Do You Know: लद्दाख में हाईकोर्ट की पहली बेंच शुरू, भारत में सबसे पहला HC कहां बना था?
First High Court in India: केंद्र शासित प्रदेश, लेह में हाईकोर्ट की पहली स्थायी 'लद्दाख बेंच' की शुरुआत हो गई है और पहले दिन 5 मामलों की सुनवाई की जाएगी. क्या आप देश के पहले उच्च न्यायालय का नाम जानते हैं?
First High Court in India: लद्दाख के न्यायिक इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है. भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट की पहली स्थायी 'लद्दाख बेंच' (लेह) का उद्घाटन किया है. 21 अक्टूबर से इस स्थायी बेंच में नियमित कामकाज शुरू हो जाएगा, जिसके पहले दिन सूचीबद्ध 75 मामलों में से 5 प्रमुख मामलों की सुनवाई की जाएगी.
इस ऐतिहासिक बेंच की शुरुआत से लद्दाख के आम लोगों को बड़ी राहत मिलेगी, क्योंकि अब उन्हें अपने कानूनी मामलों की सुनवाई के लिए श्रीनगर या जम्मू के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे. इसके साथ ही क्षेत्र के नागरिकों की सुविधा के लिए ई-फाइलिंग पोर्टल, ऑनलाइन रिक्रूटमेंट पोर्टल और डिजिटल डॉक्यूमेंट मैनेजमेंट सिस्टम की भी शुरुआत की गई है. क्या आप जानते हैं कि भारत का पहला हाईकोर्ट कहां और कब स्थापित किया गया था?
भारत का पहला हाईकोर्ट कहां स्थित है?
भारत का पहला उच्च न्यायालय कोलकाता में स्थित है जिस जगह को पहले कलकत्ता कहा जाता था. भारतीय उच्च न्यायालय अधिनियम, 1861 के तहत कलकत्ता उच्च न्यायालय की स्थापना की गई थी.
भारत के पहले हाईकोर्ट की स्थापना कब हुई?
देश का सबसे पहला उच्च न्यायालय कलकत्ता हाईकोर्ट है, जिसकी स्थापना 1 जुलाई 1862 को हुई थी. इस ऐतिहासिक अदालत के पहले मुख्य न्यायाधीश सर बार्न्स पीकॉक थे. वर्तमान में इस हाईकोर्ट का अधिकार क्षेत्र, पश्चिम बंगाल राज्य और केंद्र शासित प्रदेश अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह तक फैला हुआ है.
कलकत्ता उच्च न्यायालय के पहले न्यायाधीश कौन थे?
कलकत्ता उच्च न्यायालय के पहले भारतीय न्यायाधीश शंभूनाथ पंडित थे, जिनकी नियुक्ति 1863 में हुई थी. वो इस पद पर अपनी मृत्यु 1867 तक कार्यरत रहे थे. उनका जन्म एक कश्मीरी पंडित परिवार में हुआ था और बाद में वो बंगाल में रहने लगे थे. उन्होंने कानून की डिग्री हासिल करने के बाद न्यायाधीश के तौर पर सफलता हासिल की थी.
भारत के पहले मुख्य न्यायाधीश कौन हैं?
भारत के प्रथम मुख्य न्यायाधीश का नाम हरिलाल जेकिसुंदास कानिया है जिन्हें संविधान लागू होने के बाद सर्वोच्च न्यायालय में नियुक्त किया गया था. 26 जनवरी 1950 को उन्हें प्रथम मुख्य न्यायाधीश के तौर पर कार्यभार संभालने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी.