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जिसे बॉलीवुड ने किया नजरअंदाज, उसी ने रचा इतिहास, ‘Hanuman Ansh’ की असली ताकत भक्ति नहीं... इस सीक्रेट फॉर्मूला ने बदली किस्मत

Hanuman Ansh Independent Cinema India: सिर्फ 2 करोड़ के बजट में बनी फिल्म ‘हनुमान अंश’ ने बॉक्स ऑफिस पर धुआंधार कमाई कर रह किसी को चौंका दिया. 10 लाख की ओपनिंग से शुरू होकर इस फिल्म ने 40 करोड़ से ज्यादा की कमाई कर ली. बिना किसी बड़े स्टार्स और महंगे प्रमोशन के इस फिल्म ने आखिर सक्सेस कैसे हिसाल की. भक्ति के अवाला क्या है वो सीक्रेट फॉर्मूला?

जिसे बॉलीवुड ने किया नजरअंदाज, उसी ने रचा इतिहास, ‘Hanuman Ansh’ की असली ताकत भक्ति नहीं... इस सीक्रेट फॉर्मूला ने बदली किस्मत
Image Credit: इस सीक्रेट फॉर्मूला ने बदली ‘हनुमान अंश’ की किस्मत (स्क्रीनग्रैब)

बॉलीवुड में ज्यादातर फिल्मों की किस्मत रिलीज से पहले ही तय मान ली जाती है. अगर किसी फिल्म में बड़ा स्टार है, भारी-भरकम बजट लगा है, हर जगह बड़े-बड़े इंटरव्यू चल रहे हैं और सोशल मीडिया पर करोड़ों का कैंपेन चल रहा है, तो माना जाता है कि फिल्म चलेगी. वहीं, अगर कोई छोटी फिल्म बिना और किसी तामझाम के चुपचाप रिलीज हो जाए, तो लोग उसे पहले ही दिन से फ्लॉप मान लेते हैं, लेकिन 2026 अगस्त के महीने में एक छोटी सी फिल्म ने इंडस्ट्री का ये पूरा गणित ही बिगाड़ दिया, जिसने बॉक्स ऑफिस पर छप्परफाड़ कमाई की.

इस फिल्म का नाम ‘हनुमान अंश’ है. पहले दिन फिल्म की शुरुआत इतनी सुस्त थी कि ट्रेड के जानकारों को लगा ये दो दिन में ही उतर जाएगी. करीब 2 करोड़ रुपये में बनी इस फिल्म ने पहले दिन सिर्फ 10 लाख रुपये की कमाई की थी. पहले हफ्ते का टोटल कलेक्शन भी मुश्किल से 1.08 करोड़ रुपये तक ही पहुंच सका था. दूसरे हफ्ते में तो फिल्म की कमाई और गिर गई और ऐसा लगा कि अब इसका सफर खत्म हो चुका है, लेकिन असली कहानी तो इसके बाद शुरू हुई. तीसरे हफ्ते में फिल्म ने ऐसा यू-टर्न लिया कि जिसने सुना वो दंग रह गया.

Hanuman Ansh

तीसरे हफ्ते में हुआ असली चमत्कार

फिल्म ‘हनुमान अंश’ ने तीसरे हफ्ते में ऐसी रफ्तार पकड़ी कि सिनेमाघरों में शो अपने आप बढ़ने लगे. इतना ही नहीं, हाउसफुल तक जाने लगे. जहां पहले इसे थिएटर्स नहीं मिल रहे थे, वहीं बाद में लोग खुद टिकट मांगने लगे. एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, 24 दिनों के अंदर फिल्म ने देश में 40.13 करोड़ रुपये नेट और 47.33 करोड़ रुपये ग्रॉस कमा लिए. हालिया रिपोर्ट्स तो ये भी बता रही हैं कि ये आंकड़ा धीरे-धीरे अब 50 करोड़ के करीब पहुंच रहा है. 2 करोड़ की फिल्म का इतना बड़ा कारोबार करना किसी अजूबे से कम नहीं माना जा रहा है.

न कोई शोर था और न कोई सुपरस्टार

‘हनुमान अंश’ की सबसे खास बात ये है कि इसे 7 अगस्त, 2026 को बिना किसी बड़े ड्रामे के देशभर में कम ही सिनेमाघरों में रिलीज किया गया था. फिल्म में कोई चमक-दमक वाला बड़ा चेहरा नहीं था और न ही कोई महंगा पीआर स्टंट किया गया था. पहले दो हफ्तों में फिल्म ने सिर्फ डेढ़ करोड़ रुपये के आसपास की ही टोटल कमाई की थी, लेकिन इसके बाद जो लोग फिल्म देखकर निकले, उन्होंने इंटरनेट और अपनी बातचीत में इसकी तारीफ करनी शुरू कर दी. ऑडियंस की यही चर्चा फिल्म के लिए सबसे बड़ा हथियार साबित होने लगी.

