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अंकित गुप्ता टेलीविजन इंडस्ट्री के जाने-माने और फेमस चेहरों में से एक हैं. 'उड़ारियां' में उन्होंने 'फतेह' का किरदार निभाया था, जिससे उन्हें काफी फेम मिला था. इसके अलावा, उन्होंने 'माटी से बंधी डोर' में भी काम किया है. 'उड़ारियां' फेम यह एक्टर इस शो में मशहूर मराठी एक्ट्रेस रुतुजा बागवे के साथ स्क्रीन शेयर करेंगे. एक्टर 6 नवंबर को अपना जन्मदिन सेलिब्रेट करेंगे. ऐसे में आज हम आपको उनके करियर के बारे में बताते हैं. एक वक्त था, जब वो शूटिंग के सेट पर सुबह 8 बजे जाते थे और अपनी रिकॉर्डिंग के लिए रात 8 बजे तक इंतजार करते थे.
अंकित गुप्ता ने इंडस्ट्री में अपने शुरुआती दिनों में झेली गई मुश्किलों और उनसे निपटने के अपने अनुभवों के बारे में खुलकर बात की थी. दरअसल, पिंकविला के साथ एक खास बातचीत में अंकित गुप्ता ने इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाने के शुरुआती संघर्षों के बारे में खुलकर बात की थी. उन्होंने बताया कि एक्टर बनने का सपना पूरा करने के लिए वे 17 साल की छोटी उम्र में ही अपना घर छोड़कर आ गए थे, जबकि उनके माता-पिता चाहते थे कि वे NDA में जाएं. अंकित इंदौर से हैं और मुंबई आकर उन्हें काफी बड़ा कल्चर शॉक लगा, खासकर पैसों के मामले में.

वहीं, सपनों के इस शहर में रहने के खर्चों पर उन्होंने मजाक में कहा, 'इतनी तो मेरी पूरे महीने की सैलरी भी नहीं होगी.' उन्होंने यह भी बताया कि कई बार वे ऑडिशन देने इसलिए नहीं जा पाते थे, क्योंकि उनके पास आने-जाने के लिए पैसे ही नहीं होते थे. उन्होंने आगे बताया था कि, 'मैं ऑडिशन देने नहीं जा पाता था, क्योंकि मेरे पास सफर करने के लिए पैसे नहीं होते थे.'

गुप्ता ने एक कॉर्पोरेट पद के साथ तालमेल बिठाने की कोशिश की, लेकिन कई बार ऐसा हुआ कि उन्हें उनके काम के लिए पैसे ही नहीं मिले. इसके बाद उन्हें एक कॉल सेंटर में काम मिल गया, जहां उन्हें 10,000 डॉलर की सैलरी मिलने वाली थी, जो उस समय उनके लिए एक बहुत बड़ी रकम थी. उन्होंने कहा, 'मैं बहुत खुश था, क्योंकि मैंने पहले कभी इतने सारे पैसे नहीं देखे थे.'

अंकित गुप्ता ने बताया कि वे 'बालिका वधू' के सेट (जो नैगांव में था) तक बस से जाते थे और अगर कोई उन्हें शो की वजह से पहचान लेता था, तो उन्हें शर्मिंदगी महसूस होती थी. अपनी इस प्रतिक्रिया को सही ठहराते हुए उन्होंने कहा, 'उस समय मैं बहुत छोटा था. अब मुझे लगता है कि अगर किसी के लिए सुविधाजनक हो, तो वह रिक्शा, बस या किसी भी अन्य साधन से आ-जा सकता है.' उन्होंने आगे कहा, 'सड्डा हक के बाद, हालात स्थिर हो गए थे.'