)
JEE Advanced 2026: देश की कठिन परीक्षाओं में से एक जेईई एडवांस्ड भी है जिसमें अच्छे रैंक से सफल होने वाले उम्मीदवारों को आईआईटी की टॉप संस्थानों में जगह मिल सकती है. इस साल जेईई एडवांस्ड 2026 के रिजल्ट में एक बड़ा बदलाव और पिछले कुछ सालों का रिकॉर्ड टूटता देखा गया है. इस साल परीक्षा पास के कुल प्रतिशत में भले ही मामलू बढ़ोतरी देखी गई हो लेकिन SC और ST जैसे आरक्षित वर्गों और महिला उम्मीदवारों के प्रदर्शन में शानदार रिकॉर्ड दर्ज हुआ है.
IIT रुड़की ने जॉइंट इम्प्लीमेंटेशन कमेटी (JIC) की रिपोर्ट जारी की है जिसके अनुसार इस साल जेईई एडवांस्ड में क्वालिफाई करने वाले उम्मीदवारों में SC और ST वर्ग के उम्मीदवारों की बढ़ोतरी देखी गई है.
रिपोर्ट के अनुसार जनरल कैटेगरी की तुलना में SC और ST वर्ग जैसे आरक्षित वर्गों ने लगभग 27 फीसदी तक बढ़ोतरी के साथ सफलता हासिल की है, जबकि 23.4 फीसदी महिला उम्मीदवारों ने क्वालिफाई किया है. ये आंकड़ा पिछले 6 साल के रिकॉर्ड को तोड़ रहा है.
| कैटेगरी | पास प्रतिशत |
| SC | 50.16% |
| ST | 42.14% |
| जनरल | 39.8% |
| OBC-NCL | 17.5% |
| महिलाएं | 23.4% |
आंकड़ों के विश्लेषण के अनुसार परीक्षा में शामिल होने वाले हर दूसरे में से एक एससी छात्र ने सफलता हासिल की है, जबकि ST उम्मीदवारों में 42.14 प्रतिशत उम्मीदवारों ने सफलता हासिल की है. पास होने वाले कुल उम्मीदवारों में 56,880 सफल अभ्यर्थी रहें जिनमें करीब 22,235 उम्मीदवार सिर्फ SC और ST वर्ग से हैं. पिछले साल सिर्फ 32% आरक्षित वर्ग के उम्मीदवार सफल हुए थे.
अगर पिछले 10 सालों के आंकड़ों पर नजर डालें, तो इस साल आईआईटी प्रवेश परीक्षा में महिलाओं की सफलता में 121 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है. एक दशक पहले जहां महिलाओं का क्वालिफिकेशन रेट सिर्फ 15 प्रतिशत था, वहीं 2026 में न सिर्फ उनके रजिस्ट्रेशन में 44% की वृद्धि हुई, बल्कि सफलता की संख्या में भी 121% का जबरदस्त उछाल देखने को मिला.
आईआईटी में छात्राओं की कम संख्या को देखते हुए जेंडर बैलेंस सुधारने की कवायद शुरू हुई थी. साल 2018 में सबसे पहले आईआईटी संस्थानों में 800 सुपरन्यूमरेरी सीटें खासतौर पर छात्राओं के लिए बनाई गई थीं. साल 2026 में सिर्फ 8 सालों में ये संख्या कई गुना बढ़कर 3,814 सिर्फ महिला के लिए सीटों तक पहुंच गई है.