भाषा चुनें
  • Hindi
  • English
  • Marathi
  • Bengali
  • Tamil
  • Malayalam
  • Gujarati
  • Telugu
  • Kannada
  • Odisha
  • Z Bharat
  • ZEE PHH
  • ZEE Business
  • WION
राज्य चुनें
  • उत्तर प्रदेश
  • उत्तराखण्ड
  • मध्य प्रदेश
  • छत्‍तीसगढ़
  • हरियाणा
  • दिल्ली
  • बिहार
  • झारखण्ड
  • राजस्‍थान
  • हिमाचल प्रदेश
  • हिन्दीEnglishमराठीবাংলাதமிழ்മലയാളംગુજરાતીతెలుగుಕನ್ನಡଓଡ଼ିଶାZ BharatPHHBusinessWION
  • facebookyoutubetwitterlinkedinwhatsapp
Zee News Hindi
App
Zee News Hindi
  • News
  • वीडियो
  • फोटोज़
  • रील्स
  • लाइव ब्लॉग
  • राज्य चुनें

Add Zee Business As A Preferred Source
App
  • लेटेस्ट न्यूज़
  • देश
  • खेल
  • दुनिया
  • मनोरंजन
  • बिजनेस
  • ओरिजनल
  • टेक
  • धर्म
  • ऑटो
  • एजुकेशन
  • एस्ट्रोलॉजी
  • राशिफल
  • LIVE टीवी
  • लेटेस्ट न्यूज़
  • देश
  • खेल
  • दुनिया
  • मनोरंजन
  • बिजनेस
  • ओरिजनल
  • टेक
  • धर्म
  • ऑटो
  • एजुकेशन
  • एस्ट्रोलॉजी
  • राशिफल
  • ज़ी न्यूज़ हिंदी
  • /एजुकेशन
  • /Success Story: पढ़े, लड़े और अब साथ संभालेंगे खाकी वर्दी: 5 बचपन के दोस्तों ने क्रैक किया पुलिस एग्जाम

Success Story: पढ़े, लड़े और अब साथ संभालेंगे खाकी वर्दी: 5 बचपन के दोस्तों ने क्रैक किया पुलिस एग्जाम

Success Story of Five Childhood Friends: दोस्ती की अनोखी मिसाल पेश करते हुए 5 बचपन के यारों ने एक साथ उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा पास कर ली है. बचपन में साथ पढ़ाई करने से लेकर एक साथ खाकी वर्दी पहनने का सपना पूरा करने तक, इन 5 दोस्तों की इस शानदार सफलता पर पूरा गांव गर्व कर रहा है.

Written BySimran Singh
Published: Oct 17, 2026, 07:04 AM IST|Updated: Oct 17, 2026, 08:43 AM IST
joinshare
Success Story: पढ़े, लड़े और अब साथ संभालेंगे खाकी वर्दी: 5 बचपन के दोस्तों ने क्रैक किया पुलिस एग्जाम

About the Author

Simran Singh

Simran Singh

सिमरन सिंह को पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 साल का अनुभव है. उन्होंने पत्रकारिता की पढ़ाई हिमालयन यूनिवर्सिटी से की है. साल 2016 में उन्होंने मीडिया जगत में कदम रखा. इस दौरान इलेक्ट्रॉनिक से लेकर डिजिटल मीडिया से जुड़ी रहीं. पिछले 3 साल से News24 में थी और वहां बतौर फीचर लीड कई सेक्शन को संभाला. फिलहाल, Zee News में शिक्षा, रोजगार और करियर सेक्शन संभाल रही हैं.
Read More

ट्रेंडिंग

  • न्यूज़
  • फोटो
  • वीडियो
जामिया: आइए 20 साल पीछे चलते हैं... जब आखिरी छात्रसंघ चुनाव हुआ, वो चुनाव भी 9 साल बाद हुआ था!

जामिया: आइए 20 साल पीछे चलते हैं... जब आखिरी छात्रसंघ चुनाव हुआ, वो चुनाव भी 9 साल बाद हुआ था!

