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Class 10 Board Exam 2027: पासिंग परसेंटेज में 33% का नियम बदला या वही रहेगा? CBSE ने दिया जवाब

CBSE 10th Passing Marks: सीबीएसई ने कक्षा 10वीं के छात्रों के लिए 2026-27 शैक्षिणिक सत्र के लिए पासिंग क्राइटेरिया को लेकर अपडेट जारी किया है. क्या 10वीं के लिए पासिंग प्रतिशत 33 प्रतिशत ही रहेगा या कुछ बदलाव हुआ है? आइए जानते हैं.

Written By Simran Singh
Published: Oct 03, 2026, 02:41 PM IST | Updated: Oct 03, 2026, 03:31 PM IST
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CBSE Class 10th Board Exam Passing Marks: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा कक्षा 10वीं के छात्रों के लिए पासिंग क्राइटेरिया को लेकर बड़ा अपडेट जारी किया है. इसके साथ ही बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों की सभी कन्फ्यूजन भी दूर कर दी है. सीबीएसई के आधिकारिक नोटिफिकेशन के अनुसार एकेडमिक ईयर 2026-27 में कक्षा 10वीं के छात्रों के लिए पासिंग प्रतिशत के नियम में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं होने वाला है. ऐसे में छात्रों के लिए बोर्ड परीक्षा में पासिंग मार्क्स 33 प्रतिशत रहेगा, लेकिन ये पासिंग क्राइटेरिया क्या है और हर सब्जेक्ट में कितना अंक लाने पर 10वीं पास हो सकते हैं, आइए जानते हैं.

क्या है 10वीं के लिए 33% का पासिंग क्राइटेरिया?

सीबीएसई के अनुसार पासिंग क्राइटेरिया वैसा ही जैसे पहले हुआ करता था. कक्षा 10वीं के छात्रों के लिए प्रत्येक 33 प्रतिशत पासिंग मार्क्स है. 10वीं में उस छात्र को पास माना जाएगा जो बोर्ड परीक्षा और इंटरनल असेसमेंट दोनों के अंक मिलाकर न्यूनतम 33 प्रतिशत अंक प्राप्त कर लेंगे. 

क्यों कन्फ्यूज हो रहे थे सीबीएसई के 33% पासिंग नियम को लेकर छात्र?

दरअसल, सीबीएसई के सेकंडरी स्कूल करिकुलम 2026-27 में पासिंग क्राइटेरिया से संबंधित जानकारी ये आई थी कि एक्सटर्नल बोर्ड एग्जाम और इंटरनल असेसमेंट में अलग-अलग 33 फीसदी अंक प्राप्त करने होंगे, जिसके बाद स्टूडेंट्स, अभिभावकों और स्कूलों के बीच कन्फ्यूजन होने लगी. हालांकि, अब सीबीएसई ने साफ कर दिया है कि पासिंग क्राइटेरिया वो ही रहेगा जो पहले था. स्टूडेंट्स को इंटरनल असेसमेंट और बोर्ड परीक्षा दोनों को मिलाकर प्रत्येक सब्जेक्ट में 33 प्रतिशत अंक लाने होंगे.

लिखित परीक्षा में कम अंक आए तो क्या छात्र फेल हो जाएगा?

नहीं, लिखित परीक्षा में कम अंक लाने का मतलब ये नहीं है कि स्टूडेंट 10वीं में फेल है, बल्कि ओवरऑल प्रदर्शन को देखा जाएगा. हर सब्जेक्ट में बोर्ड परीक्षा और इंटरनल असेसमेंट के अंक देखे जाएंगे. अगर इंटरनल असेसमेंट और बोर्ड परीक्षा, दोनों के अंकों को मिलाकर हर सब्जेक्ट में 33 प्रतिशत अंक पूरे होते हैं तो छात्र पास माना जाएगा.

लिखित परीक्षा और इंटरनल असेसमेंट में कितने-कितने अंक मिलते हैं?

कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा 80 अंक और इंटरनल असेसमेंट 20 अंकों के साथ आयोजित किया जाएगा. कुल मिलाकर 100 अंकों की परीक्षा में 33 प्रतिशत लाने वाला छात्र पासिंग क्राइटेरिया को पूरा करेगा. छात्रों के पास एक अच्छा मौका ये है कि वो परीक्षा की तैयारी के दौरान इंटरनल असेसमेंट पर फोकस करके भी पूरे अंक हासिल कर सकते हैं. जो उनके लिए बोर्ड परीक्षा के रिजल्ट को अधिक बेहतर बना सकता है.

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About the Author

सिमरन सिंह को पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 साल का अनुभव है. उन्होंने पत्रकारिता की पढ़ाई हिमालयन यूनिवर्सिटी से की है. साल 2016 में उन्होंने मीडिया जगत में कदम रखा. इस दौरान इलेक्ट्रॉनिक से लेकर डिजिटल मीडिया से जुड़ी रहीं. पिछले 3 साल से News24 में थी और वहां बतौर फीचर लीड कई सेक्शन को संभाला. फिलहाल, Zee News में शिक्षा, रोजगार और करियर सेक्शन संभाल रही हैं.
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