'AI की मदद लेना NEET में कितना सही?', नंदन नीलेकणि के पेपर लीक रोकने के फॉर्मूले पर सुपर 30 के आनंद कुमार का बड़ा बयान
देश में प्रतियोगी परीक्षाओं में सुधार के लिए गठित उच्च स्तरीय टास्क फोर्स के प्रमुख नंदन नीलेकणि ने हाल ही में NEET पेपर लीक को रोकने के लिए 'लास्ट मिनट प्रश्न पत्र तैयार करने' का बड़ा सुझाव दिया था. नंदन नीलेकणि के इस फॉर्मूले पर अब 'सुपर 30' के संस्थापक आनंद कुमार की प्रतिक्रिया सामने आई है.
NEET Paper Leak Solution: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के नीट (NEET) पेपर लीक मामले के बाद से ही पूरे परीक्षा सिस्टम पर लगातार सवाल खड़े किए जा रहे हैं. इसलिए केंद्र सरकार ने देश की प्रतियोगी परीक्षाओं में सुधार के लिए एक उच्च स्तरीय टास्क फोर्स का गठन किया था, जिसकी कमान इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि को सौंपी गई. हाल ही में नंदन नीलेकणि ने पेपर लीक रोकने के लिए एक बड़ा सुझाव दिया था. उन्होंने कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) के साथ-साथ प्रश्नों का एक बैंक तैयार करने और परीक्षा शुरू होने से ठीक पहले AI के जरिए 'लास्ट मिनट प्रश्न पत्र' तैयार करने की सिफारिश की थी. नीलेकणि के इस हाइटेक फॉर्मूले पर अब 'सुपर 30' के संस्थापक और प्रसिद्ध गणितज्ञ आनंद कुमार का बड़ा बयान सामने आया है.
सोशल मीडिया एक्स पर गणितज्ञ आनंद कुमार ने पोस्ट कर दन नीलेकणि के सुझाव पर असहमति जताई है. उन्होंने पोस्ट कर लिखा है कि 'AI की मदद लेना NEET में कितना उचित? श्री नंदन नीलेकणि जी मेरे लिए अत्यंत आदरणीय हैं. ये मेरा सौभाग्य रहा है कि उन्होंने अपनी प्रसिद्ध पुस्तक 'Imagining India: The Idea of a Renewed Nation' में मेरे और मेरे प्रयास सुपर 30 की प्रशंसा की है. उनके प्रति मेरे मन में हमेशा गहरा सम्मान रहा है. लेकिन हाल ही में NEET जैसी परीक्षाओं में पेपर लीक रोकने के लिए अंतिम समय में AI की मदद लेने का जो सुझाव उन्होंने दिया है, उससे मैं विनम्रतापूर्वक असहमत हूं.'
AI के इस्तेमाल पर विचार
आनंद कुमार का मानना है कि एग्जाम सिस्टम को ट्रांसपेरेंट और सुरक्षित बनाने के लिए एडवांस्ड टेक्नोलॉजी जैसे AI की मदद लेना एक पॉजिटिव कदम हो सकता है, लेकिन शर्त है कि इसका क्रियान्वयन पूरी ईमानदारी और सुरक्षा के साथ किया जाए.
नंदन नीलेकणि के फॉर्मूले की सराहना
सुपर 30 के संस्थापक आनंद कुमार ने तकनीकी दिग्गजों जैसे नंदन नीलेकणि द्वारा सुझाए गए युक्ति और सुधारों को शिक्षा व्यवस्था की खामियों को दूर करने के लिए एक मजबूत आधार माना है. उन्होंने ये भी कहा कि तकनीकी समाधानों के साथ-साथ परीक्षा आयोजित करने वाली संस्थाओं की प्रशासनिक सख्ती और जवाबदेही तय करना भी उतना ही जरूरी है, जिससे छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ न हो सके.
हर कोने छिपी प्रतिभा को पहचानना जरूरी
आनंद कुमार ने कहा कि पिछले कई दशकों से स्टूडेंट्स के साथ काम करने और AI की संभावनाओं को समझने के अपने अनुभव के आधार पर पेपर लीक रोकने के लिए जरूरी है कि हम व्यवस्था की कमजोरियां दूर करें, लेकिन इसके लिए नई व्यवस्था बनाना सही नहीं है. ऐसे में गरीब और प्रतिभाशाली बच्चों के लिए अवसर और ज्यादा कठिन हो सकता है. उन्होंने ये भी कहा कि एग्जाम का मतलब तकनीक की ताकत दिखाना नहीं, बल्कि देश के हर कोने में छिपी प्रतिभा को पहचानना है.
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