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दिलजीत के शो से पहले दिल्ली में खालिस्तानी साजिश! मेट्रो पर लिखे गए नारे, SFJ ने दिया था टास्क, महिला समेत 3 गिरफ्तार

दिल्ली में दिलजीत दोसांझ के कॉन्सर्ट को खराब करने की साजिश रची गई थी. वहीं साजिश से जुड़ा एक बड़ा पर्दाफाश हुआ है. कुछ खालिस्तानी समथर्कों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.

Written By Shilpa Singh
Published: Nov 01, 2026, 09:40 PM IST | Updated: Nov 01, 2026, 10:35 PM IST
Image Credit: दिलजीत दोसांझ के कॉन्सर्ट को खालिस्तानी करना चाहते थे
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30 अक्तूबर को पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ का कॉन्सर्ट हुआ है. उनके कॉन्सर्ट में लाखों संख्या में फैंस पहुंचे थे. शो काफी शानदार तरीके से हुआ था. सिंगर के इस कॉन्सर्ट को खराब करने की साजिश रची गई थी. अब इसका पर्दाफाश हुआ है. दिल्ली मेट्रो स्टेशनों पर खालिस्तान समर्थक के नारे लिखने के मामले में 3 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. 
 

3 लोगों को किया गिरफ्तार

गिरफ्तार आरोपियों में एक महिला भी शामिल है. दिल्ली पुलिस के मुताबिक तीनों का संबंध खालिस्तानी संगठन सिख्स ऑप जस्टिस SFJ से लोगों था. मेट्रो स्टेशन पर खालिस्तान समर्थक के नारे लिखने के लिए इन लोगों को पैसों को लालच दिया गया था. पुलिस की स्पेशल टीम हैंडलर्स की तलाश कर रही है.

इन मेट्रो स्टेशन पर लिखे नारे

दिल्ली के जहांगारीपुरी और शास्त्री नगर मेट्रो स्टेशन पर खालिस्तान समर्थक ग्रैफिटी लिखी गई थी. जहांगीरपुरी मेट्रो स्टेशन पर 29 अक्टूबर 2026 को गेट नंबर के पास फर्श पर नारे लिखे मिले थे. 30 अक्टूबर 2026 को शास्त्री नगर मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 2 की सीढ़ियों और दीवार पर खालिस्तान समर्थक नारे लिखे मिले थे. दोनों ही स्टेशन पर इंग्लिश में लिखा गया था. दिलजीत सिंह कौम द गद्दार खून द बदला SFJ खालिस्तान. इस नारे के जरिए SFJ और खालिस्तान का समर्थन किया गया था.

तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जांच के आधार पर आरोपियों की पहचान की है. पुलिस ने सबसे पहले सुमीत उर्फ रफ्तार को गिरफ्तार यिा. पूछताछ के बाद सुमित कुमार और गुरप्रीत को गिरफ्तार कर लिया गया. सुमीत उर्फ रफ्तार पानीपत हरियाणा का रहने वाला है. सुमीत कुमार उर्फ कारा, गुरदासपुर पंजाब का रहने वाला है. गुरप्रीत होशियारपुर पंजाब की रहने वाली है.

पुलिस के मुताबिक तीनों आरोपी ने 28 अक्टूबर को दिल्ली आने के बाद अलग-अलग मेट्रो स्टेशन पर नारे लिखे. नारे लिखने का वीडियो बनाकर अपने हैंडलर्स को भेजा है. पुलिस का कहना है कि पुछताछ में तीनों ने स्टेशन पर नारे लिखने की बात को स्वीकार किया है.

ऑनलाइन लाइव स्ट्रीमिंग से हुई मुलाकात

पुलिस को जांच में पता चला कि सुमीत उर्फ रफ्तार पहले बिगो लाइफ प्लेटफॉर्म पर फ्रीलांस कंटेंट क्रिएटर के तौर पर काम करते थे. भारत सरकार ने 2019 में इस प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध लगा दिया था. इसके बाद रफ्तार ने टैंगो नाम का प्लेटफॉर्म यूज करना शुरू किया. इसी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उसकी मुलाकात काका से हुई थी. पुलिस के अनुसार घटना से लगभग एक हफ्ते पहले सुमित लुधियाना गया था.

इसके बाद तीनों टैक्सी से दिल्ली आए. पुलिस के अनुसार गुरप्रीत पंजाब के होशियारपुर जिले की है. उन्होंने 12वीं तक पढ़ाई की है. इसके बाद उन्होंने सैलून में काम किया. वह पंजाब और हरियाणा के होटल में काम कर चुकी है. 4 चार साल पहले गुरप्रीत की मुलाकात सुमित उर्फ काका से एक दोस्त के जरिए हुए थी. सुमित ने शुरुआत में गुरप्रीत शॉपिंग कराने के बहाने से दिल्ली लाया. दिल्ली आने के बाद सुमित ने अपने प्लान के बारे में बताया. इसके बाद दोनों ने मिलकर मेट्रो स्टेशन पर नारे लिखे. 

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About the Author

मैं शिल्पा सिंह, पिछले 6 साल से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हूं. मैं 4 साल से ज़ी न्यूज़ हिंदी में बतौर सीनियर सब एडिटर काम कर रही हूं. ज़ी न्यूज़ में मैं एंटरटेनमेंट बीट पर भी काम कर रही हूं. मैंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत इंडिया न्यूज़ डिजिटल से की थी. इसके बाद वन इंडिया डिजिटल और जागरण न्यू मीडिया जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में भी काम किया है. इस दौरान मैंने एंटरटेनमेंट बीट पर लेखन के साथ-साथ सेलेब्रिटी इंटरव्यू, वीडियो स्टोरी, फिल्म रिव्यू और रिसर्च-बेस्ड कंटेंट की कवरेज की है. मैंने जामिया मिलिया इस्लामिया से जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया है. मेरा उद्देश्य किसी भी बीट पर काम करते हुए पाठकों तक सही, उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी देना है.
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