भारत छोड़ो नोटिस: 40 साल हिंदुस्तान में रहने के बाद इमरान खान को मिला देश निकाला, भड़कीं किरण राव ने मुंबई पुलिस पर उठाए सवाल
Kiran Rao Slams Mumbai Police: आमिर खान के भांजे और एक्टर इमरान खान को मुंबई पुलिस और विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय ने भारत छोड़ने का नोटिस थमा दिया है. 28 अक्टूबर तक की मोहलत मिलने के बाद आमिर की एक्स-वाइफ किरण राव उनके सपोर्ट में उतरी हैं और पुलिस पर सवाल उठाए हैं.
बॉलीवुड एक्टर और आमिर खान के भांजे इमरान खान इन दिनों एक बड़ी मुश्किल में फंस गए हैं. मुंबई पुलिस और फॉरेन रिलेशन रेजिस्ट्रेशन ऑफिस (FRRO) ने उन्हें तुरंत भारत छोड़ने का कानूनी नोटिस भेजा है. इस नोटिस के सामने आते ही पूरी फिल्म इंडस्ट्री हैरान रह गई और लोग अपनी अलग-अलग राय दे रहे हैं. इसी बीच आमिर खान की एक्स-वाइफ किरण राव ने भी सोशल मीडिया पर खुलकर अपना गुस्सा जाहिर किया. उन्होंने इस पूरे कदम पर तंज कसते हुए मुंबई पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए और इमरान का साथ दिया है.
किरण ने अपने इंस्टाग्रानम पर एक के बाद एक कई स्टोरीज शेयर कर अपना विरोध दर्ज किया. उन्होंने सबसे पहले दिल्ली में प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस की सख्ती का एक वीडियो पोस्ट किया और लोगों से अपना ख्याल रखने की अपील की. इसके बाद उन्होंने इमरान खान को मिले भारत छोड़ो नोटिस की खबर शेयर करते हुए तंज कसा, ‘वाह! अब मुंबई पुलिस भी?’. किरण राव ने ये भी याद दिलाया कि इमरान 43 साल के हैं और अपनी जिंदगी के 40 साल भारत में ही बिता चुके हैं. उन्होंने यहीं पढ़ाई की, काम किया और नाम शोहरत भी यहीं हासिल की.
प्रोटेस्ट में शामिल होने पर शुरू हुआ पूरा विवाद
दरअसल, ये पूरा विवाद 10 अक्टूबर को शुरू हुआ था, जब इमरान खान ने मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में आयोजित एक विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया था. उस दौरान पुलिस ने उन्हें कुछ समय के लिए हिरासत में भी ले लिया था. इस घटना के अगले ही दिन 11 अक्टूबर को राजनीतिक नेता किरीट सोमैया ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. उन्होंने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि इमरान के पास भारत की नागरिकता नहीं है, इसलिए वे किसी भी तरह के विरोध प्रदर्शन में हिस्सा नहीं ले सकते. उन्होंने पुलिस से इस मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई की डिमांड की थी.
प्रशासन ने दिया देश छोड़ने का कड़ा अल्टीमेटम
किरीट सोमैया की इस शिकायत और अपील के बाद पुलिस और फॉरेनर्स रजिस्ट्रेशन ऑफिस हरकत में आ गया. गुरुवार को इमरान खान को औपचारिक तौर पर देश छोड़ने का नोटिस जारी कर दिया गया. इस आदेश के तहत उन्हें अपना पक्ष रखने या भारत से बाहर जाने के लिए 28 अक्टूबर तक की आखिरी तारीख दी गई है. प्रशासन के इस सख्त रुख ने न सिर्फ इमरान खान की मुश्किलें बढ़ा दी हैं, बल्कि इस मुद्दे पर अब सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक तीखी बहस छिड़ चुकी है कि क्या किसी पुराने निवासी के साथ ऐसा बर्ताव सही है?
राहत के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख करेंगे इमरान
प्रशासन के इस आदेश के बाद अब इमरान खान शांत बैठने के मूड में बिल्कुल नहीं हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक्टर इस नोटिस के खिलाफ बहुत जल्द बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती देने की तैयारी कर रहे हैं. उनकी कानूनी टीम में शामिल वकील जुल्फिकार मेमन, परवेज मेमन और चिराग नाइक ने साफ किया है कि वे कोर्ट में याचिका दायर कर मामले की तुरंत सुनवाई की मांग करेंगे. वकीलों का कहना है कि प्रशासन का ये फैसला पूरी तरह से एकतरफा है और वे कोर्ट के जरिए इस नोटिस पर तुरंत रोक लगाने की मांग करेंगे, ताकि इमरान को राहत मिल सके.
कानूनी टीम ने नोटिस की वैधता पर उठाए सवाल
इमरान खान के वकीलों का साफ तौर पर कहना है कि एक्टर ने किसी भी नियम या लागू शर्त का कोई उल्लंघन नहीं किया है. कानूनी टीम ने नोटिस की लीगलिटी पर ही गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. वकीलों के मुताबिक, पुलिस की तरफ से भेजे गए इस नोटिस में ये साफ तौर पर नहीं बताया गया है कि इमरान खान ने इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट 2025 के किस खास नियम का उल्लंघन किया है. बिना किसी ठोस आधार और क्लियर लीगल प्रोविजन के ऐसा फरमान जारी करना पूरी तरह से गलत है और वे इसे अदालत में पूरी ताकत से चुनौती देंगे.