NEP 2020: शिक्षक एक, भाषा अनेक; NCERT तैयार कर रहा है 'मल्टीलिंगुअल टीचर्स', स्कूलों में क्या बदलने जा रहा है पढ़ाई का तरीका?
NEP 2020 के तहत शिक्षा के क्षेत्र में कई बड़े बदलावों पर काम चल रहा है. इसी कड़ी में NCERT की एक नई योजना सामने आई है, जिसके तहत स्कूलों में एक से अधिक भाषाएं पढ़ाने वाले 'मल्टीलिंगुअल टीचर्स' तैयार किए जाएंगे. आइए विस्तार से जानते हैं कि आखिर क्या है NCERT का ये खास मास्टर प्लान?
NCERT Multilingual Teachers in Schools: क्या स्कूली शिक्षा में एक बड़े बदलाव की तैयारी है? भारत के स्कूली शिक्षा का ढांचा बदल सकता है? क्या स्कूलों में सिर्फ एक ही शिक्षक होगा जो अंग्रेजी, हिंदी, जैसी कई क्षेत्रीय भाषाएं पढ़ाएंगे? दरअसल, ये सवाल इसलिए खड़े हो रहे हैं क्योंकि राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) डीम्ड यूनिवर्सिटी में अपने परिवर्तन के तहत 'मल्टीलिंगुअल एजुकेशन' के एक खास मॉडल पर काम कर रही है.
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) के तहत मल्टीपल भाषाएं पढ़ाने वाले शिक्षकों को तैयार करने की मास्टर प्लानिंग चल रही है. इसका मकसद स्कूलों में भाषा शिक्षकों की कमी को दूर करना और छात्रों को एक साथ कई भाषाओं के ऑप्शन देना है. आइए जानते हैं NCERT के इस नए मॉडल से शिक्षकों का चयन कैसे होगा और स्कूलों में पढ़ाई का पूरा पैटर्न कैसे बदलने वाला है?
यूनिवर्सिटी का बदलाव, स्कूल शिक्षा में लाएगा चेंज
इस योजना के तहत प्रस्तावित कार्यक्रमों का उद्देश्य उस पारंपरिक व्यवस्था से आगे बढ़ना है, जहां सिर्फ एक ही शिक्षक एक ही भाषा को पढ़ाता है. नए मॉडल के तहत NCERT विश्वविद्यालय अब ऐसे शिक्षकों को तैयार करेगा, जो एक से ज्यादा भाषाएं पढ़ा सकेंगे. दरअसल, एनसीईआरटी के डीम्ड यूनिवर्सिटी बनने के बाद इसके अंतर्गत अंडर ग्रेजुएट (UG), पोस्ट ग्रेजुएट (PG) और रिसर्च प्रोग्राम (PhD) की पढ़ाई करने वाले छात्रों को कई भाषाएं पढ़ाने की स्किल्स सिखाई जाएंगी. इसके लिए उन्हें आवश्यक भाषा ज्ञान और शिक्षण कौशल दोनों हासिल करने की खास ट्रेनिंग दी जा सकती है.
अनेक भाषाएं पढ़ाने वाला 'एक' शिक्षक
एनसीईआरटी के डीम्ड यूनिवर्सिटी मॉडल से मिलने वाली स्पेशल ट्रेनिंग के बाद स्कूलों को ऐसे टीचर्स मिल सकेंगे, जो एक साथ कई भाषाएं पढ़ाने में सक्षम होंगे. इसका मुख्य उद्देश्य उन व्यावहारिक चुनौतियों का समाधान करना है, जो अक्सर स्कूलों को नए भाषा विकल्प शुरू करने से रोकती हैं. अगर स्कूल के पास ऐसे शिक्षक होंगे जो कई भाषाएं पढ़ा सकते हैं, तो छात्रों को भाषाओं के ज्यादा विकल्प देना काफी आसान हो जाएगा. एक बहुभाषी शिक्षक के होने से न सिर्फ स्कूलों को सहूलियत होगी, बल्कि ये कदम पूरे शिक्षा क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव ला सकता है.
नई शिक्षा नीति के तहत बहुभाषी शिक्षक पर विचार
दरअसल, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) के तहत बहुभाषावाद पर खास जोर दिया जा रहा है. स्कूलों में तीन भाषाएं जरूरी और कई भाषाओं को पढ़ाने जैसी योजना के लिए बहुभाषी शिक्षक की ट्रेनिंग पर विचार किया जा रहा है. स्कूल को कई भाषाओं की पढ़ाई करवाने वाला बनाने के लिए ये बहुत जरूरी है कि स्कूलों के पास पर्याप्त रूप से ट्रेंड टीचर हैं या फिर नहीं हैं.
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