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मेडिकल छात्रों के लिए बड़ी राहत की खबर है. नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने शैक्षणिक वर्ष 2019-20 से प्रवेश लेने वाले पात्र MBBS छात्रों को पहले साल की परीक्षा पास करने के लिए एक अतिरिक्त प्रयास देने का फैसला किया है. एनएमसी के अनुसार 18वीं बैठक के दौरान ये फैसला लिया गया था जिसका आयोजन 23 सितंबर 2026 को हुआ था. दरअसल, कोविड-19 महामारी की वजह से व्यवधानों, स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं और अन्य व्यक्तिगत कठिनाइयों जैसी असाधारण परिस्थितियों के कारण छात्रों की ओर से अतिरिक्त प्रयास की मांग की जा रही थी.
छात्रों और विश्वविद्यालयों के ज्ञापनों के जवाब में NMC ने MBBS पहले साल के छात्रों को परीक्षा पास करने के लिए 1 और मौका देने का फैसला किया है. इसका मतलब ये हुआ कि शैक्षणिक वर्ष 2019-20 से प्रवेश लेने वाले MBBS छात्रों को 4 की जगह अब 5 प्रयास मिलेंगे.
Grant of One Additional Attempt (Mercy Attempt) to eligible MBBS students admitted from Academic Years 2019–20 and onwards for passing the First Professional MBBS Examination – one-time transitional relaxation in pending cases. #nmc #mbbs #attempt Link: https://t.co/5zTCbzKhrg
— National Medical Commission (@NMC_BHARAT) October 15, 2026
नेशनल मेडिकल कमीशन के मंजूर फैसल के मुताबिक, शैक्षणिक साल 2019-20 से MBBS में प्रवेश लेने वाले एलिजिबल छात्रों को पहले साल की परीक्षा पास करने के लिए तय 4 प्रयासों के बजाय अब 5वां मौका दिया जाएगा. ये छूट उन छात्रों पर भी लागू होगी जिन्होंने फर्स्ट ईयर पूरा करने की निर्धारित 4 साल की समय-सीमा पार कर ली है, लेकिन शर्त है कि उनका एडमिशन रद्द न हुआ हो.
हालांकि, आयोग की ओर से ये भी साफ कह दिया जा चुका है कि जिन छात्रों ने अदालत या आयोग की दया याचिका के तहत पहले ही 5 प्रयास पूरे कर लिए हैं, वो अब अतिरिक्त प्रयास का लाभ नहीं उठा सकते हैं. ये छूट सिर्फ एक बार ही मिलनी है और किसी को भी छठवें प्रयास की अनुमति नहीं दी जाएगी. जबकि, MBBS कोर्स पूरा करने की कुल अवधि एडमिशन डेट से 10 साल तक ही रहेगी, इसे आगे नहीं बढ़ाया जाएगा.