2

'दिल्ली चलो' मार्च में उमड़ी भीड़: यूथ कांग्रेस ने जयपुर शहीद स्मारक से PCC तक निकाला पैदल मार्च

3

ID चेकिंग सख्त, पैपराजी की एंट्री कम: बॉलीवुड की दिवाली पार्टियों में बढ़ी सुरक्षा, टाइगर श्रॉफ फायरिंग का असर

4

चक्रवाती तूफान 'अर्नब' का बिहार पर दिखेगा असर, 28 अक्टूबर से बारिश के आसार, 29 को पूरे राज्य में 'ऑरेंज अलर्ट'

5

PM मोदी के पिता पर टिप्पणी से गरमाई सियासत: गजेंद्र सिंह शेखावत और अतुल भंसाली ने कांग्रेस को घेरा

logo
  • contact us
  • privacy policy
  • legal
  • investor info
  • advertise with us
© 1998-2026 Indiadotcom Digital Private Limited, All Rights Reserved.

Success Story of Five Childhood Friends: कहते हैं सच्ची दोस्ती वही होती है जिसमें कोई लालच, ईर्ष्या या भेदभाव की दीवार न हो. ऐसी ही बेमिसाल दोस्ती का एक अनोखा उदाहरण उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले से सामने आया है, जहां 5 बचपन के दोस्तों ने एक साथ सफलता हासिल कर दोस्ती की नई मिसाल कायम की है. जिन दोस्तों ने कभी खेल-कूद के साथ अपना बचपन बिताया था, वो आज साथ पढ़-लिखकर पुलिस परीक्षा में भी एक साथ सफल हुए हैं. यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा को एक साथ क्रैक कर इन पांचों दोस्तों ने मानो इतिहास रच दिया है. 

बचपन में साथ खेलने, एक ही स्कूल में साथ पढ़ने और भर्ती की तैयारी के दौरान दिन-रात एक करने वाले इन दोस्तों की संयुक्त मेहनत रंग लाई है. जल्द ही ये पांचों जिगरी यार एक साथ खाकी वर्दी पहनकर प्रदेश और देश की सेवा में अपना योगदान देते नजर आएंगे.

कौन हैं ये 5 जांबाज

ये प्रेरणादायक कहानी उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में हरैया क्षेत्र के दुबौलिया ब्लॉक स्थित नंदेकुआं गांव की है. इस गांव के पांच होनहार युवाओं का चयन यूपी पुलिस में कांस्टेबल के पद पर हुआ है. गांव समेत चयनित उम्मीदवारों के परिवार में खुशी की लहर है. चयनित हुए पांचों दोस्तों के नाम अंकेश सत्यम दुबे, आदर्श द्विवेदी, दीपक दुबे, आदित्यनाथ दुबे और रोहित प्रजापति है.

अलग-अलग स्कूल से 12वीं, सफलता एक साथ

बस्ती के इन पांचों दोस्तों ने अलग-अलग स्कूलों से अपनी इंटरमीडिएट (12वीं) की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद सभी ने एक साथ मिलकर सरकारी नौकरी की तैयारी शुरू कर दी. पांचों दोस्तों का सपना जनसेवा के क्षेत्र में करियर बनाने का था. सीमित संसाधनों और कमजोर आर्थिक स्थिति के बावजूद, उन्होंने एक मजबूत रणनीति बनाई और आखिरकार अपना साझा लक्ष्य हासिल कर दिखाया.

'ग्रुप स्टडी' बनी पांचों दोस्तों की ताकत 

पांचों दोस्तों के लिए सफलता हासिल करने का सफर आसान नहीं था, उन्होंने आर्थिक तंगी और कम संसाधनों के बीच कामयाबी हासिल की. एक दूसरे का हाथ थामते हुए, पांचों दोस्त ने ग्रुप स्टडी की. रोजाना नियमित रूप से साथ बैठकर पढ़ाई करते थे और जिस सब्जेक्ट में कमजोर या कोई डाउट होता तो आपस में मिलकर उसे समझने की कोशिश करते थे. 

पांचों दोस्तों में से एक अंकेश सत्यम दुबे ने पढ़ाई का खर्च खुद उठाया. गांव के पास स्थित एक प्राइवेट स्कूल में उन्होंने पढ़ाया. इसके अलावा एक दोस्त, आदर्श ने घर में बच्चों को ट्यूशन पढ़ाकर फीस का खर्च निकाला. पांचों दोस्तों ने आर्थिक स्थिति कमजोर होने पर भी परिवार वालों पर बोझ न डाले बिना अपनी तैयारी को जारी रखा.

ये भी पढ़ें- मध्य प्रदेश में 23 IAS अफसरों का ट्रांसफर: कौन हैं CM के नए प्रमुख सचिव सुखबीर सिंह, क्या है एजुकेशन और करियर बैकग्राउंड?

Add Zee News as a Preferred Source
TAGS:
Uttar Pradesh
Success Story