माउथ पब्लिसिटी बनी सीक्रेट फॉर्मूला

टाइम्स ऑफ इंडिया और एनडीटीवी की रिपोर्ट्स की मानें तो इस फिल्म की असली जीत 'वर्ड ऑफ माउथ' यानी लोगों की आपसी सिफारिश से हुई है. जहां बड़ी फिल्में करोड़ों रुपये खर्च करके लोगों को सिनेमा हॉल तक खींचती हैं, वहीं इस फिल्म के लिए ये काम आम ऑडियंस ने मुफ्त में कर दिया. एक दर्शक ने फिल्म देखी, उसने अपने परिवार और दोस्तों को बताया और फिर वे लोग थिएटर पहुंचे. देखते ही देखते खाली पड़े सिनेमा हॉल पूरी तरह से पैक होने लगे और फिल्म की मांग बढ़ गई. इता ही नहीं, इस फिल्म ने लोगों को आपना दीवाना बना लिया.

सिर्फ भक्ति नहीं बल्कि भरोसे की जीत

पहली नजर में कोई भी इसे नॉर्मल धार्मिक फिल्म मान सकता है, लेकिन इसकी गहराई कुछ और ही है. फिल्म का नाम भले ही भगवान हनुमान से जुड़ा हो, मगर इसकी कहानी मूल रूप से उत्तर प्रदेश के अकबरपुर गांव के नीम करोली बाबा के जीवन और उनकी आध्यात्मिक साधना के ईग-गिर्गल घूनती है. इंडिया टुडे को दिए एक इंटरव्यू में फिल्म के डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी ने बताया कि वे पिछले 20 सालों से इस कहानी पर काम कर रहे थे. ये कोई जल्दबाजी में बना प्रोजेक्ट नहीं था, बल्कि इसके पीछे मेकर्स का बरसों का रिसर्च और यकीन था.

एक्टर का किरदार से गहरा जुड़ाव

फिल्म में लीड रोल प्लेन करने वाले शोभिनव सत्या अभिनेता होने के साथ ही एक फिल्ममेकर भी हैं. उन्होंने ही इस फिल्म में बाबा नीम करोली का किरदार बेहद खूबसूरती से निभाया है. इंडिया टुडे से बात करते हुए शोभिनव ने बताया कि वे साल 2009 से ही बाबा के अनन्य भक्त रहे हैं और सादा आध्यात्मिक जीवन जीते आए हैं. उन्होंने कहा कि उन्हें हमेशा ऐसा लगा जैसे बाबा उन्हें सालों से इसी रोल के लिए तैयार कर रहे थे. जब पर्दे पर काम करने वाले कलाकार का किसी कहानी से इतना जुड़ाव होता है, तो उसका असर सीधे ऑडियंस के दिलों पर पड़ता है.

जब पैसे नहीं थे तो कराया गया भंडारा

आजकल फिल्मों का प्रमोशन करने के लिए पानी की तरह पैसा बहाया जाता है, लेकिन इस टीम के पास बजट ही नहीं था. डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी ने आज तक और इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में बताया कि जब प्रमोशन के लिए पैसे कम पड़े, तो उन्होंने रास्ता बदला. उन्होंने तय किया कि बाबा का संदेश सेवा भाव से ही जनता तक पहुंचाया जाएगा. इसके बाद मेकर्स ने 8 बड़े भंडारों का आयोजन किया. विज्ञापनों पर पैसे लुटाने के बजाय जनता को प्रसाद खिलाकर फिल्म का प्रमोशन किया गया, जो लोगों को छू गया, जिसके बाद फिल्म की किस्मत ही बदल गई. 

 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

सेट पर किया जाता था हनुमान चालीसा का पाठ

इंटरव्यू के दौरान डायरेक्टर ने ये भी बताया कि इस फिल्म की शूटिंग के दौरान भी एक बेहद अलग और शांत माहौल बनाए रखा गया था. डायरेक्टर के मुताबिक सेट पर गाली-गलौज, लड़ाई-झगड़े, शराब और मांसाहारी खाने पर पूरी तरह रोक थी. हर दिन काम शुरू करने से पहले और पैकअप के बाद ‘हनुमान चालीसा’ का पाठ किया जाता था. विशाल चतुर्वेदी ने बताया कि कई बार तकनीकी दिक्कतों से कैमरा रुक जाता था, तब पूरी टीम एक साथ पाठ करने लगती थी और काम फिर से शुरू हो जाता था. इस पॉजिटिव माहौल ने फिल्म को एक अलग आत्ना दी.

