App

Success Story: लॉ ग्रेजुएट से IRS अफसर तक... बिना कोचिंग पहले ही अटेम्प्ट में UPSC क्रैक करने वाली फराह हुसैन कौन?

Success Story of IRS Farah Hussain: राजस्थान की 26 वर्षीय लॉ ग्रेजुएट फराह हुसैन ने बिना किसी कोचिंग के अपने पहले ही प्रयास में यूपीएससी परीक्षा क्रैक कर इतिहास रच दिया. आइए जोधपुर से मुंबई और फिर IRS अफसर बनने तक का फराह का प्रेरणादायक सफर जानते हैं.

Success Story: लॉ ग्रेजुएट से IRS अफसर तक... बिना कोचिंग पहले ही अटेम्प्ट में UPSC क्रैक करने वाली फराह हुसैन कौन?

Success Story of IRS Officer Farah Hussain: सफलता की राह पर चलते समय कई बार कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. कुछ रुकावटें सामने आती हैं, तो कई बार धैर्य का हाथ थामना पड़ता है, लेकिन लगातार कोशिश करने पर एक न एक दिन सफलता जरूर मिल जाती है. दिन-रात की मेहनत का रिजल्ट हमेशा बेहतरीन परिणामों के रूप में सामने आता है. इसलिए बहुत जरूरी है कि आप जो भी काम करें, उसे पूरी लगन और निष्ठा के साथ करें, तभी सफलता की नई कहानियां बनती हैं. इसका एक उदाहरण 26 साल की फराह हुसैन हैं जिन्होंने अपनी मेहनत के बल पर सफल होकर दिखाया और पहले प्रयास में यूपीएससी जैसी देश की कठिन परीक्षा को क्रैक कर लिया. 

बिना कोचिंग और अपनी मेहनत के बल पर फराह ने यूपीएससी परीक्षा को पहली बार क्रैक कर ये साबित किया कि वो आईएएस, आईपीएस, आईआरएस जैसे अफसरों के भरमार वाले परिवार से नाता रखती हैं. उन्हें इस कामयाबी को हासिल करने में परिवार का भी पूरा सहयोग मिला. यूपीएससी परीक्षा में सिर्फ सफल ही नहीं हुईं बल्कि आईआरएस अधिकारी का पद भी हासिल किया. 

कौन हैं फराह हुसैन? 

राजस्थान के झुंझुनू की रहने वाली फराह हुसैन वर्तमान में एक भारतीय राजस्व सेवा (IRS) अधिकारी हैं. यूपीएससी एग्जाम की तैयारी से पहले वो वकालत की पढ़ाई कर चुकी हैं. स्कूली पढ़ाई की बात करें तो उन्होंने जोधपुर के स्कूल से 12वीं तक पढ़ाई की है. उसके बाद लॉ डिग्री हासिल करने के लिए उन्होंने मुंबई के सरकारी लॉ कॉलेज में दाखिला लिया था. वकालत की पढ़ाई पूरी करने और लॉ ग्रेजुएट बनने के बाद उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा की ओर रुख किया. कानून की समझ ने उन्हें यूपीएससी के सिलेबस और विषयों को समझने में काफी मदद की. 

MBBS की पढ़ाई करना चाहती थीं फराह

कई मीडिया रिपोर्ट्स की ओर से दावा किया जाता है कि फराह को न तो वकालत में इंटरेस्ट था और ना ही वो सिविल सर्विस में जाना चाहती थी, बल्कि वो डॉक्टर बनना चाहती थी और उसके लिए एमबीबीएस की पढ़ाई करना चाहती थी. इसके अलावा वो ब्यूटी कॉन्टेस्ट में शामिल होना चाहती थी, लेकिन उनके परिवार में सभी ने उन्हें सिविल सेवा में जाने के लिए मोटिवेट किया. 

परिवार का मिला मजबूत सहयोग 

यूपीएससी की तैयारी के दौरान अनुशासन और परिवार का साथ बहुत जरूरी होता है. फराह बताती हैं कि उनकी इस कामयाबी के पीछे उनके परिवार का अटूट विश्वास और सहयोग रहा. बिना किसी कोचिंग के पहली ही कोशिश में UPSC क्रैक करके फराह ने ये साबित कर दिखाया कि अगर लगन हो तो कोई भी मंजिल पाई जा सकती है. 

बिना कोचिंग क्रैक की यूपीएससी परीक्षा

फराह हुसैन ने साल 2015 में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा दी और उसमें ऑल इंडिया रैंकिंग 267वीं रैंक हासिल की. इसके बाद उन्हें भारतीय राजस्व सेवा में सरकारी नौकरी मिली. फराह को राजस्थान में दूसरी मुस्लिम महिला सिविल सेवक के तौर पर जाना जाता है. उनकी ये सफलता उन लाखों युवाओं के लिए एक मिसाल है जो संसाधनों की कमी या कोचिंग न ले पाने के कारण निराश हो जाते हैं. उनका ये सफर साबित करता है कि अगर इरादे मजबूत हों और दिशा सही हो, तो पहली ही कोशिश में सफलता हासिल की जा सकती है.

Add Zee News as a Preferred Source

About the Author

Simran Singh

Simran Singh

सिमरन सिंह को पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 साल का अनुभव है. उन्होंने पत्रकारिता की पढ़ाई हिमालयन यूनिवर्सिटी से की है. साल 2016 में उन्होंने मीडिया जगत में कदम रखा. इस दौरान इलेक्ट्रॉनिक से लेकर डिजिटल मीडिया से जुड़ी रहीं. पिछले 3 साल से News24 में थी और वहां बतौर फीचर लीड कई सेक्शन को संभाला. फिलहाल, Zee News में शिक्षा, रोजगार और करियर सेक्शन संभाल रही हैं.
Read More