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मर्चेंट नेवी में करियर: कितनी करनी होगी पढ़ाई-लिखाई? कोर्स से लेकर सैलरी पैकेज तक सब कुछ यहां जानिए

Career in Merchant Navy: मर्चेंट नेवी में करियर बनाने का सोच रहे हैं तो उससे पहले ये जरूर जान लीजिए कि इसके लिए कौन सा कोर्स करना होगा? कोर्स करने के बाद कैसे नौकरी लगेगी? क्या करना जरूरी होगा और कितनी सैलरी मिलेगी?

मर्चेंट नेवी में करियर: कितनी करनी होगी पढ़ाई-लिखाई? कोर्स से लेकर सैलरी पैकेज तक सब कुछ यहां जानिए

करियर की बात आते ही हम सबकी पहली प्राथमिकता अच्छी सैलरी और एक सुरक्षित भविष्य की होती है. अगर आप भी ऐसा ही करियर ढूंढ रहे हैं, तो मर्चेंट नेवी एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है. ये न सिर्फ आपको शानदार कमाई और देश-विदेश घूमने का मौका देता है, बल्कि इसमें ग्रोथ की भी अपार संभावनाएं हैं. दुनिया भर का ज्यादातर व्यापार समुद्री रास्तों से ही होता है, इसलिए इस क्षेत्र में हमेशा ट्रेंड लोगों की भारी मांग रहती है. ऐसे में अगर आप भी इस रोमांचक फील्ड में कदम रखना चाहते हैं, तो आइए जानते हैं मर्चेंट नेवी में करियर कैसे बनाएं? 

मर्चेंट नेवी का क्या काम होता है? 

मुख्य रूप से मर्चेंट नेवी का काम समुद्री रास्ते से सामान और यात्रियों को एक देश से दूसरे देश या एक बंदरगाह से दूसरे बंदरगाह तक पहुंचाने का होता है. यहां साफ कर दें कि ये कोई भारतीय नौसेना की तरह नहीं होती है जिसका काम देश की सुरक्षा या युद्ध लड़ने का होता है बल्कि ये एक व्यावसायिक समुद्री क्षेत्र है. 

क्या 12वीं के बाद मर्चेंट नेवी में करियर बनाया जा सकता है? 

हां, 12वीं के बाद मर्चेंट नेवी में एक शानदार करियर बनाया जा सकता है. अगर आपने 12वीं फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स (PCM) विषयों के साथ पास की है, तो आप B.Sc. इन नॉटिकल साइंस, मरीन इंजीनियरिंग या DNS जैसे कोर्स करके इसमें शामिल हो सकते हैं. 

मर्चेंट नेवी के लिए कौन-कौन से कोर्स कर सकते हैं? 

जीपी रेटिंग: अगर आप कक्षा 10वीं या 12वीं के बाद शुरुआत करना चाहते हैं, तो यह एक एंट्री-लेवल ऑप्शन है. 6 महीने के इस कोर्स को करने के बाद आप डेक या इंजन विभाग में रेटिंग के तौर पर काम कर सकते हैं. मरीन इंजीनियरिंग में बी.टेक: अगर आपको टेक्नोलॉजी या मशीनों से संबंधित काम करना पसंद है, तो 12वीं (PCM) के बाद यह 4 साल का कोर्स कर सकते हैं. 

इलेक्ट्रो-टेक्निकल ऑफिसर (ETO): यदि आपकी रुचि इलेक्ट्रिकल या इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में है, तो आप ETO कोर्स करके जहाज के इलेक्ट्रिकल सिस्टम को संभालने का काम कर सकते हैं. 

B.Sc. या डिप्लोमा इन नॉटिकल साइंस (DNS): वहीं, अगर आपको जहाज के नेविगेशन और संचालन में इंटरेस्ट है, तो आप यह कोर्स चुन सकते हैं. इसे पूरा करने के बाद उम्मीदवार 'डेक कैडेट' के तौर पर शुरुआत करते हैं. आगे चलकर समुद्री अनुभव (हासिल करने और विभागीय परीक्षाओं को पास करने के बाद कैप्टन/ऑफिसर के पद पर प्रमोशन मिलता है. 

नौकरी कैसे मिलेगी? 

मर्चेट का कोर्स जैसे बीएससी, बीटेक, डीएनएस या जीपी रेटिंग पूरा करने के साथ-साथ उम्मीदवारों के लिए जरूरी होता है कि वो डीजी शिपिंग द्वारा मान्य डॉक्टर से मेडिकल फिटनेस पास करें. इसके अलावा STCW कोर्स और जरूरी समुद्री प्रमाणपत्र भी हासिल करना होता है. इसके बाद योग्य उम्मीदवारों को IMU कैम्पस प्लेसमेंट, स्पॉन्सरशिप या डायरेक्ट शिपिंग कंपनियों के माध्यम से जहाजों पर जॉइनिंग मिलती है. 

कितनी होगी सैलरी? 

सैलरी की बात करें तो शुरुआती दौर में जीपी रेटिंग या ट्रेनी कैडेट के तौर पर काम करने वाले उम्मीदवारों की कमाई 30,000 से 85,000 रुपये प्रति माह तक हो सकती है. वहीं, समुद्री अनुभव हासिल करने और प्रमोशनल एग्जाम पास करने के बाद जूनियर या सीनियर ऑफिसर के पद पर 1.5 लाख से 5 लाख रुपये प्रति माह तक सैलरी मिलती है. कैप्टन या चीफ इंजीनियर जैसे टॉप पदों पर पहुंच जाने के बाद हर महीने की सैलरी 8 लाख रुपये से 15 लाख रुपये या उससे अधिक तक हो सकती है. इसके अलावा, मर्चेंट नेवी की कमाई कई मामलों में टैक्स-फ्री भी होती है.

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About the Author

Simran Singh

Simran Singh

सिमरन सिंह को पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 साल का अनुभव है. उन्होंने पत्रकारिता की पढ़ाई हिमालयन यूनिवर्सिटी से की है. साल 2016 में उन्होंने मीडिया जगत में कदम रखा. इस दौरान इलेक्ट्रॉनिक से लेकर डिजिटल मीडिया से जुड़ी रहीं. पिछले 3 साल से News24 में थी और वहां बतौर फीचर लीड कई सेक्शन को संभाला. फिलहाल, Zee News में शिक्षा, रोजगार और करियर सेक्शन संभाल रही हैं.
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