IIIT से BTech, छोड़ी 6 हाई-प्रोफाइल नौकरियां: सिविल सेवा का सपना, ऐसे PCS क्रैक कर DSP बने श्रीकांत नायक
Success Story of DSP Srikanth Nayak: एक खेती-किसानी करने वाले का बेटा जब सफलता की ऊंचाइयों को छूता है, तो उसकी गूंज चारों ओर तेजी से सुनाई देती है. कैसे उन्होंने बीटेक के बाद पीसीएस क्रैक कर सक्सेस हासिल की, आइए जानते हैं.
Success Story of DSP Srikanth Nayak: 'ये जरूरी नहीं कि सफर शुरू कहां से किया है, बल्कि ये जरूरी है कि सफलता कहां से मिली है.' ये लाइन डीएसपी श्रीकांत नायक पर सटीक बैठती है. उन्होंने भले ही आईआईआईटी से बीटेक की डिग्री हासिल की हो, लेकिन अपने सपने को पूरा कर यह भी साबित कर दिया है कि असली संतुष्टि अपने लक्ष्य को पाने में ही है. हालांकि, सफलता हासिल करने तक के सफर को तय करने के लिए बेहद जरूरी है, अपने कंफर्ट से बाहर निकलना और जिस दिन आप ये कर पाए, उसी दिन बड़ी उपलब्धि हासिल कर सकते हैं.
दरअसल, डीएसपी श्रीकांत का कहना है कि जिंदगी में एक ठहराव नहीं बल्कि निरंतर कोशिश और बदलाव भी जरूरी है. जिस परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी न हो, लेकिन लाखों के सैलरी पैकेज के आगे सिविल सर्विस करने का सपना हो, उसे एक ऐसा शख्स ही पूरा कर सकता है जिसके सिर पर कुछ हासिल करने का जुनून सवार हो.
किसान परिवार से हैं श्रीकांत नायक
तेलंगाना के रहने वाले श्रीकांत नायक के माता-पिता ज्यादा पढ़े-लिखे नहीं थे, लेकिन अपने बच्चों को उन्होंने सही और अच्छी शिक्षा देने के लिए दिन-रात मेहनत की, जिससे उनके बच्चे को समाज में सम्मानजनक पद मिल सके. खेती-किसानी करके उनके माता-पिता ने उन्हें पढ़ाया-लिखा और काबिल बनाया.
बीटेक डिग्री के बाद एक नया मोड़
बचपन से ही पढ़ाई-लिखाई के मामले में श्रीकांत काफी होशियार रहे हैं. उन्होंने 12वीं में अच्छे अंक हासिल किए और IIIT बसारा में दाखिला लिया. साल 2018 में उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग (ECE) से बीटेक की डिग्री पूरी की.
नहीं देखा लाखों की सैलरी का पैकेज
बीटेक के लास्ट ईयर में आने के बाद जब कैंपस प्लेसमेंट में अलग-अलग कंपनियों द्वारा छात्रों को हाई-सैलरी की नौकरी का ऑफर दिया गया, तब श्रीकांत भी उनमें शामिल रहे. उस दौरान उन्हें भी लाखों रुपये का पैकेज ऑफर किया गया था, लेकिन उन्होंने सब कुछ छोड़ बचपन के सपने यानी सिविल सेवा की ओर कदम बढ़ाने का फैसला किया और इसकी तैयारी में जुट गए.
चार भर्ती परीक्षाओं को किया क्रैक
बीटेक के बाद उन्होंने सरकारी नौकरी हासिल करने की सोची और महज 6 महीनों के भीतर 4 अलग-अलग सरकारी भर्ती परीक्षाएं क्रैक कर डालीं. इन पदों में जूनियर असिस्टेंट, जूनियर पंचायत सचिव, सब-इंस्पेक्टर (SI) और VRO शामिल थे. हालांकि, उनका लक्ष्य कुछ और बड़ा था, इसलिए उन्होंने सब-इंस्पेक्टर पद को चुनकर तेलंगाना पुलिस सेवा ज्वाइन कर ली. सब-इंस्पेक्टर पद पर रहते हुए उनका कार्यक्षेत्र एक मंडल स्तर तक सीमित था, लेकिन उनकी नजरें इससे भी ऊंचे मुकाम पर थीं. इसलिए, नौकरी के साथ-साथ उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी जारी रखी.
नौकरी के साथ तैयारी और ऐसे मिली सफलता
उन्होंने साल 2022 में तेलंगाना राज्य लोक सेवा आयोग (TG PSC) के ग्रुप 1 परीक्षा की तैयारी शुरू की. जब भी खाली समय मिलता तब वो शॉर्ट नोट्स और वीडियो क्लासेस के माध्यम से पढ़ते थे और नतीजा ये रहा कि उन्होंने पीसीएस परीक्षा को क्रैक कर डीएसपी का पद हासिल कर लिया.
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