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Nisarga Adhikary Name Added to US DoJ: 12वीं के बाद जब स्टूडेंट्स के बीच रिजल्ट को लेकर चिंता रही और अंक कम आने से छात्र बेहद परेशान हो रहे थे, तब 19 साल के टेक-जीनियस ने कमाल करके दिखाया. सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) के ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) पोर्टल की एक बड़ी सुरक्षा खामी का खुलासा कर पूरे देश को हैरान कर दिया था. आज उसी काबिलियत के दम पर दुनियाभर में निसर्ग के नाम का डंका बज रहा है. सीबीएसई की बड़ी सुरक्षा खामी को पकड़कर देश का ध्यान खींचने के बाद, अब उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारत का मान बढ़ाया है.
निसर्ग अधिकारी को अमेरिका से बड़ा सम्मान मिला है. अमेरिकी न्याय विभाग (US DoJ) द्वारा निसर्ग की इस काबलियत को सलाम करते हुए उन्हें अपने प्रतिष्ठित 'हॉल ऑफ फेम' में शामिल किया गया है. इसके बारे में खुद निसर्ग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के माध्यम से जानकारी दी है. उन्होंने ट्वीट करके बताया है कि उन्हें US DoJ (डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस) के हॉल ऑफ फेम में शामिल किया गया है.
Got added to US DoJ (Department of Justice) Hall of Fame pic.twitter.com/bDIFL5SoY9
— nisarga (@ni5arga) September 22, 2026
19 वर्षीय साइबर सुरक्षा शोधकर्ता निसर्ग अधिकारी का नाम अमेरिका के न्याय विभाग (US DoJ) के हॉल ऑफ फेम में दर्ज किया गया है. दरअसल, DoJ का हॉल ऑफ फेम उन साइबर सुरक्षा शोधकर्ताओं को सम्मानित करने के लिए बनाया गया है, जो सरकारी सिस्टम में सुरक्षा कमियों की पहचान करते हैं और जिम्मेदारीपूर्वक उनकी रिपोर्ट दर्ज कराते हैं. CBSE पोर्टल की सुरक्षा खामी उजागर करने के कारण ही निसर्ग को ये वैश्विक सम्मान मिला है. इस पहचान के बाद निसर्ग अधिकारी का एक छात्र शोधकर्ता से साइबर सिक्योरिटी प्रोफेशनल बनने का सफर और भी मजबूत होगा.
CBSE की खामी उजागर करने के बाद निसर्ग अधिकारी की प्रतिभा पूरे देश के सामने आई. उनके इस असाधारण काम को देखते हुए IIT कानपुर ने भी उन्हें अपने साथ जोड़ा. जून 2026 में, IIT कानपुर के साइबर सिक्योरिटी टेक्नोलॉजी इनोवेशन हब 'C3iHub' में निसर्ग को OSINT एवं थ्रेट इंटेलिजेंस इंजीनियर के रूप में नियुक्त किया गया. इसके साथ ही, वो इतनी कम उम्र में IIT जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में रिसर्च और इंजीनियरिंग पद पर नियुक्त होने वाले युवा विशेषज्ञ बने.
उन्होंने बताया था कि वो बहुत कम उम्र से कंप्यूटर से आकर्षित रहे हैं. करीब 13 साल की उम्र से उन्होंने शौक के लिए साइबर सुरक्षा में कदम रखा था. समय के साथ-साथ उनकी रुचि इसमें बढ़ने लगी और वो उसमें गंभीरता से आगे बढ़ाने लगे.