कहानी में छुपा था एक अनोखा मोड़

अक्सर लोग ‘हनुमान अंश’ फिल्म का नाम सुनकर सोचते हैं कि ये पूरी तरह भगवान हनुमान पर बनी कहानी होगी, लेकिन इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, ये कहानी असल में नीम करोली बाबा की भगवान हनुमान के लिए अटूट आस्था के एक अनोखे सफर पर ले जाती है. यानी फिल्म में भक्त और भगवान के रिश्ते को बड़े ही सुंदर तरीके से पिरो कर लोगों के सामने पेश किया गया है, जो लोग बाबा को मानते हैं उन्हें ये अपनी कहानी लगी, जो हनुमान भक्त हैं वे इससे जुड़ते चले जाते हैं और आम लोगों को एक बहुत ही सुकून देने वाला सिनेमैटिक एक्सपीरियंस लगा.

10 लाख से शुरू होकर 40 करोड़ के पार

फिल्म के बॉक्स ऑफिस आंकड़े बताते हैं कि असली सिनेमा कैसे धीरे-धीरे अपनी जगह बनाता है. सैकनिल्क की रिपोर्ट के मुताबिक, पहले हफ्ते में 1.08 करोड़ और दूसरे हफ्ते में सिर्फ 40 लाख कमाने के बाद तीसरे हफ्ते में कमाई का तूफान आ गया. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, फिल्म ने तीसरे हफ्ते में अकेले 10.5 करोड़ रुपये बटोरे. इसके बाद चौथे हफ्ते में भी पकड़ मजबूत रही और आंकड़ा 40 करोड़ के पार चला गया. पहले सुस्त रहकर बाद में कमाई के रिकॉर्ड बनाना अपने आप में एक अनोखी मिसाल है, जो किसी इतिहास रचने से कम नहीं है.  

बड़ी फिल्मों के सामने भी डटी रही

जिस वक्त बॉक्स ऑफिस पर बड़ी और फेमस फिल्में रिलीज की तैयारी में थीं, उस वक्त भी ‘हनुमान अंश’ टस से मस नहीं हुई. एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, एडवांस बुकिंग के एक दौर में इस फिल्म ने ‘टॉक्सिक’ जैसी बड़ी फिल्मों से पहले 4,000 से ज्यादा टिकटें बेच ली थीं. एक ऐसी फिल्म के लिए जिसे शुरुआत में सिर्फ 10 लाख की ओपनिंग मिली थी, ये बहुत बड़ी कामयाबी थी. ऑडियंस के भारी सपोर्ट की वजह से कई सिनेमाघरों में इसके शो आधी रात तक चलाने पड़े. सक्सेस की इस आंधी के बीच फिल्म के डायरेक्टर का एक बयान भी काफी चर्चा में रहा.

डायरेक्टर ने क्यों बंद कर दिए आंकड़े देखना?

एनडीटीवी से बात करते हुए डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी ने बताया कि शुरुआत में वे लोग हर दिन की टिकट बिक्री और कमाई का हिसाब बड़ी बारीकी से रखते थे, लेकिन बाद में उन्होंने आंकड़े देखना ही छोड़ दिया. उनका कहना था कि अब ये फिल्म उनकी नहीं रही, बल्कि पूरी तरह से जनता की हो चुकी है. जब जनता किसी फिल्म को अपना मान लेती है, तो फिर मेकर्स को फिक्र करने की जरूरत नहीं रहती. ‘हनुमान अंश’ की ये सक्सेस फिल्म इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा आईना है, जिसने साबित किया कि ऑडियंस सिर्फ भारी बजट, चमकीले सेट और बड़े चेहरों के मोहताज नहीं हैं. 

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About the Author

Vandana Saini

Vandana Saini

वंदना सैनी जी न्यूज में सब ए़डिटर हैं और पिछले 11 साल से डिजिटल मीडिया में काम कर रही हैं. कुछ समय तक उन्होंने नेशनल, इंटरनेशनल और पॉलिटिकल बीट पर काम किया. इसके बाद 2018 में उन्होंने इंडिया न्यूज में एंटरटेनमेंट बीट पर काम करना शुरू किया और पिछले 8 साल से लगातार में एंटरटेनमेंट बीट पर काम कर रही हैं. इस दौरान उन्होंने स्मार्ट हिंदुस्तान, पत्रिका और न्यूज 24 जैसे संस्थान के साथ काम किया और पिछले 2 साल से जी न्यूज के साथ काम कर रही हैं. उन्होंने दिल्ली से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन करने के बाद IGNOU से हिंदी में मास्टर्स किया. उन्हें पत्रकारिता के साथ कहानियां लिखने का भी शौक है. आप Vandana.saini@India.com पर सीधे ईमेल कर इनसे जुड़ सकते हैं. 
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