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बॉलीवुड एक्ट्रेस दीया मिर्जा को दिवाली पर पटाखों के खिलाफ अपील करना भारी पड़ गया है. दरअसल, मुंबई में प्रदूषण से निपटने के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने एक्ट्रेस दीया मिर्जा और क्रिकेटर अजिंक्य रहाणे समेत कई हस्तियों को अभियान में शामिल किया है. लेकिन इस अभियान में दीया मिर्जा को शामिल किए जाने के खिलाफ विवाद खड़ा हो गया है.
बीजेपी नेता अमित साटम ने प्रदूषण के खिलाफ अभियान में दीया मिर्जा को शामिल करने पर नाराजगी जताई है. उन्होंने कहा है कि हमें दीया मिर्जा से दिवाली मनाने का तरीका सीखने की जरूरत नहीं है. उनके इस बयान के बाद दीया मिर्जा का पोस्ट बीएमसी ने हटा दिया. हालांकि, एक्ट्रेस माधुरी दीक्षित, क्रिकेटर अजिंक्य रहाणे और मराठी एक्ट्रेस निशिगंधा वाड जैसी अन्य हस्तियों के ऐसे ही मैसेज अभी भी ऑनलाइन मौजूद हैं.
यह वीडियो तब हटाया गया जब बीजेपी मुंबई अध्यक्ष अमित साटम ने बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) द्वारा दीया मिर्जा वाला वीडियो पोस्ट किए जाने पर आपत्ति जताई. वीडियो में मिर्जा ने नागरिकों से अपील की थी कि वे पटाखे न जलाएं और शोर प्रदूषण (नॉइज पॉल्यूशन) बढ़ाने से बचें.
साटम ने लिखा, 'हमें दीया से यह सीखने की जरूरत नहीं है कि दिवाली कैसे मनाएं. हमारी परंपराएं हमारी संस्कृति में गहराई से रची-बसी हैं.' इस पोस्ट को उन्होंने BMC को टैग भी टैग किया.
mybmc We don’t need lessons on how to celebrate Diwali from deespeak Our traditions are deeply rooted in our culture.
— Ameet Satam (AmeetSatam) November 1 2026
बाद में बिना किसी आधिकारिक स्पष्टीकरण के इस वीडियो को नगर निकाय के सोशल मीडिया अकाउंट्स से हटा दिया गया. बढ़ते वायु प्रदूषण और त्योहारों के दौरान पटाखे फोड़ने पर रोक लगाने में विफलता को लेकर बॉम्बे हाई कोर्ट द्वारा फटकार लगाए जाने के बाद बीएमसी ने पटाखों के खिलाफ एक अभियान के लिए कई मशहूर हस्तियों को शामिल किया था.
कोर्ट ने सार्वजनिक सड़कों, पार्कों और आम जगहों पर पटाखे फोड़ने पर पूरी तरह से रोक लगा दी है. कोर्ट ने यह भी सुझाव दिया था कि प्रदूषण के खिलाफ जन-जागरूकता अभियानों में मशहूर हस्तियों को शामिल किया जाए और वे इसमें हिस्सा लेने के लिए कोई फीस न लें. कोर्ट की इन बातों के बाद BMC ने कई मशहूर हस्तियों से वीडियो मैसेज रिकॉर्ड करवाए, जिनमें उन्होंने नागरिकों से पटाखे फोड़ने को लेकर कोर्ट के निर्देशों का पालन करने की अपील की.
हालांकि, यह पहली बार है जब नगर निकाय ने हवा की बिगड़ती गुणवत्ता को लेकर चिंताओं के बीच जन जागरूकता अभियान के लिए मशहूर हस्तियों को शामिल करने की कोशिश की है. मिर्जा का वीडियो भी इस अभियान का हिस्सा था. हालांकि, बीजेपी नेता की आपत्तियों और दक्षिणपंथी सोशल मीडिया हैंडल्स की आलोचना के बाद इसे हटा दिया गया.
शिव सेना की प्रवक्ता शायना एनसी ने कहा, 'दीवाली साफ तौर से से रोशनी का त्योहार है. और दीया मिर्जा, जिनके नाम में ही 'दीया' आता है. उन्हें यह समझना चाहिए कि दीवाली के साथ एक खास सांस्कृतिक पहचान जुड़ी हुई है. कोई भी प्रदूषण को बढ़ावा नहीं दे रहा है या पटाखे नहीं फोड़ रहा है, लेकिन हमें खुद आत्मनिरीक्षण करने की जरूरत है. मुंबईकर के तौर पर हमें क्या करना चाहिए इस पर हमें दूसरों से सीख लेने की जरूरत नहीं है.'
वहीं, केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने भी दीया मिर्जा के मैसेज पर आपत्ति जताई. उन्होंने कहा, 'दीया मिर्जा एक फिल्म एक्ट्रेस हैं और मुस्लिम समुदाय से ताल्लुक रखती हैं, लेकिन यह किसी एक समुदाय का मामला नहीं है. संविधान हर धर्म को अपने त्योहार मनाने का अधिकार देता है. जिस तरह हिंदू ईद का सम्मान करते हैं और उसमें शामिल होते हैं, उसी तरह हिंदू समुदाय दिवाली मनाता है. अगर पटाखे न जलाए जाएं, तो दिवाली का महत्व कुछ कम हो सकता है. हालांकि हमें अत्यधिक प्रदूषण को लेकर भी चिंतित रहना चाहिए.'
बता दें कि दीया मिर्जा के पिता ईसाई थे और मां बंगाली हिंदू थीं. उनका पालन-पोषण उनके सौतेले पिता के मुस्लिम घर में हुआ. उनकी मां ने अपने असली पिता से अलग होने के बाद उनसे शादी की थी. उन्होंने अपने सौतेले पिता के सरनेम 'मिर्जा' को अपनाया.