SOCIAL MEDIA

Newsletter

PARTNER SITES
Select language

NEET छात्र पर 1 लाख रुपये का जुर्माना, कोर्ट की सुनवाई; NTA को मिला इंसाफ! OMR शीट पर खड़े किए थे सवाल

NEET UG 2026 Latest Update: नीट यूजी छात्र पर हाईकोर्ट ने 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है और एनटीए के खिलाफ दर्ज किए गए ओएमआर शीट को लेकर गड़बड़ी का मामला खारिज किया है. आइए पूरा मामला जानते हैं.

Written By Simran Singh
Published: Nov 03, 2026, 12:59 PM IST | Updated: Nov 03, 2026, 02:14 PM IST
Join

NEET UG 2026 Latest Update: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) पर सवालों की तलवार उस वक्त से ही घिरी हुई है, जब से नीट यूजी पेपर लीक का मामला सामने आया है. नीट यूजी के री-एग्जाम के रिजल्ट जारी होने के बाद भी NTA बुरी तरह से घिरा हुआ है और लगातार छात्रों के बीच विश्वास जीतने की कोशिश कर रहा है. नीट यूजी को लेकर जो विवाद शुरू हुआ था, वो अभी तक खत्म नहीं हुआ है. इस बीच लगातार सवालों के घेरे में घिरे एजेंसी को हाईकोर्ट से राहत भरी खबर सुनने को मिली है, लेकिन समस्या याचिकाकर्ता छात्र के लिए बढ़ चुकी है. 

दरअसल, मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम कराने वाली एजेंसी, NTA के खिलाफ अलग-अलग अदालतों में 100 से भी ज्यादा मामले पेंडिंग हैं. इस बीच कर्नाटक हाईकोर्ट ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के ओएमआर शीट विवाद को लेकर दर्ज एक याचिका को खारिज कर दिया है. इसके साथ ही कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए याचिकाकर्ता पर 1 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है. आइए पूरा मामला विस्तार से जानते हैं.

OMR शीट पर खड़े किए थे सवाल

एनटीए के खिलाफ 100 से ज्यादा याचिकाएं दाखिल हैं, जो अलग-अलग कोर्ट में दाखिल की गई हैं. कर्नाटक हाई कोर्ट की ओर से नीट यूजी के उस छात्र पर जुर्माना लगाया गया है, जिसने ओएमआर आंसर शीट में गड़बड़ी का आरोप लगाया था. याचिकाकर्ता की याचिका को खारिज कर कोर्ट ने 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है. कोर्ट ने कहा कि स्कैन की गई ओएमआर शीट और ओरिजिनल OMR में किसी तरह कोई अंतर नहीं मिला है. ऐसे में कोर्ट का टाइम और अदालती प्रक्रिया का दुरुपयोग करने के कारण जुर्माना लगाया गया है.

फर्जी OMR बनाने वालों को NTA की सख्त चेतावनी 

एनटीए के खिलाफ दाखिल याचिकाओं में अलग-अलग कोर्ट की ओर से एजेंसी को राहत मिल रही है. वहीं, एजेंसी की ओर से भी छात्रों को सलाह दी गई है कि ओएमआर शीट के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ न करें. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से फर्जी ओएमआर शीट बनाकर कोर्ट का दरवाजा खटखटाने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. AI की मदद से ओएमआर एडिट करना छात्रों के भविष्य के लिए भारी मुसीबत खड़ी कर सकता है. 

एनटीए ने साफ किया है कि अगर कोई छात्र नकली या जाली ओएमआर आंसर शीट बनाकर जमा करता है या सोशल मीडिया पर फैलाता है, तो उस पर प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स एक्ट, 2024 के तहत मामला दर्ज किया जा सकता है. इसके अलावा, भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IT) एक्ट, 2000 की गंभीर धाराओं के तहत भी छात्र के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई होगी.

ये भी पढ़ें- UPSC CDS I Final Result 2026 OUT: संयुक्त रक्षा सेवा परीक्षा का रिजल्ट जारी, AIR 1 रैंक के साथ लोहिताक्ष महाजन बने टॉपर

Add Zee News as a Preferred Source
TAGS:

About the Author

सिमरन सिंह को पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 साल का अनुभव है. उन्होंने पत्रकारिता की पढ़ाई हिमालयन यूनिवर्सिटी से की है. साल 2016 में उन्होंने मीडिया जगत में कदम रखा. इस दौरान इलेक्ट्रॉनिक से लेकर डिजिटल मीडिया से जुड़ी रहीं. पिछले 3 साल से News24 में थी और वहां बतौर फीचर लीड कई सेक्शन को संभाला. फिलहाल, Zee News में शिक्षा, रोजगार और करियर सेक्शन संभाल रही हैं.
Read More

ZEENEWS TRENDING STORIES