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Haiwaan Review: कहीं नहीं दिखा कोई 'हैवान', गुम दिखी कहानी; अक्षय-सैफ ने घसीटकर क्लाइमैक्स तक पहुंचाया

Haiwaan Movie: अक्षय कुमार और सैफ अली खान की फिल्म 'हैवान' का पूरा रिव्यू पढ़ें. जानें प्रियदर्शन के डायरेक्शन में बनी यह मूवी देखने लायक है या OTT का इंतजार करना बेहतर है.

Written By Alkesh Kushwaha
Published: Sep 11, 2026, 08:32 AM IST | Updated: Sep 11, 2026, 10:00 AM IST
Image Credit: movie review haiwaan
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Haiwaan Movie Review: हैवान नाम सुनकर अगर आपको लगता है कि ये कोई डरावनी फिल्म है तो जरा रुक जाइए, क्योंकि अगर आप थिएटर में घुसते हैं तो पहले फर्स्ट हाफ में सस्पेंस के नाम पर थकाऊ कहानी का सामना करना पड़ सकता है. बॉलीवुड के खिलाड़ी कहलाने वाले अक्षय कुमार विलेन के किरदार में एक 'हैवान' की भूमिका में थे लेकिन न तो वो किसी को डरा पाए और न ही कहानी में सस्पेंस पैदा कर पाए. आखिरी सीन तक बार-बार दर्शकों को उबासी लेने पर मजबूर कर दिया. वहीं, 'हैवान' फिल्म में अहम किरदार निभाने वाले सैफ अली खान से डॉयरेक्टर प्रियदर्शन ने बखूबी काम लिया और पूरी पिक्चर को घसीटकर क्लाइमैक्स तक पहुंचाया. हालांकि, प्रियदर्शन ने अपनी अगली फिल्म की झलक इसी फिल्म के आखिर में साउथ सुपरस्टार एक्टर मोहनलाल के जरिए रखी है.

कैसी थी कहानी?

हैवान फिल्म की कहानी मुंबई से दूर श्याम राणे (सैफ अली खान) के घर से होती है, जहां उन्हें अपनी बहन की शादी के लिए पैसे एकजुट करने थे. अपने घर को किसी दोस्त की वजह से गिरवी कर रखा था और पूरा परिवार उसके खिलाफ था. श्याम मुंबई शहर में किसी हाउसिंग सोसाइटी के मैनेजर होते हैं. वहां, जज प्रधान (बोमन ईरानी) रिटायरमेंट के बाद जिंदगी गुजार रहे हैं. उनकी एक बेटी भी होती है जिसे लोगों की नजरों से दूर किसी स्कूल हॉस्टल में छिपाकर रखा है. उसे छिपाकर रखने की जिम्मेदारी श्याम को मिलती है. इसी दौरान, कभी जज प्रधान के एक फैसले की वजह से 7 साल की जेल की सजा काट चुके परशुराम गोखले (अक्षय कुमार) की एंट्री होती है और यहीं से शुरू होती है कहानी.

किरदार में कैसे फंसी फिल्म?

डायरेक्टर प्रियदर्शन ने 'हैवान' फिल्म की कहानी को क्राइम और साइकोलॉजिकल थ्रिलर बनाने के चक्कर में कहानी को घसीटना शुरू कर दिया और इसकी जिम्मेदारी सैफ अली खान को दी. फिल्म में दृष्टिबाधित होने बावजूद उन्होंने अपने किरदार को न्याय तो दिया, लेकिन फर्स्ट हाफ तक अक्षय कुमार का कोई अहम रोल नजर नहीं आया और कहानी गुत्थमगुत्था नजर आई. दूसरे हाफ में अक्षय कुमार ने हैवान बनने की पूरी कोशिश की, लेकिन दर्शकों को कहीं भी हैवान नजर नहीं आएगा. बोमन ईरानी का किरदार छोटा था लेकिन इतना पॉवरफुल नहीं कि पूरी कहानी में उन्हें याद किया जाए. इंस्पेक्टर वर्षा के रोल में सैयामी खेर ने अपनी ड्यूटी निभाई लेकिन इम्पैक्ट निल रहा. कुल मिलाकर अगर आप डरावनी मूवी सोचकर फिल्म देखने का प्लान बना रहे हैं तो जेब खर्च करने से पहले थोड़ा सोचना पड़ेगा.

