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राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद यानी एनसीईआरटी ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 9 की नई पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराई हैं. इनमें गणित की पुस्तक ‘गणित मंजरी भाग 2’ भी शामिल है. उपलब्ध जानकारी के अनुसार, गणित की यह किताब छप चुकी है और 21 सितंबर 2026 से बिक्री के लिए उपलब्ध है. नई किताब को संशोधित पाठ्यक्रम के अनुरूप तैयार किया गया है.
गणित पढ़ने का तरीका कैसे बदलेगा?
नई गणित की किताब में छात्रों को केवल किसी सवाल का सही उत्तर निकालने तक सीमित नहीं रखा जाएगा. इसमें इस बात पर भी जोर दिया गया है कि विद्यार्थी यह समझें कि किसी समस्या को हल करने के पीछे कौन-सा तर्क काम कर रहा है. इस तरह गणित सीखने में प्रक्रिया, समझ और तर्क को भी महत्व दिया गया है.
किन कौशलों पर रहेगा जोर?
नई गणित की पढ़ाई में कई महत्वपूर्ण कौशलों को शामिल किया गया है. इनमें कंप्यूटेशनल थिंकिंग, समस्या समाधान, गणितीय तर्क और वास्तविक जीवन से जुड़े उदाहरण प्रमुख हैं. कंप्यूटेशनल थिंकिंग के जरिए छात्रों को किसी समस्या को व्यवस्थित तरीके से समझने, उसके अलग-अलग हिस्सों पर विचार करने और समाधान तक पहुंचने की प्रक्रिया का अभ्यास कराया जाएगा.
अलग-अलग समाधान क्यों खोजेंगे?
नई किताब का उद्देश्य छात्रों को केवल पहले से तय तरीके या सूत्र के आधार पर सवाल हल करने तक सीमित रखना नहीं है. विद्यार्थियों को समस्या को समझने के बाद उसके समाधान के पीछे के तर्क पर विचार करने का अवसर मिलेगा. जरूरत के अनुसार वे किसी समस्या को हल करने के अलग-अलग तरीकों पर भी विचार कर सकेंगे. इससे गणितीय अवधारणाओं को समझने और उनका इस्तेमाल करने पर जोर रहेगा.
पुरानी किताब से क्या बदला?
नई किताब में विषयों को व्यवस्थित करने के तरीके में भी बदलाव किया गया है. दिए गए विवरण के अनुसार, पुराने एनसीईआरटी ढांचे में 14 इकाइयां थीं, जबकि नए पाठ्यक्रम में 15 थीम रखी गई हैं. यह बदलाव केवल विषयों की संख्या तक सीमित नहीं है, बल्कि टॉपिक्स की सीक्वेंसिंग और उनके पुनर्गठन से भी जुड़ा है.
विषयों का क्रम क्यों बदला?
नई संरचना में गणित के अलग-अलग विषयों को एक-दूसरे से जोड़कर समझाने पर ध्यान दिया गया है. विशेषज्ञों के अनुसार, विषयों की नई सीक्वेंसिंग का उद्देश्य छात्रों को गणितीय अवधारणाओं को क्रमबद्ध तरीके से समझने में मदद करना है. इससे विद्यार्थियों के लिए अलग-अलग अवधारणाओं के बीच संबंध समझना आसान हो सकता है.
वास्तविक जीवन से गणित कैसे जुड़ेगा?
नई पाठ्यपुस्तक में वास्तविक जीवन से जुड़े उदाहरणों को भी महत्व दिया गया है. इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को यह समझने में मदद करना है कि गणित केवल किताब में दिए गए सवालों और सूत्रों तक सीमित विषय नहीं है. रोजमर्रा की परिस्थितियों में गणितीय सोच और समस्या समाधान का इस्तेमाल किस तरह किया जा सकता है, इसे भी सीखने की प्रक्रिया का हिस्सा बनाया गया है.
छात्रों के लिए इसका क्या मतलब है?
कक्षा 9 के छात्रों के लिए नई किताब में गणित सीखने का फोकस उत्तर याद करने के बजाय समझ, तर्क और समस्या समाधान पर दिखाई देता है. पाठ्यक्रम में बदलाव के साथ पढ़ाई का तरीका भी अधिक गतिविधि और सोच आधारित बनाया गया है. इसलिए छात्रों को सवाल हल करते समय केवल उत्तर पर नहीं, बल्कि समाधान तक पहुंचने की प्रक्रिया और उसके पीछे के तर्क पर भी ध्यान देना होगा.