Ghamashaan Review: 'डकैत' अरशद वारसी की IPS प्रतीक गांधी से 'घमासान' मुठभेड़, तिग्मांशु धुलिया का एक और मास्टरस्ट्रोक
Ghamashaan Movie Review: जी5 पर रिलीज हुई 'घमासान' फिल्म का रिव्यू: जानिए कैसे तिग्मांशु धुलिया के डायरेक्शन में अरशद वारसी और प्रतीक गांधी ने बीहड़ के आतंक और एनकाउंटर की कहानी को ओटीटी पर जीवंत कर दिया.
डकैती, मार-धाड़, बीहड़, पुलिस मुठभेड़ और राजनीति के इर्द-गिर्द वाली फिल्में पसंद आती हैं, तो डायरेक्टर तिग्मांशु धुलिया ने दर्शकों के लिए एक गजब की मास्टरस्ट्रोक कहानी पेश की है. उन्होंने जी5 पर रिलीज हुई 2 घंटे 22 मिनट की फिल्म 'घमासान' के लिए जबरदस्त लोकेशन चुनी और बेहतरीन कलाकारों संग एक और कहानी गुंथी. सच्ची घटना से प्रेरित यह फिल्म बुंदेलखंड इलाके में साल 2006 में फैले डकैतों के आतंक पर आधारित है. निगेटिव किरदार निभाने वाले अरशद वारसी ने डकैत का रोल निभाया है, जिसने आखिरी वक्त तक डकैती, दहशत और हत्याओं को अंजाम दिया. इसी वजह से पुलिस ने उसे ढूंढ निकाला और आईपीएस आदित्य सिंह यानी प्रतीक गांधी के नेतृत्व में एनकाउंटर कर पूरी टोली को मार गिराया.
कैसी है कहानी?
बुंदेलखंड में खौफ से छुटकारा पाने के लिए डकैत महाराज (अरशद वारसी) की ही टोली का एक सदस्य पुलिस की टीम से मिलता है और उसे मरवाने की प्लानिंग करवाता है, लेकिन इसमें पुलिस विफल हो जाती है. इसके बाद डकैत महाराज मुखबिरी करने वाले के गांव में दहशतगर्दों की एक टोली भेजता है और वहां लोगों की निर्मम हत्या करवाता है. इस खौफनाक घटना की खबर पूरे राज्य में फैल जाती है और विपक्षी पार्टी द्वारा सत्तापक्ष पर दबाव बनाया जाने लगता है. जैसे ही यह घटना तूल पकड़ती है, आईपीएस आदित्य सिंह (प्रतीक गांधी) के नेतृत्व में एक एसटीएफ टीम तैनात की जाती है और महाराज को खोजकर न्यूट्रलाइज करने की प्लानिंग शुरू होती है. इसके बाद पूरी कहानी आखिर तक दर्शकों को बांधकर रखती है.
किरदारों ने हिलने नहीं दिया
डकैत बने अरशद वारसी ने अपने लुक और बुंदेलखंडी बोली से दर्शकों को बांधे रखने का काम किया. वहीं, पुलिस ऑफिसर के गंभीर किरदार को प्रतीक गांधी ने बखूबी निभाया. एक आंख से देख पाने वाले कालिका के रूप में राजपाल यादव ने भी अपने रोल के साथ जस्टिस किया और वे किसी हीरो की भूमिका से कम नहीं दिखे. उनके अलावा आदित्य की पत्नी का रोल एक्ट्रेस इशिता दत्ता ने निभाया. डायरेक्टर तिग्मांशु धुलिया हमेशा कास्टिंग टीम से बेहतरीन काम निकलवा ही लेते हैं, जो स्क्रीन पर दिल जीत लेता है. इस बार भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला.
लोकेशन और डिटेलिंग ने जीता दिल
फिल्म की शुरुआत विजुअल से पहले ऑडियो से होती है, जो सीधे गांव की एक शादी से कनेक्ट करती है जहां जल्द ही मातम पसरने वाला होता है. इसके बाद जंगली इलाके, गांव में पसरा सन्नाटा, छोटे-छोटे बच्चों का खेलना, नदी-नाले, गोलियों की असली आवाजें, मार-पीट और निर्ममता के दृश्यों ने लोगों को झकझोर देने का काम किया है. डायरेक्टर तिग्मांशु धुलिया ने गांव के आम लोगों को फिल्म में रोल देकर इसे वास्तविकता से जोड़ा.
क्यों देखें यह फिल्म?
बड़ी स्क्रीन पर देसी अंदाज में कहानियां परोसने वाले डायरेक्टर तिग्मांशु धुलिया ने ओटीटी पर भी नए किरदारों का बखूबी इस्तेमाल किया है. अरशद वारसी और प्रतीक गांधी की दमदार एक्टिंग के साथ बीहड़ इलाके की असलियत देखना चाहते हैं, तो यह फिल्म आपके लिए है.
रेटिंग: 3 स्टार
स्टारकास्ट: अरशद वारसी, प्रतीक गांधी, राजपाल यादव, इशिता दत्ता
डायरेक्टर: तिग्मांशु धुलिया
कहां देखें: जी5
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