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हर दौर में कुछ ऐसे चेहरे आते हैं जो पर्दे पर आते ही इतिहास रच देते हैं. 90s के शुरुआती सालों की बात है, जब देश के टीवी सेट पर एक नया एरा दस्तक दे रहा था. उस समय एंटरटेनमेंट की दुनिया में एक ऐसा चेहरा सामने आया जिसने अपनी खूबसूरती और जादुई नीली आंखों से पूरे देश को अपना दीवाना बना दिया. उस समय किसी को ये अंदाजा नहीं था कि कैमरे के सामने कुछ पल के लिए नजर आने वाली ये आर्किटेक्चर की स्टूडेंट आगे चलकर पूरी दुनिया में इंडिया का डंका बजाएगी. उनकी सादगी और नजाकत ने ऐसा जादू चलाया कि रातों-रात वो हर घर की पसंद बन गईं और उनकी एक झलक पाने के लिए लोग बेताब रहने लगे.
साल 1993 में जब पॉपुलर निर्देशक प्रह्लाद कक्कड़ अपनी एक नई कमर्शियल फिल्म के लिए नए चेहरे की तलाश में थे. उस दौर में मुंबई के तनावपूर्ण हालात और कर्फ्यू के बीच इस ऐड की शूटिंग बेहद गुप्त तरीके से रात के वक्त पूरी की गई थी. इस ऐड में जादुई चेहरा कोई और नहीं, बल्कि ऐश्वर्या राय थीं, जिन्होंने पेप्सी के उस मशहूर विज्ञापन में सिर्फ 4 सेकंड के लिए स्क्रीन पर आकर 'Hi, I'm Sanju' कहा, तो देश भर में तहलका मच गया.

इस फेमस ऐड को याद करते हुए फिल्ममेकर प्रहलाद कक्कड़ ने कहा था कि उस विज्ञापन के टेलीकास्ट होने की अगली ही सुबह उनके ऑफिस के लैंडलाइन पर 5000 से ज्यादा फोन कॉल्स आ गए थे. हर कोई बस यही पूछ रहा था कि ये खूबसूरत लड़की आखिर कौन है. इस छोटी सी शुरुआत ने ऐश्वर्या के लिए फिल्मों और मिस वर्ल्ड के स्टेज तक के रास्ते खोल दिए, जिसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा.
सिनेमा की स्क्रीन से शुरू हुई ये जर्नी जल्द ही सरहदों को पार कर ग्लोबल स्टेज तक पहुंच गई. साल 2005 में नीदरलैंड्स की सरकार और मशहूर 'केयुकेनहोफ' गार्डन ने इस बॉलीवुड सुंदरी को एक बेहद अनोखा और हिस्टोरिकल ट्रिब्यूट दिया. दुनिया भर में अपनी खूबसूरती और कला के लिए पहचानी जाने वाली ऐश्वर्या राय के सम्मान में ट्यूलिप फूलों की एक बेहद दुर्लभ किस्म का नाम उनके नाम पर यानी 'ऐश्वर्या राय' रख दिया गया.

डच सरकार ने इसे ऐश्वर्या राय की ग्लोबल पॉपुलैरिटी और सुंदरता के जश्न के तौर पर पेश किया था. इस इंटरनेशनल सम्मान पर गर्व जताते हुए एक्ट्रेस ने एक इंटरव्यू में कहा था, 'जब दुनिया किसी भारतीय को इस तरह पहचानती है, तो दिल से बहुत अच्छा लगता है.'
ऐश्वर्या की ग्लोबल स्टेज पर पॉपुलैरिटी सिर्फ ऐड्स और फूलों के नाम तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि उन्होंने इंटरनेशनल स्टेड पर इंडियन सिनेमा को एक नई पहचान दिलाई. साल 2003 में वो कान फिल्म समारोह (Cannes Film Festival) में जूरी मेंबर बनने वाली पहली इंडियन एक्ट्रेस बनीं, जिसके बाद कान के रेड कार्पेट पर उनकी मौजूदगी हर साल का सबसे बड़ा अट्रैक्शन बन गई.

इसके अलावा, दिग्गज कलाकार अमिताभ बच्चन के बाद, ऐश्वर्या राय लंदन के फेमस 'मैडम तुसाद' म्यूजियम में मोम की प्रतिमा पाने वाली दूसरी इंडियन एक्ट्रेस बनीं. मणिरत्नम की महाकाव्य फिल्म 'पोन्नियिन सेलवन 2' जैसी फिल्मों में अपनी बेहतरीन अदाकारी से एक्ट्रेस ने ये साबित कर दिया था कि वो सिर्फ एक खूबसूरत चेहरा नहीं, बल्कि सिनेमा का एक पावरफुल फेस हैं.

शोबिज की इस रंगीन और चकाचौंध भरी दुनिया में ऐश्वर्या की पर्सनल लाइफ भी अक्सर मीडिया की सुर्खियों में रही. अपने करियर के शुरुआती दौर में उनका नाम एक्टर सलमान खान के साथ जुड़ा, जो उस समय के सबसे बड़े गॉसिप्स में से एक था. हालांकि ये रिश्ता ज्यादा समय तक नहीं टिक सका और उनके रास्ते अलग हो गए. इस हाई-प्रोफाइल ब्रेकअप और उससे जुड़े विवादों ने लंबे समय तक फिल्मी गलियारों और मीडिया की सुर्खियां बटोरीं, जिससे उनके जीवन में कुछ बेहद कठिन पल भी आए, जिनका उन्होंने बेहद पुरी ताकत से सामना किया.

मुश्किल समय से आगे बढ़कर ऐश्वर्या राय ने अपनी जिंदगी में एक खूबसूरत रास्ता चुना. साल 2007 में उन्होंने सदी के महानायक अमिताभ बच्चन के बेटे और एक्टर अभिषेक बच्चन के साथ धूमधाम से शादी की. इस हाई-प्रोफाइल शादी ने देश-दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा और वो ऑफिशियली बच्चन परिवार की बहू बन गईं. फिल्मों और ग्लैमर से थोड़ा समय निकालकर उन्होंने अपनी फैमिली को प्रायोरिटी दी.

एक्ट्रेस की लाइफ में सबसे खूबसूरत मोड़ तब आया, जब साल 2011 में उनके घर एक नन्हीं परी ने जन्म लिया, जिसका नाम उन्होंने आराध्या बच्चन रखा. एक मां बनने के बाद उनकी दुनिया पूरी तरह से बदल गई और उनकी प्रायोरिटी पूरी तरह से सिर्फ परिवार के आसपास घूमने लगीं. आज वो अपनी लाडली बेटी आराध्या के बेहद करीब हैं और अक्सर हर बड़े इवेंट या वेकेशन पर मां-बेटी की ये जोड़ी साथ नजर आती है.