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IIT से पढ़ाई करना देश के लाखों छात्रों का सपना होता है. खासकर इंजीनियरिंग में करियर बनाने की इच्छा रखने वाले विद्यार्थी अक्सर स्कूल के शुरुआती वर्षों से ही IIT की तैयारी के बारे में सोचने लगते हैं. आमतौर पर IIT में प्रवेश के लिए जेईई मेंस और जेईई एडवांस जैसी प्रवेश परीक्षाओं की प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है. लेकिन अब स्कूल स्तर के छात्रों को IIT के अकादमिक माहौल और भविष्य के करियर विकल्पों से परिचित कराने की दिशा में भी पहल की जा रही है.
इसी कड़ी में आईआईटी मद्रास स्कूल कनेक्ट प्रोग्राम के जरिए कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों को विभिन्न आधुनिक और उभरते क्षेत्रों के बारे में सीखने का अवसर दिया जा रहा है. कार्यक्रम के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. आइए जानते हैं कि यह प्रोग्राम क्या है, इसमें कौन-कौन से विषय शामिल हैं और छात्र इसके लिए कैसे आवेदन कर सकते हैं?
आईआईटी मद्रास का स्कूल कनेक्ट प्रोग्राम मुख्य रूप से स्कूली छात्रों को उच्च शिक्षा और उससे जुड़े करियर विकल्पों के बारे में जागरूक करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है. इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों को स्कूल की नियमित पढ़ाई से अलग ऐसे विषयों को समझने का अवसर मिलता है, जिनकी भविष्य में काफी मांग हो सकती है.
कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि छात्रों को कम उम्र में ही अलग-अलग शैक्षणिक क्षेत्रों की जानकारी मिल सके. इससे विद्यार्थी अपनी रुचि, क्षमता और भविष्य की योजनाओं के आधार पर आगे की पढ़ाई और करियर को लेकर बेहतर फैसला लेने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं.
इस कार्यक्रम को खास तौर पर स्कूल स्तर के विद्यार्थियों के लिए तैयार किया गया है. उपलब्ध जानकारी के मुताबिक कक्षा 9 से 12 तक के छात्र इसमें हिस्सा ले सकते हैं. यानी पहली बार कक्षा 9 के विद्यार्थियों को भी ऐसे कार्यक्रम के जरिए IIT से जुड़े अकादमिक विषयों को करीब से समझने का अवसर मिल रहा है.
यह पहल उन छात्रों के लिए खास तौर पर उपयोगी हो सकती है, जो अभी से यह समझना चाहते हैं कि इंजीनियरिंग, टेक्नोलॉजी, डिजाइन या अन्य आधुनिक क्षेत्रों में उनके लिए कौन-सा विकल्प बेहतर हो सकता है.
स्कूल कनेक्ट प्रोग्राम के तहत छात्रों को 17 अलग-अलग कोर्स और विषय क्षेत्रों से परिचित कराया जाएगा. इनमें डेटा साइंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), एयरोस्पेस, साइबर सिक्योरिटी, इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम, केमिकल इंजीनियरिंग, मॉलिक्यूलर इंजीनियरिंग और आर्किटेक्चर जैसे विषय शामिल हैं.
इसके अलावा लिबरल आर्ट्स, प्रोडक्ट डिजाइन, इकोनॉमिक्स एंड फाइनेंस, इकोलॉजी, डिजिटल ह्यूमैनिटीज, गेम टेक्नोलॉजी, कंप्यूटिंग एंड इंजीनियरिंग और बायोलॉजिकल सिस्टम जैसे क्षेत्रों से भी छात्रों को परिचित कराया जाएगा.
इसका फायदा यह होगा कि विद्यार्थी केवल पारंपरिक इंजीनियरिंग विकल्पों तक सीमित न रहकर टेक्नोलॉजी, डिजाइन, फाइनेंस, बायोलॉजी और अन्य उभरते क्षेत्रों के बारे में भी शुरुआती जानकारी हासिल कर सकेंगे.
यह एक ऑनलाइन कार्यक्रम है, जिसमें विद्यार्थियों को IIT Madras के फैकल्टी और अन्य प्रमुख संस्थानों के विशेषज्ञों से सीखने का अवसर मिलेगा. कार्यक्रम में केवल लेक्चर ही नहीं होंगे, बल्कि विद्यार्थियों को असाइनमेंट और असेसमेंट जैसी गतिविधियों के जरिए भी संबंधित विषयों को समझने का मौका मिलेगा.
इस तरह छात्र किसी विषय के बारे में सिर्फ सैद्धांतिक जानकारी हासिल करने के बजाय अपनी समझ और रुचि का भी आकलन कर सकेंगे.
कार्यक्रम को सफलतापूर्वक पूरा करने वाले छात्रों को IIT Madras की ओर से आधिकारिक ई-सर्टिफिकेट दिए जाने की जानकारी दी गई है. ऐसे में यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए विषय की शुरुआती समझ विकसित करने के साथ-साथ उनके अकादमिक प्रोफाइल में एक प्रमाण-पत्र जोड़ने का अवसर भी दे सकता है.
हालांकि छात्रों और अभिभावकों को सर्टिफिकेट से जुड़ी शर्तों और पात्रता की जानकारी आवेदन से पहले आधिकारिक पोर्टल पर जरूर जांचनी चाहिए.
उपलब्ध जानकारी के अनुसार स्कूल कनेक्ट प्रोग्राम के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और 20 सितंबर तक आवेदन किए जा सकते हैं. कार्यक्रम की शुरुआत अक्टूबर में होने की जानकारी दी गई है.
संस्थान के अनुसार इस पहल के जरिए अब तक बड़ी संख्या में स्कूलों और विद्यार्थियों को जोड़ा जा चुका है. इसका व्यापक उद्देश्य स्कूली छात्रों को उच्च शिक्षा के विकल्पों और भविष्य में उपलब्ध करियर के रास्तों से परिचित कराना है.
जो छात्र इस कार्यक्रम में शामिल होना चाहते हैं, उन्हें सबसे पहले आईआईटी मद्रास स्कूल कनेक्ट प्रोग्राम के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपने स्कूल की पार्टनरशिप की स्थिति जांचनी होगी. आवेदन से पहले यह देखना जरूरी है कि संबंधित स्कूल कार्यक्रम की पार्टनर स्कूलों की सूची में शामिल है या नहीं.
अगर सूची में स्कूल का नाम मौजूद है, तो छात्र आगे की आवेदन प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं. वहीं, अगर स्कूल का नाम पार्टनर लिस्ट में नहीं है, तो छात्र अपने शिक्षक या प्रिंसिपल से संपर्क कर सकते हैं और स्कूल को कार्यक्रम से जोड़ने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी ले सकते हैं.
यह बात छात्रों और अभिभावकों के लिए समझना बेहद जरूरी है कि स्कूल कनेक्ट प्रोग्राम को IIT में नियमित डिग्री एडमिशन के रूप में नहीं देखना चाहिए. IIT में नियमित इंजीनियरिंग प्रवेश की अपनी निर्धारित प्रवेश प्रक्रिया होती है. स्कूल कनेक्ट का उद्देश्य स्कूली विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा, विभिन्न विषयों और संभावित करियर विकल्पों से परिचित कराना है.
इसलिए आवेदन करने से पहले छात्रों को कार्यक्रम की आधिकारिक वेबसाइट पर दी गई पात्रता, तारीख, फीस, पाठ्यक्रम और अन्य नियमों की जानकारी ध्यान से पढ़नी चाहिए. इससे आवेदन करते समय किसी तरह की गलती से बचा जा सकता है.