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National Means cum Merit Scholarship Scheme: अगर हम आपसे कहें कि सरकार खुद आपके बच्चे को 12000 रुपये पढ़ाई करने के लिए देगी तो क्या आप यकीन करेंगे? अगर नहीं, तो नेशनल मीन्स-कम-मेरिट स्कॉलरशिप स्कीम के बारे में जानने के बाद तो करना ही पड़ेगा. इस योजना के तहत सरकार द्वारा योग्य छात्रों को हर साल 12000 रुपये की स्कॉलरशिप दी जाती है. शर्त बस ये होती है कि छात्र को एक चयन परीक्षा में हिस्सा लेना होता है और उसमें पास होना होता है. उसके अलावा एक और चीज होती है फैमली इनकम यानी घर में कमाने वाले सभी की कमाई मिलाकर तय आय से ज्यादा न हो.
अगर आपका बच्चा भी कक्षा 8वीं में है 9वीं में जाने के लिए तैयार है या कक्षा 9वीं में है तो वो छात्र एलिजिबिलिटी की सभी शर्तें पूरी करने के तहत आवेदन कर सकते है, लेकिन एक बात का खास ध्यान ये रखाना होगा कि आवेदन की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर 2026 है. आइए फटाफट से ये जान लेते हैं किसे और कैसे NMMS स्कॉलरशिप का फायदा मिल सकता है.
नहीं, NMMS स्कॉलरशिप योजना स्कूल के सभी बच्चों के लिए नहीं है. इसका फायदा सिर्फ चुनिंदा और पात्र छात्रों को मिल सकेगा. इस योजना के तहत सरकारी स्कूल स्कूल, सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल और स्थानीय निकाय स्कूलों में पढ़ रहे योग्य छात्रों को ही एलिजिबल माना जाएगा. इस पात्रता के तहत सैनिक स्कूल, केंद्रीय विद्यालय (KVS) और जवाहर नवोदय विद्यालय (JNV) के अलावा प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र शामिल नहीं है, वो इस स्कॉलरशिप के लिए आवेदन नहीं कर सकते और ना ही उन्हें 12000 रुपये का लाभ मिलेगा.
नहीं, नेशनल मीन्स-कम-मेरिट स्कॉलरशिप स्कीम के तहत सिर्फ वो सरकारी स्कूल के बच्चे आवेदन कर सकते हैं जो नियमित रूप से कक्षा 8वीं की पढ़ा कर रहे हैं. इसके अलावा उन्होंने कक्षा 7वीं में न्यूनतम 55% अंक हासिल किए हो, वहीं SC/ST जैसे आराक्षित वर्ग के बच्चों के लिए 50% हासिल करना भी काफी है. स्कूल और कक्षा के अलावा पारिवारिक आय पात्रता का जरूरी हिस्सा है.
NMMS के लिए आवेदन करने वाले छात्र के परिवार की पारिवारिक आय साढ़े तीन लाख रुपये या उससे कम होनी चाहिए. अगर छात्र के माता-पिता के सभी स्रोतों से कुल मिलाकर सालाना कमाई 3,50,000 से ज्यादा हो जाती है तो वो आवेदन के लिए एलिजिबल नहीं माना जाता है.
NMMS की इस सरकारी योजना का लाभ सीधे तौर पर नहीं मिलेगा. आवेदन करने के बाद चयन परीक्षा में शामिल होना होगा और फिर उसमें पास उम्मीदवारों की मेरिट लिस्ट जारी की जाएगी जिसमें हर तरीके से एलिजिबिलिटी को देखते हुए लिस्ट में नाम शामिल होगा और उन्हीं लाभार्थियों को हर महीने 1000 रुपये यानी सालाना 12000 रुपये की राशि बैंक अकाउंट में दी जाएगी.
केंद्र सरकार नेशनल मीन्स-कम-मेरिट स्कॉलरशिप योजना के तहत 2026-27 के लिए एलिजिबल उम्मीदवार ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. इसके लिए उन्हें 31 अक्टूबर 2026 से पहले नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल (NSP) की आधिकारिक वेबसाइट scholarships.gov.in पर जाकर आवेदन करना होगा. इस योजना के तहत योग्य उम्मीदवार कक्षा 9वीं से 12वीं तक आर्थिक मदद के तौर पर 12000 रुपये सालाना की स्कॉलरशिप हासिल कर सकेंगे.
केंद्र सरकार की इस कल्याणकारी योजना के तहत देश भर के 1 लाख होनहार छात्रों को आर्थिक मदद के तौर पर 12,000 रुपये सालाना की स्कॉलरशिप दी जाती है. कक्षा 9वीं में प्रवेश लेने पर इसका लाभ चयन परीक्षा पास करने वाले छात्रों को मिलता है. अगर वो तय शैक्षणिक शर्तों को पूरा कर पाते हैं तो कक्षा 10वीं, 11वीं और 12वीं में भी उन्हें स्कॉलरशिप का फायदा मिलता रहता है.
एनएमएमएस योजना के तहत संबंधित राज्य सरकार की ओर से मानसिक योग्यता परीक्षण (MAT) और शैक्षिक योग्यता परीक्षण (SAT) जैसी दो चरण परीक्षा का आयोजन किया जाता है. एमएटी में लॉजिकल रीजनिंग, डिसीजन मेकिंग कैपेसिटी और रीजनिंग एबिलिटी चेक किया जाता है, जबकि SAT में स्कूली संबंधित सिलेबस के सब्जेट जैसे मैथ्स, साइंस और सोशल साइंस से जुड़े सवाल पूछे जाते हैं.