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श्रद्धा कपूर 'ईठा' के जरिए महाराष्ट्र के लोक रंगमंच की दुनिया में कदम रख रही हैं. लक्ष्मण उतेकर के निर्देशन में बनी इस फिल्म का ट्रेलर शुक्रवार को रिलीज हुआ, जिसमें श्रद्धा कपूर मशहूर तमाशा और लावणी कलाकार विठाबाई भाऊ मांग नारायणगांवकर के किरदार में नजर आ रही हैं. दर्शकों की भारी भीड़ के सामने शानदार प्रदर्शन से लेकर दिल टूटने और निजी दुखों के पलों तक यह ट्रेलर एक ऐसी कलाकार के जीवन के कई पहलुओं को दिखाता है, जिसकी पूरी जिंदगी उसकी कला के इर्द-गिर्द ही घूमती थी.
ट्रेलर की शुरुआत में श्रद्धा पारंपरिक लावणी पोशाक पहने मंच पर परफॉर्म करती दिखती हैं, जिसे एक बड़ी भीड़ देख रही है. इसमें दर्शकों के हाथों में रोशनी शानदार परफॉरमेंस वाली जगहें और लोक संगीत की धुन पर नाचतीं कलाकार के सीन हैं.

वहीं, एक दूसरे सीन में श्रद्धा का किरदार कहता है, 'मेरा भरोसा ही मेरा घमंड था रे, जब वह टूट गया ना, तो सब टूट गया.' इस डायलॉग से पता चलता है कि भरोसे के टूटने से वह पूरी तरह टूट गई हैं. ट्रेलर में एक तरफ एक मशहूर कलाकार के रूप में उनकी सार्वजनिक छवि दिखती है, तो दूसरी तरफ मंच के पीछे उन्हें किन मुश्किलों का सामना करना पड़ता है, यह भी दिखाया गया है. एक सीन में कोई विठाबाई को याद दिलाता है कि उन्होंने ही 'तमाशा' को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया था, और उन्हें खुद पर भरोसा रखने के लिए कहता है.
एक और डायलॉग में उनके और नृत्य के रिश्ते को बखूबी दिखाया गया है, 'नाच के मुकाबले में तकदीर भी नहीं जीत सकती.' इसके बाद एक बहुत ही दमदार डायलॉग आता है, जिसमें उन्हें उनके ही कहे शब्द याद दिलाए जाते हैं, 'पड़े-पड़े मरी तो बेचारी कहलाऊंगी, पर नाचते हुए मरी तो मिसाल बन जाऊंगी.'
ट्रेलर में विठाबाई के परिवार और निजी रिश्तों की झलक भी देखने को मिलती है. रणदीप हुड्डा और मोहम्मद जीशान अय्यूब भी कुछ छोटे रोल में नजर आए हैं. एक सीन में एक उद्घोषक उनका परिचय इस प्रकार देता है, 'महाराष्ट्र की शान, लावणी का अभिमान, ईठा बाई' इसके बाद श्रद्धा स्टेज के बीच में आती हैं और नर्तकों के एक समूह के साथ परफोर्म करती हैं, जिसे देखकर दर्शक उत्साह से झूम उठते हैं.
लास्ट विठाबाई की पारंपरिक 'नवारी' साड़ी चर्चा का विषय बन जाती है. जब कोई उनके पहनावे पर सवाल उठाता है, तो वे इसका बचाव करते हुए कहती हैं कि यह महाराष्ट्र के लोगों का गौरव और उनकी पहचान है.
विठाबाई भाऊ मांग नारायणगांवकर महाराष्ट्र की सबसे मशहूर तमाशा और लावणी कलाकारों में से एक थीं. 1935 में पंढरपुर में जन्मीं विठाबाई लोक कलाकारों के एक परिवार में पली-बढ़ीं और बहुत कम उम्र में ही उन्होंने प्रदर्शन करना शुरू कर दिया था.
उनके जीवन से जुड़ी सबसे चर्चित कहानियों में से एक वह है, जब एक 'तमाशा' प्रदर्शन के दौरान उन्हें प्रसव पीड़ा (लेबर पेन) शुरू हो गई थी. बताया जाता है कि उन्होंने बैकस्टेज पर ही बच्चे को जन्म दिया और तुरंत वापस मंच पर जाने के लिए तैयार हो गईं. जब दर्शकों को इस बात का पता चला, तो उन्होंने आग्रह किया कि नृत्य रोक दिया जाए ताकि वह आराम कर सकें. इस घटना को फिल्म के टीजर में भी दिखाया गया था, जिसे इस साल की शुरुआत में रिलीज किया गया था.
वाहवाही और तारीफों के पीछे विठाबाई का निजी जीवन बिल्कुल भी आसान नहीं था. नाटककार शांतनु घुले, जिन्होंने उनके जीवन पर आधारित नाटक 'विठा' तैयार किया था. उन्होंने मारुति सावंत के साथ विठाबाई की मुश्किल शादीशुदा जिंदगी के बारे में बताया. कहा जाता है कि सावंत उनकी कमाई पर कंट्रोल रखते थे और उनके साथ बुरा बर्ताव करते थे. इससे उनके जीवन भर कई मुश्किलें बनी रहीं.
अपने लाइफ के अंतिम दिनों में विठाबाई को आर्थिक तंगी का भी सामना करना पड़ा. जनवरी 2002 में उनका निधन हो गया. उस समय की खबरों के अनुसार, उनके परिवार को अस्पताल के बिल चुकाने में भी काफी संघर्ष करना पड़ा था. उन्होंने 'तमाशा' कलाकारों की भलाई के लिए भी काम किया और राज्य सरकार से उन्हें पेंशन दिलाने में मदद की.
यह फिल्म 'लुका छुपी' (2019), 'मिमी' (2021), 'जरा हटके जरा बचके' (2023) और 'छावा' (2025) के बाद उटेकर और मैडॉक को फिर से एक साथ लाइ है. साथ ही 'स्त्री' फ्रेंचाइजी के बाद यह फिल्म श्रद्धा और मैडॉक के दोबारा साथ आने का भी मौका है.
फिल्म में रणदीप हुड्डा, मोहम्मद जीशान अय्यूब, नाना पाटेकर, सिद्धार्थ जाधव, अनंत जोशी, अक्षरा सिंह और उल्का गुप्ता भी अहम भूमिकाओं में हैं. इसका संगीत अजय-अतुल ने तैयार किया है. 'ईथा' 4 दिसंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी.