महंगाई की मार या नियमों की दीवार: क्या सरकारी कर्मचारी कर सकते हैं पार्ट टाइम काम? जानें क्या कहता है कानून
Government Employee Part Time Job Rules: अगर आप भी सरकारी नौकरी करते हैं और अतिरिक्त कमाई के लिए कोई पार्ट-टाइम काम ढूंढ रहे हैं, तो पहले नियमों के बारे में जानना बेहद जरूरी है. आइए जानते हैं कि क्या कोई सरकारी कर्मचारी पार्ट-टाइम नौकरी, फ्रीलांसिंग, यूट्यूब चैनल या कोई बिजनेस कर सकता है?
Government Employee Part Time Job Rules: 'सखी साइयां तो खूब ही कमात है महंगाई डायन खाए जात है...' ये गाना तो आपने भी सुना होगा जिसे मशहूर गाना अभिनेता और गायक रघुवीर यादव ने बहुत ही खूबसूरती के साथ शब्दों की माला बनाकर पिरोपा है और असल जिंदगी में ज्यादातर आम जनता के लिए एक तरह का सच भी है. बढ़ती महंगाई ने कईयों की रीढ़ी की हड्डी टेड़ी कर दी है. अब गुजारा सिर्फ दो रोटी तक सीमित नहीं, बल्कि बच्चों की पढ़ाई-लिखाई से लेकर अन्य खर्चों के कारण हर महीने के आखिरी में मिलने वाली सैलरी कई बार काफी नहीं लगती है. ये ही कारण है कि चाहे कोई प्राइवेट नौकरी कर रहा हो या फिर सरकारी, उनके मन में अक्सर ये सवाल रहता है कि वो किस तरह अधिक कमाई कर सकते हैं.
भारत में अक्सर सरकारी नौकरी को सबसे सुरक्षित और बेहतर माना जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि सरकारी कर्मचारी भी कई बार महंगाई के दबाव में ये सोचते हैं कि क्या वो पार्ट-टाइम काम कर सकते हैं? क्या कानूनी तौर पर सरकारी नौकरी होने के बावजूद कोई कर्मचारी पार्ट-टाइम नौकरी कर सकता है? अगर आपके मन में भी ऐसा कोई सवाल है, तो आइए विस्तार से जानते हैं कि नियम इस बारे में क्या कहते हैं?
क्या कोई सरकारी स्कूल का शिक्षक ट्यूशन पढ़ाकर कमाई कर सकता है?
नहीं, कोई भी सरकारी स्कूल का शिक्षक पैसे लेकर या प्राइवेट कोचिंग सेंटर चलाकर कमाई नहीं कर सकता है. कानूनन इस पर पूरी तरह से प्रतिबंध है. RTE Act, 2009 की धारा 28 और CCS (आचरण) नियम, 1964 और नियम 15 के तहत किसी भी सरकारी टीचर के लिए प्राइवेट ट्यूशन और व्यावसायिक शिक्षण पर सख्त रोक है.
क्या कोई सरकारी कर्मचारी फ्रीलांस काम कर सकता है?
अक्सर हम सोचते हैं कि ऑफिस आवर्स के बाद हम जो भी करें, उस पर किसी की रोक नहीं हो सकती. सीधे शब्दों में कहें तो हमें लगता है कि ऑफिस के बाद अपने समय का इस्तेमाल करने की पूरी आजादी है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि कानून में कुछ ऐसे नियम हैं जो इस आजादी पर भी सीमाएं तय करते हैं? खासतौर पर सरकारी कर्मचारियों के लिए बने नियम कहते हैं कि ऑफिस के बाद किसी कंपनी के लिए फ्रीलांस काम करना हो या कोई बिजनेस शुरू करना हो, उसके लिए आधिकारिक मंजूरी लेना अनिवार्य है.
सरकारी कर्मचारियों के लिए नियम क्या कहते हैं?
- केन्द्रीय सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1964 का नियम 15:- इस नियम के तहत सरकारी कर्मचारियों के लिए निजी व्यापार, व्यवसाय और अतिरिक्त रोजगार से संबंधित स्पष्ट प्रावधान तय किए गए हैं.
- पूर्व अनुमति के बिना प्रतिबंध:- कोई भी फुल टाइम सरकारी कर्मचारी सरकार की पूर्व और लिखित अनुमति के बिना सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से किसी भी व्यापार, व्यवसाय या दूसरी नौकरी में शामिल नहीं हो सकता.
- ऑफिस टाइम का दायरा:- सिर्फ ऑफिस का समय खत्म होने के बाद काम करने से कोई भी निजी या पार्ट-टाइम नौकरी अपने-आप नियमों के दायरे से बाहर नहीं हो जाती.
- विभाग की अनुमति अनिवार्य:- अगर कोई कर्मचारी किसी निजी कंपनी या जगह पर नियमित पार्ट-टाइम काम करना चाहता है, तो उसे सबसे पहले अपने विभाग के लागू नियमों और अनुमति की शर्तों की अच्छे से जांच करनी चाहिए.
- नियम उल्लंघन पर कार्रवाई:- बिना मंजूरी के दूसरी नौकरी या व्यवसाय करते पाए जाने पर कर्मचारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है, जिसमें निलंबन और बर्खास्तगी भी शामिल है.
सरकारी नौकरी वाले यूट्यूब से कमाई कर सकते हैं?
कोई भी सरकारी कर्मचारी बिना विभाग की पूर्व अनुमति के यूट्यूब चैनल से कमाई या बिजनेस बेनिफिट नहीं ले सकता है. इससे संबंधित केंद्रीय सिविल सेवा (आचरण) नियम में लिखा हुआ है. सेंट्रल कंडक्ट रूल्स के नियम 15 के तहत किसी भी प्राइवेट तौर पर उत्पादित मीडिया प्रोग्राम या वीडियो मैगजीन में भाग लेने और किसी भी कार्य के बदले फीस या मानदेय लेने के लिए सरकार की पूर्व अनुमति लेना जरूरी है. यूट्यूब से मिलने वाला विज्ञापन राजस्व और स्पॉन्सरशिप इसी दायरे में आती है.
इसके अलावा नियम 8 में कहा गया है कि कोई भी सरकारी कर्मचारी सरकार की मंजूरी के बिना किसी समाचार पत्र, पत्रिका या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का स्वामित्व, संपादन या प्रबंधन नहीं कर सकता. एक नियमित यूट्यूब चैनल भी इलेक्ट्रॉनिक मीडिया या सार्वजनिक मंच के रूप में ही देखा जाता है. इसके अलावा नियम 9 के अनुसार कर्मचारी अपने वीडियो या चैनल पर ऐसा कोई बयान नहीं दे सकता जो केंद्र या राज्य सरकार की किसी नीति की आलोचना करता हो या सरकार के साथ संबंधों को प्रभावित करता हो.
सरकारी नौकरी के साथ कोई और भी काम करना हो तो कैसे करें?
अतिरिक्त कमाई के लिए अगर आप भी अपनी सरकारी नौकरी के साथ कोई और काम करना चाहते हैं, तो इसके लिए सबसे पहले ये जरूर देख लें कि आप जहां काम कर रहे हैं, उस विभाग में अतिरिक्त कमाई के लिए पार्ट-टाइम नौकरी या किसी अन्य काम को करने की अनुमति मिल सकती है या नहीं. बिना अनुमति के काम करने से बचना चाहिए, क्योंकि नियमों का उल्लंघन करना भविष्य में भारी पड़ सकता है और सख्त कार्रवाई भी हो सकती है.
अनुमति कैसे लें?
- अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) के लिए आवेदन: अपने विभाग के हेड को लिखित आवेदन दें और उसमें काम के बारे साफ तौर पर पूरी डिटेल्स लिख दें कि वो काम क्या है, उसमें कितना समय लगेगा और उससे सरकारी काम पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा.
- हितों का टकराव न हो: ये सुनिश्चित करें कि आपका अतिरिक्त काम आपके सरकारी पद या जिम्मेदारियों से टकराता न हो.
- लिखित अनुमति के बाद ही करें शुरुआत: जब तक विभाग से औपचारिक NOC या मंजूरी पत्र न मिल जाए, तब तक काम शुरू न करें.
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