)
लॉस एंजिल्स के 'एकेडमी म्यूजियम ऑफ मोशन पिक्चर्स'में मंगलवार को नितेश तिवारी की भारतीय महाकाव्य 'रामायण' का वर्ल्ड प्रीमियर हुआ. इस भव्य कार्यक्रम में फिल्म का अंग्रेजी डब वर्जन दिखाया गया, जिसमें रणबीर कपूर, साई पल्लवी और यश है. हालांकि, प्रीमियर से पहले ही कुछ अंतरराष्ट्रीय क्रिटिक्स ने मूल हिंदी वर्जन की तुलना में इसमें दो बड़ी कमियां बताईं, पहली यह कि अंग्रेजी वर्जन हिंदी से आधा घंटा छोटा है. और दूसरी यह कि डबिंग की प्रोसेस में 'जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' (AI) का इस्तेमाल किया गया है.

'रामायण' के अंतरराष्ट्रीय संस्करणों की डबिंग प्रोसेस में जिस तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, उसे 'ब्रह्मा AI' कहा जाता है. इसे निर्माता नमित मल्होत्रा की कंपनी 'प्राइम फोकस' ने विकसित किया है, जो कई ऑस्कर पुरस्कार जीत चुकी एक स्पेशल इफेक्ट्स कंपनी है. इस साल की शुरुआत में ब्रह्मा AI एक 'यूनिकॉर्न AI' बन गई, जिसकी वैल्यू लगभग 2 मिलियन डॉलर आंकी गई है. 'रामायण' की डबिंग प्रोसेस में मुख्य रूप से जिस तकनीक का इस्तेमाल हुआ है, उसका नाम 'वाणी' (VAANI) है.
'वाणी' का इस्तेमाल कई भाषाओं में आवाज और लिप-सिंक को मिलाने के लिए किया जाता है. इसका इस्तेमाल मूल वर्जन के किरदारों के हिंदी लिप-सिंक को अंग्रेजी में बदलने के लिए किया गया है. इसलिए कई द्विभाषी फिल्मों की तरह इस फिल्म को हिंदी और अंग्रेजी में दो बार शूट करने के बजाय निर्माताओं ने इसे पूरी तरह से हिंदी में शूट किया और फिर AI की मदद से हिंदी लिप-सिंक को अंग्रेजी में बदल दिया.
तीन साल पहले जब हॉलीवुड की ट्रेड यूनियनों, जैसे SAG-AFTRA (स्क्रीन एक्टर्स गिल्ड - अमेरिकन फेडरेशन ऑफ टेलीविजन एंड रेडियो आर्टिस्ट्स) ने कई अन्य मुद्दों के साथ-साथ AI के इस्तेमाल के विरोध में हड़ताल का आह्वान किया था. इसमें वॉयस डबिंग कलाकारों का विरोध भी शामिल था. उनका कहना था कि AI की वजह से उनकी नौकरियां छिन रही हैं, क्योंकि AI का इस्तेमाल करके मूल कलाकारों की आवाज़ को क्लोन किया जा रहा है और उसे दूसरी भाषाओं में बदला जा रहा है.
इसके बाद ट्रेड यूनियनों ने कुछ दिशानिर्देश जारी किए. उनका कहना था कि अगर किसी स्टार्स की आवाज का इस्तेमाल, क्लोनिंग या उसे फिर से तैयार किया जाता है. तो ऐसा केवल उनकी सहमति से और उन्हें उचित मुआवजा देने के बाद ही होना चाहिए. क्योंकि तकनीकी रूप से उनकी आवाज का इस्तेमाल डबिंग आर्टिस्ट की जगह पर किया जा रहा है. साथ ही इसमें यह भी प्रावधान रखा गया कि अगर डब किए गए काम को दोबारा दिखाया (री-रन किया) जाता है, तो इसके लिए भी भुगतान (रेसिडुअल पेमेंट) किया जाना चाहिए.
हालांकि, नमित मल्होत्रा और अब निर्देशक नितेश तिवारी ने साफ किया है कि 'रामायण' में 'ब्रह्मा AI' का इस्तेमाल इस काम के लिए नहीं किया गया है. 'रामायण' के वर्ल्ड प्रीमियर के रेड कार्पेट पर नितेश तिवारी ने कहा, 'इसका इस्तेमाल केवल लिप-सिंक को ठीक करने के लिए किया गया है, ताकि हम फिल्म को दुनिया के सामने उनकी अपनी भाषाओं में पेश कर सकें. सभी आवाजें इंसानी कलाकारों द्वारा ही डब की गई हैं. इसमें किसी AI का इस्तेमाल नहीं हुआ है. AI का उपयोग केवल होंठों की हरकत को बदलने के लिए किया गया है, ताकि दर्शक अपनी मातृभाषा में फिल्म का आनंद ले सकें.'
वहीं, नामित मल्होत्रा ने इस साल की शुरुआत में इस प्रोसेस के बारे में बताया था. उन्होंने ईटी नाउ से कहा था, 'हमने ऐसे वॉयस एक्टर्स को शामिल किया है, जिन्होंने असल में इसे परफॉर्म किया है. इनमें कुछ ओरिजिनल एक्टर्स भी हैं, जिनकी भाषा पर अच्छी पकड़ है और जो अलग-अलग भाषाओं में इमोशंस को जाहिर कर सकते हैं. यह पहला कदम था, ताकि यह पक्का किया जा सके कि इमोशंस को बिल्कुल असली तरीके से पेश किया जाए. और यह सब इंसानों द्वारा किया गया है. इसमें AI का कोई रोल नहीं है.'
प्रोड्यूसर ने आगे कहा, 'अगला कदम भी इंसानों द्वारा ही उठाया जाता है. हम एक ‘ह्यूमन ड्राइवर’ की मदद लेते हैं, जो आवाज के साथ होंठों की हरकत (लिप मूवमेंट) को सिंक करके एक आधार तैयार करता है. यह इसलिए सही लगता है क्योंकि हो सकता है कि बेहतरीन वॉयस एक्टर का चेहरा स्क्रीन पर दिखने वाले एक्टर से मेल न खाता हो. इसलिए, हमने ऐसे वॉयस एक्टर्स को चुना है जिनका चेहरा स्क्रीन वाले एक्टर से मिलता-जुलता है. फिर हमने AI की मदद से एक खास तकनीक तैयार की है, जिससे इस काम को एक्टर के चेहरे पर इस तरह जोड़ दिया जाता है कि सब कुछ एकदम असली लगता है. इसलिए जब आप इसे देखते हैं, तो आपको यही लगता है कि असल में वही एक्टर पूरी भावना और सच्चाई के साथ बोल रहा है. इसमें सबटाइटल्स या डबिंग जैसी कोई रुकावट नहीं आती, जो अक्सर दर्शकों को उतना प्रभावित नहीं कर पातीं.'
प्राइम फोकस और यश के 'मॉन्स्टर माइंड क्रिएशन्स' द्वारा सह-निर्मित 'रामायण' दिवाली से तीन दिन पहले 5 नवंबर को दुनिया भर के सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है. विदेशों में इसे सोनी पिक्चर्स इंटरनेशनल द्वारा और भारत के हिंदी मार्केट में करण जौहर के धर्मा प्रोडक्शंस द्वारा डिसटीब्यूट किया जा रहा है. अनुमान है कि यह फिल्म ग्लोबल बॉक्स ऑफिस पर 180 करोड़ रुपये की ओपनिंग करेगी.