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1954 में नहीं था बेस्ट एक्टर-एक्ट्रेस अवॉर्ड, आज ममूटी-कार्तिक-यामी तक... 72 साल में कितना बदल गया नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स?

National Film Awards History: 72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स की शुरुआत 1954 में 'फिल्मों के लिए राज्य पुरस्कार' के रूप में हुई थी. जानें 1954 से 2026 तक का पूरा सफर, बेस्ट एक्टर-एक्ट्रेस कैटेगरी की शुरुआत, संचालन में बदलाव और 2024 की फिल्मों के लिए सम्मानित होने वाले विजेताओं की पूरी सूची-

Written By Kajol Gupta
Published: Sep 22, 2026, 09:57 AM IST | Updated: Sep 22, 2026, 09:58 AM IST
Image Credit: नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स 2026 (एआई फोटो)
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National Film Awards History: भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े फिल्म सम्मानों में शामिल नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स का सफर अपने 72वें पड़ाव पर पहुंच गया है. 22 सितंबर 2026 को 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार का भव्य आयोजन गुजरात के एकता नगर (केवडिया) में आयोजित होने वाला है, जहां राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू विजेताओं को सम्मानित करेंगी. इस साल ये पुरस्कार साल 2024 में रिलीज हुई फिल्मों की बेस्ट उपलब्धियों के लिए प्रदान किए जा रहे हैं. कार्तिक आर्यन और ममूटी को बेस्ट एक्टर के अवॉर्ड से नवाजा जाएगा और यामी गौतम को बेस्ट एक्ट्रेस का सम्मान मिलेगा.

साल 1954 में जहां किसी एक्टर या एक्ट्रेस के लिए कोई अलग नेशनल अवॉर्ड नहीं था, वहीं साल 2026 में एक ही कैटेगरी में दो बेस्ट एक्टर और एक बेस्ट एक्ट्रेस के अवॉर्ड से सम्मानित किया जा रहा है. 72 साल के इस सफर में नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स सिर्फ पुरस्कारों की संख्या और कैटेगरी में ही नहीं, बल्कि भारतीय सिनेमा के बदलते स्वरूप के साथ भी काफी बदल चुका है.

आज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू तमाम विजेताओं को सम्मानित करेंगी. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आखिर राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार देने का सिलसिला कैसे और कब शुरू हुआ था? पहला आयोजन कहां हुआ था? पहली बार बेस्ट एक्ट्रेस और एक्टर का अवॉर्ड किसने जीता था? आइए जानते हैं कि 72 साल के इस सफर में कैसे बदला देश का सबसे बड़ा फिल्म सम्मान और किन बड़े पड़ावों ने नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स की तस्वीर बदल दी.

कैसे हुई थी नेशनल फिल्म पुरस्कारों की शुरुआत?

इस ऐतिहासिक सम्मान की नींव साल 1954 में रखी गई थी. इससे पहले साल 1949 में गठित 'फिल्म जांच समिति' ने सिनेमा में कलात्मक और तकनीकी बेहतरीन काम को बढ़ावा देने के लिए फिल्म पुरस्कार शुरू करने की सिफारिश की थी. इसी सिफारिश के तहत साल 1954 में 'राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार' नाम से शुरुआत हुई और साल 1953 की फिल्मों को सम्मानित किया गया. पहले नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स में पी. के. अन्ने द्वारा निर्देशित मराठी फिल्म 'श्यामची आई' को 'अखिल भारतीय सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म' का सम्मान मिला था.

कब शुरू हुई बेस्ट एक्टर और एक्ट्रेस कैटेगरी?

शुरुआती दौर में इन पुरस्कारों का ध्यान मुख्य रूप से फिल्मों की गुणवत्ता पर ही केंद्रित था और कलाकारों के लिए अलग से 'बेस्ट एक्टर' और 'बेस्ट एक्ट्रेस' जैसा कोई सम्मान नहीं था. उस समय राष्ट्रपति का स्वर्ण पदक (President's Gold Medal) और रीजनल पुरस्कार जैसे सम्मान दिए जाते थे. लगभग 13 साल बाद, साल 1967 की फिल्मों के लिए 1968 में पहली बार एक्टिंग कैटेगरी शुरू की गईं. पहला बेस्ट एक्टर अवॉर्ड बंगाली सिनेमा के दिग्गज एक्टर उत्तम कुमार को 'एंथनी फिरंगी' और 'चिड़ियाखाना' के लिए मिला. पहली बेस्ट एक्ट्रेस का अवॉर्ड नरगिस को 'रात और दिन' फिल्म के लिए दिया गया था.

