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आने वाली बायोपिक 'दादा' में क्रिकेटर सौरव गांगुली का रोल निभा रहे राजकुमार राव ने फिल्म के पहले पोस्टर पर हुई जबरदस्त आलोचना के बारे में बात की है. दरअसल, जुलाई में रिलीज हुए इस पोस्टर की फैंस ने आलोचना की थी, क्योंकि उन्हें लगा कि यह AI से बनाया गया है. राजकुमार ने हाल ही में एक इंटरव्यू में इस आलोचना को माना और कहा कि इसे बनाने वाली टीम ने इससे सबक सीखा है.
मैशेबल इंडिया से बात करते हुए राजकुमार ने माना कि टीम को काफी आलोचना का सामना करना पड़ा और कहा कि पोस्टर बनाने वालों को एहसास हुआ कि इसे जल्दबाजी में नहीं बनाया जाना चाहिए था. राजकुमार ने कहा, 'जिन्होंने इसे बनाया, उन्होंने यह सबक सीखा कि उन्हें जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए थी. आराम से काम करें, कोई जल्दी नहीं है. मुझे लगता है कि टीम ने अपना सबक सीख लिया है.'
एक्टर ने आगे कहा कि इस रिएक्शन से उन्हें सौरव गांगुली को लेकर लोगों की दिलचस्पी का भी पता चला. एक्टर कहते हैं, 'लेकिन इससे उन्होंने एक और बात भी सीखी कि दादा की जबरदस्त फैन फॉलोइंग है.' विक्रमादित्य मोटवाने के डायरेक्शन में बन रही 'दादा' फिल्म पर कुछ समय से काम चल रहा है और राजकुमार ने गांगुली का रोल निभाने की तैयारी में काफी समय बिताया है.
इसी बातचीत के दौरान राजकुमार ने फिल्म बनाने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल के बारे में भी बात की. उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी को रोका नहीं जा सकता, लेकिन उनका मानना है कि AI को इंसानी काम की जगह लेने के बजाय एक मददगार टूल के तौर पर इस्तेमाल किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा, 'टेक्नोलॉजी के फायदे और नुकसान दोनों हैं. AI आएगा, आप इसे रोक नहीं सकते, लेकिन हमें इसे एक मददगार टूल के तौर पर इस्तेमाल करना चाहिए. आप पूरी तरह से इस पर निर्भर नहीं रह सकते.'
राजकुमार ने फिल्म इंडस्ट्री में नौकरियों पर AI के बड़े पैमाने पर इस्तेमाल से पड़ने वाले असर को लेकर चिंता जाहिर की. उन्होंने कहा, 'और मैं नहीं चाहता कि ऐसा हो क्योंकि इससे लाखों लोगों की रोजी-रोटी पर असर पड़ सकता है. आप एक कमरे में बैठकर सब कुछ दोबारा नहीं बना सकते. आप इसे इंसानी भावनाओं से नहीं बदल सकते.'
उन्होंने आगे कहा, 'मुझे नहीं पता कि क्या AI इतनी तेजी से वैसा कुछ बना सकता है. क्योंकि हम AI का जो काम देखते हैं, उसे देखकर पता चल जाता है कि यह AI है. उसमें मजा नहीं आता. आपको पता होता है कि यह नकली है. आप हर चीज AI से नहीं बना सकते.'
राजकुमार ने यह भी बताया कि टीम ने 'दादा' के कुछ पार्ट की शूटिंग गांगुली के घर और कोलकाता के ईडन गार्डन्स में की. राजकुमार ने कहा, 'मैं उनसे कई बार मिला हूं. हमने उनके घर पर भी शूटिंग की. हमने ईडन गार्डन्स में भी शूटिंग की. हम कुछ समय के लिए कोलकाता में थे. मैंने उनके साथ काफी समय बिताया और उनसे बहुत बातें कीं.'
उन्होंने आगे कहा कि उन बातचीत से उन्हें गांगुली की जिंदगी की ऐसी बातें पता चलीं जो जरूरी नहीं कि सबके साथ शेयर की जातीं. उन्होंने कहा, 'पर्दे के पीछे क्या हो रहा था, यह जानना भी बहुत जरूरी था. उन्होंने अपनी जिंदगी के बारे में हमसे खुलकर बात की.' साथ ही राजकुमार ने भारतीय क्रिकेट में गांगुली के योगदान की भी तारीफ की. उन्होंने कहा, 'वह एक लेजेंड हैं. उन्होंने भारतीय टीम को बनाया. आज जो टीम इतनी मशहूर है, उसकी नींव उन्होंने ही रखी थी.'
हालांकि, राजकुमार ने 'दादा' फिल्म में दिखाए जाने वाले खास किस्सों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी, लेकिन उन्होंने यह जरूर बताया कि फिल्म सिर्फ गांगुली की कामयाबियों तक ही सीमित नहीं रहेगी. राजकुमार ने कहा, 'उन्होंने अपने करियर में कई उतार-चढ़ाव देखे. तो उन्होंने उन मुश्किलों का सामना कैसे किया और उनसे कैसे बाहर निकले, यह फिल्म में दिखाया जाएगा.' बता दें कि फिल्म मई 2027 में रिलीज होने वाली है.
सौरव गांगुली के जीवन पर आधारित फिल्म 'दादा: द सौरव गांगुली स्टोरी' का निर्देशन विक्रमादित्य मोटवानी ने किया है. फिल्म का निर्माण लव रंजन और अंकुर गर्ग ने लव फिल्म्स के बैनर तले किया है. इसमें राजकुमार राव गांगुली की भूमिका निभा रहे हैं, जबकि तान्या मानिकतला उनकी पत्नी डोना गांगुली के किरदार में नजर आएंगी.
भारतीय क्रिकेट में 'महाराजा' के नाम से मशहूर सौरव गांगुली ने कप्तान के रूप में टीम इंडिया को नई दिशा दी. उनकी कप्तानी में भारत ने 2002 आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी का संयुक्त खिताब जीता और 2003 क्रिकेट विश्व कप, 2000 आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी तथा 2004 एशिया कप के फाइनल तक का सफर तय किया.
अपने एकदिवसीय इंटरनेशनल करियर में गांगुली ने 11,363 रन बनाए, जो उन्हें वनडे क्रिकेट के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में शामिल करता है. उन्होंने 2008 में इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लिया और 2012 में क्रिकेट के सभी प्रारूपों को अलविदा कहा था. भारतीय क्रिकेट में उनके योगदान को देखते हुए भारत सरकार ने उन्हें 2004 में देश के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म श्री से सम्मानित किया.