुत जरूरी होता है.
आसपास की संस्कृति और भावनाओं का जिक्र
अपने वीडियो में उन्होंने आगे कहा, 'कल्चर है, वैल्यू है, सेंटिमेंट है, इमोशंस हैं, और बिलीफ है. हम सबको इस हेरिटेज का ध्यान रखना चाहिए. मुझे सिर्फ उम्मीद नहीं है, मुझे पूरा भरोसा है. नितेश जी बहुत अच्छे डायरेक्टर हैं. पहले भी उन्होंने बहुत अच्छी फिल्में बनाई हैं. वो और इस फिल्म से जुड़े सभी आर्टिस्ट बहुत टैलेंटेड हैं. वो एक साथ आए हैं, कड़ी मेहनत की है और एक बहुत अच्छी फिल्म बनाई है. इस एपिक पोएम में, म्यूजिक बहुत इंपॉर्टेंट रोल निभाता है. एक तरह से, ये बैकबोन है. इस फिल्म का जो म्यूजिक मैंने सुना है, कुछ गानों में, कुछ साउंड्स ने मुझे थोड़ा डिसअपॉइंट किया है. मैं समझता हूं कि लोकल फ्लेवर, चाहे वो मिथिला का हो या अयोध्या का, उन गानों के पीछे के म्यूजिक में होना चाहिए.'
'रामायण' की टीम को दी शुभकामनाएं
संगीत को लेकर अपनी असहमति जताने के बावजूद, सुनील लहरी ने फिल्म से जुड़े हर एक कलाकार और निर्देशक की जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा, 'ये उन गानों के पीछे के म्यूजिक में होना चाहिए. हालांकि मैं कोई अथॉरिटी नहीं हूं, लेकिन एक अच्छे श्रोता के तौर पर, ये मेरे विचार हैं. इस फिल्म के सभी एक्टर्स को, मेकर को, मैं दिल से शुक्रिया अदा करता हूं और मैं भगवान से प्रार्थना करता हूं कि वो इस फिल्म को बहुत सफल बनाएं.'
'जय श्री राम' से किया वीडियो का अंत
अपनी बात को खत्म करते हुए सुनील लहरी ने इस मेगा-बजट फिल्म के कमर्शियल सक्सेस पर भी बात की. उन्होंने याद दिलाया कि इतनी बड़ी फिल्म के साथ कई लोगों की रोजी-रोटी और मेहनत जुड़ी होती है. इसलिए इसका सफल होना बहुत जरूरी है. उन्होंने अपने इस वीडियो का अंत 'जय श्री राम' के साथ किया, जिसे उनके फैंस द्वारा काफी पसंद किया जा रहा है.