कब जुड़ा दादा साहेब फाल्के पुरस्कार?

नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स के इतिहास में एक और बड़ा मोड़ साल 1969 में आया, जब भारतीय सिनेमा के जनक दादासाहेब फाल्के के नाम पर 'दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड' की शुरुआत की गई. इसका मुख्य उद्देश्य भारतीय सिनेमा के विकास, संवर्धन और समृद्धि में असाधारण व दीर्घकालिक योगदान देने वाली फिल्मी हस्तियों को सम्मानित करना है.

तकनीकी कैटेगरी और संचालन में क्या बदलाव आए?

समय के साथ इन पुरस्कारों में निर्देशन, संगीत, सिनेमैटोग्राफी, एडिटिंग और साउंड जैसे तकनीकी क्षेत्रों को भी प्रमुखता दी गई. इससे यह मंच सिर्फ फिल्मी सितारों तक सीमित न रहकर पूरी फिल्म निर्माण प्रक्रिया को सम्मान देने वाला बना. इसके संचालन में भी बदलाव आए- 1973 से डायरेक्टोरेट ऑफ फिल्म फेस्टिवल्स ने इसकी जिम्मेदारी संभाली, जिसे 2022 में नेशनल फिल्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (NFDC) में विलीन कर दिया गया. अब इसका पूरा संचालन NFDC द्वारा किया जाता है.

अलग-अलग क्षेत्रों के सिनेमा को कैसे मिला राष्ट्रीय मंच?

राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की सबसे बड़ी खासियत भारतीय सिनेमा की भाषाई और सांस्कृतिक विविधता को पहचान देना है. हिंदी के साथ-साथ तमिल, तेलुगु, मलयालम, कन्नड़, मराठी, बंगाली और असमिया जैसी तमाम भारतीय भाषाओं की फिल्मों, डॉक्यूमेंट्री, शॉर्ट फिल्मों और 'बेस्ट राइटिंग ऑन सिनेमा' को भी इस राष्ट्रीय मंच पर बराबर का सम्मान मिलता रहा है.

दशकों बाद दिल्ली से बाहर क्यों हो रहा है आयोजन?

72वें आयोजन की एक विशेष बात यह है कि यह समारोह कई दशकों के बाद राजधानी दिल्ली से बाहर गुजरात के एकता नगर (केवडिया) में आयोजित किया जा रहा है. इससे पहले साल 1970 में यह समारोह चेन्नई में आयोजित हुआ था. सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की योजना के अनुसार, भविष्य में भी राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के आयोजनों को देश के अलग-अलग राज्यों और शहरों तक ले जाया जाएगा.

इस साल किन सितारों और फिल्मों को मिला सम्मान?

72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड में 2024 की फिल्मों की उपलब्धियों को सराहा जा रहा है. फिल्म 'आर्टिकल 370' को 'बेस्ट फीचर फिल्म' चुना गया है. वहीं बेस्ट एक्टर का सम्मान संयुक्त रूप से ममूटी ('Bramayugam') और कार्तिक आर्यन ('Chandu Champion') को दिया जा रहा है. इसके साथ ही बेस्ट एक्ट्रेस का पुरस्कार यामी गौतम को 'आर्टिकल 370' में उनके शानदार अभिनय के लिए प्रदान किया जा रहा है.

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काजोल गुप्ता जी न्यूज में सब एडिटर हैं और पिछले साढ़े 3 साल से डिजिटल मीडिया में काम कर रही हैं. कुछ समय तक उन्होंने नेशनल, बिहार-झारखंड और पॉलिटिकल बीट पर काम किया. इसके बाद बीते 2 साल से उन्होंने जी न्यूज में एंटरटेनमेंट बीट पर काम करना शुरू किया. अभी फिलहाल वह एंटरटेनमेंट बीट पर ही एक्टिव हैं. जी न्यूज से पहले उन्होंने सुदर्शन चैनल, इनखबर वेबसाइट और फ्रीलांस काम किया है. पिछले साढ़े तीन साल से जी न्यूज के साथ काम कर रही हैं. उन्होंने मास कम्युनिकेशन में सिंघानिया यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन और माखनलाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में ही पोस्ट ग्रेजुएशन की है. पत्रकारिता के साथ उन्हें कहानियां लिखने का भी काफी शौक है. आप काजोल के साथ kajol.gupta@India.com पर या एक्स और इंस्टाग्राम हैंडल्स पर कनेक्ट कर सकते है. सीधे ईमेल पर इनसे जुड़ सकते हैं.     
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