अब 9वीं-10वीं के छात्रों को नहीं खरीदनी होंगी किताबें? इस राज्य सरकार की बड़ी घोषणा!
कक्षा 9वीं और 10वीं के छात्रों के लिए मुफ्त किताबों को हासिल करने का ऐलान किया गया है. ये बड़ी घोषणा किस राज्य में और क्यों की गई है, आइए इसके बारे में जानते हैं.
ओडिशा के मुख्यमंत्री कार्यालय @CMO_Odisha ने अपने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर जानकारी दी है कि मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की अध्यक्षता में हुई बैठक के दौरान ओडिशा कैबिनेट ने 11 विभागों के 16 प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है. इनमें शिक्षा, आपदा प्रबंधन, उद्योग, कृषि और कौशल विकास जैसे प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं. सीएम मोहन चरण माझी ने उम्मीद जताई है कि इन फैसलों से राज्य में सुशासन, समावेशी विकास और 'समृद्ध ओडिशा' के विजन को तेजी से आगे बढ़ाने में मदद मिल सकेगी.
प्रस्तावों से संबंधित जानकारी मुख्यमंत्री कार्यालय ने एक्स पोस्ट के जरिए दी है. उन्होंने लिखा कि 'माननीय मुख्यमंत्री श्री मोहन चरण माझी की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में 11 विभागों के 16 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है. ये अहम कदम सुशासन, समावेशी विकास और 'समृद्ध ओडिशा' के विजन को और मजबूत करेंगे.'
कक्षा 9 और 10 के लिए मुफ्त किताबें
इसके साथ ही राज्य सरकार ने ये भी जानकारी दी कि कक्षा 9वीं और 10वीं के छात्रों के लिए किताबें भी मुफ्त की गई हैं. हालांकि. इसका लाभ 284.07 करोड़ की लागत वाली स्कीम के तहत छात्रों को दिया जाएगा. 2025-26 से 2029-30 तक 5 साल में करीब 28.7 लाख छात्रों को फ्री में किताबें उपलब्ध करवाई जाएंगी.
ओडिशा में 'दक्षता विकास योजना' का ऐलान
सरकार की ओर से दक्षता विकास योजना की घोषणा की गई है जिसका फायदा करीब 4.20 लाख युवाओं को मिल सकेगा. सरकार ने इस योजना का ऐलान स्किलिंग राज्य के युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए किया है जिसके लिए 7,450 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी गई है. इस योजना को तीन साल- 2026-27 से 2028-29 तक चलाया जाएगा. इस योजना के तहत राज्य में युवाओं को डिजिटल स्किलिंग, प्लेसमेंट-लिंक्ड ट्रेनिंग से लेकर विदेशों में नौकरी के भी अवसर दिए जाएंगे. ऐसे में करीब 4.20 लाख युवाओं को इस योजना का लाभ मिल सकेगा.
ओडिशा कैबिनेट: नौकरी और शिक्षा क्षेत्र के लिए बड़े फैसले
- औद्योगिक क्षेत्र और रोजगार:- बीमार औद्योगिक इकाइयों को फिर से चालू करने और नौकरियां बचाने के लिए स्टाम्प ड्यूटी में राहत का ऐलान किया गया है.
- शिक्षकों के लिए सौगात:- सेकेंडरी एजुकेशन नियम 2026 के तहत हिंदी और संस्कृत शिक्षकों को कैडर का दर्जा और प्रमोशन के नए मौके दिए जाएंगे.
- डिप्लोमा इंजीनियरों को राहत:- प्रमोशन की संभावनाओं में सुधार के लिए JE और AE का रेशियो बदलकर 60:40 किया गया.
- डिजिटल सुरक्षा:- केंदुझार में 176.83 करोड़ रुपये की लागत से डिजास्टर रिकवरी-कम-डेटा सेंटर का निर्माण किया जाएगा.
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