18 साल बाद एक साथ लौटे सैफ-अक्षय कुमार

अक्षय कुमार और सैफ अली खान आखिरी बार 2008 की एक्शन कॉमेडी फिल्म टशन में देखा गया था, जबकि इससे पहले वे मैं खिलाड़ी तू अनाड़ी (1994) और ये दिल्लगी (1994) जैसी शानदार फिल्मों में भी एक साथ काम कर चुके हैं. इसके 18 साल बाद पहली बार ऐसा हुआ जब सैफ लीड किरदार में नजर आए, जबकि अक्षय ने निगेटिव कैरेक्टर निभाया. इतने सालों बाद 'हैवान' से भी फैन्स को काफी उम्मीदें हैं लेकिन कमजोर और बोझिल कहानी कहीं दर्शकों को निराश न कर दे.

गानों में भी फिसड्डी

'हैवान' फिल्म के गानों ने सिर्फ स्क्रीन टाइम को बढ़ाया. कहानी की तरह सभी तीन गाने बोझिल और थकाउ ही नजर आए. हालांकि, एक गाने को फिल्म के सस्पेंस को जोड़े रखा लेकिन किसी का दिमाग गानों की लिरिक्स पर बिल्कुल भी नहीं था. प्रीतम के कंपोज किए गए 'मैं तो नहीं हैवान', 'रंगियारा' और 'मेरे हीरो है वो' गाने भी दर्शकों को अपनी ओर खींचने में असफल रहे.

कहां फेल हुए डायरेक्टर?

फिल्म के नाम से ऐसा मालूम पड़ रहा है कि शायद कोई एक ऐसा सीन आए जिसे देखकर दर्शक खौफजदा हो जाएं, लेकिन ऐसा कहीं भी महसूस नहीं होगा कि हैवान नाम इससे क्यों जोड़कर रखा. दिग्गज डायरेक्टर प्रियदर्शन ने अक्षय कुमार को निगेटिव किरदार देकर पूरी कोशिश की कि फिल्म में 'हैवान' को जस्टिफाई किया जा सके लेकिन इसमें वो फेल साबित हुए. फर्स्ट हाफ में कहानी को गुहने में भी बर्बाद कर दिया और 'हैवान' गायब रहा. साथ ही इस फिल्म में कई ऐसे सीन्स भी थे जहां कॉमेडी का भी तड़का लगाने की कोशिश की गई.

क्यों देखें ये फिल्म?

अगर अक्षय कुमार और सैफ अली की जोड़ी को 18 सालों बाद एक साथ देखना चाहते हैं तो थिएटर तक पहुंचने की खिदमत उठा सकते हैं. यदि अगर कहानी में सस्पेंस और हैवान खोजने की तलाश में है तो घर में बैठकर फिल्म ओटीटी तक आने का इंतजार कर सकते हैं.

रेटिंग: 2
स्टारकास्ट: अक्षय कुमार, सैफ अली खान, बोमन ईरानी, सैयामी खेर
डायरेक्टर: प्रियदर्शन
कहां देखें: थिएटर

देखें ट्रेलर-

 

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About the Author

अल्केश कुशवाहा एक वरिष्ठ डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 14 वर्षों से अधिक का गहन अनुभव है. वर्तमान में वे जी न्यूज हिंदी में चीफ सब-एडिटर के रूप में बॉलीवुड-वायरल सेक्शन संभाल रहे हैं. अल्केश की मुख्य विशेषज्ञता बॉलीवुड, एंटरटेनमेंट, वायरल सिनेमा ट्रेंड्स और सेलिब्रिटी एक्सक्लूसिव्स में है. साल 2012 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत करने वाले अल्केश ने दैनिक भास्कर, हिन्दुस्तान टाइम्स, राजस्थान पत्रिका और NDTV जैसे देश के अग्रिम मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं. अल्केश ने अपने करियर में अर्जुन रामपाल, ऋचा चड्ढा और राजपाल यादव जैसी कई दिग्गज बॉलीवुड हस्तियों के एक्सक्लूसिव इंटरव्यूज किए हैं. फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस एनालिसिस, सेलिब्रिटी गॉसिप्स और एंटरटेनमेंट ट्रेंड्स का इन-डेप्थ डेटा एनालिसिस करना उनका मजबूत पक्ष है. वे पाठकों तक बॉलीवुड जगत की हर छोटी-बड़ी खबर सटीक, निष्पक्ष और विश्लेषणात्मक तरीके से पहुंचाते हैं. आप अल्केश कुशवाहा से सीधे alkesh.kushwaha@zeemedia.com पर संपर्क कर सकते हैं.
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